मुसीबत (सच्ची घटना पर आधारित)
आप मुझे 40 हजार रुपये दे सकते हैं? मेरी बच्चियों की फीस भरनी है। मैं चंद दिनों बाद लौटा दूंगी। रमनी ने कहा।
रामू ने औरत की हालात पर तरस खाते हुए पैसे देने का वादा कर लिया। अगले दिन रमनी ने कहा-आप ये पैसे मेरी बच्ची के खाते में भेज दे तो बेहतर होगा क्योंकि उसे फीस भरनी है। रामू ने उनकी बच्ची के खाते में 40 हजार रुपये डाल दिए किंतु कुछ माह बाद पैसे मांगे तो औरत ने जवाब दिया-कैसे पैसे, मेरी बच्ची के खाते में डालकर तुम उन पर बुरी नजर रखते हो? अभी थाने में जाकर तुझे सीधा करवाती हूं। इतना सुन रामू के माथे पर पसीना छूट पड़ा। उसने तो हाथ जोड़कर आई मुसीबत को टाला। सिने भी कहानी सुनी वो अवाक रह गया।
**होशियार सिंह लेखक,कनीना,हरियाणा**
आप मुझे 40 हजार रुपये दे सकते हैं? मेरी बच्चियों की फीस भरनी है। मैं चंद दिनों बाद लौटा दूंगी। रमनी ने कहा।
रामू ने औरत की हालात पर तरस खाते हुए पैसे देने का वादा कर लिया। अगले दिन रमनी ने कहा-आप ये पैसे मेरी बच्ची के खाते में भेज दे तो बेहतर होगा क्योंकि उसे फीस भरनी है। रामू ने उनकी बच्ची के खाते में 40 हजार रुपये डाल दिए किंतु कुछ माह बाद पैसे मांगे तो औरत ने जवाब दिया-कैसे पैसे, मेरी बच्ची के खाते में डालकर तुम उन पर बुरी नजर रखते हो? अभी थाने में जाकर तुझे सीधा करवाती हूं। इतना सुन रामू के माथे पर पसीना छूट पड़ा। उसने तो हाथ जोड़कर आई मुसीबत को टाला। सिने भी कहानी सुनी वो अवाक रह गया।
**होशियार सिंह लेखक,कनीना,हरियाणा**
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