लघुकथा रावण
कमल ने रमन को दौड़ते हुए देख सहसा पूछा-आप कहां भागे जा रहे हो? रमन ने प्रत्युत्तर में कहा-आज दशहरा पर्व है, रावण को फूंका जा रहा है। आओ देखे उस रावण को जिसने सीता मां का हरण किया था। वो पापी अब खत्म हो जाएगा।
कमल ने लंबी सांस लेते हुए कहा-हूं, वो पापी कभी नहीं मरेगा। अपने गांव में भी तो चार रावण है जिन्होंने बलात्कार तक किया है। उनको भी तो इस रावण संग फूंक दो। रमन अवाक, सोच में डूब गया और सोच रहा था कि राम के वक्त तो एक रावण का जिक्रा आता है और वर्तमान में तो रावणों का अंबार है। कैसे इनका अंत होगा?
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
कमल ने रमन को दौड़ते हुए देख सहसा पूछा-आप कहां भागे जा रहे हो? रमन ने प्रत्युत्तर में कहा-आज दशहरा पर्व है, रावण को फूंका जा रहा है। आओ देखे उस रावण को जिसने सीता मां का हरण किया था। वो पापी अब खत्म हो जाएगा।
कमल ने लंबी सांस लेते हुए कहा-हूं, वो पापी कभी नहीं मरेगा। अपने गांव में भी तो चार रावण है जिन्होंने बलात्कार तक किया है। उनको भी तो इस रावण संग फूंक दो। रमन अवाक, सोच में डूब गया और सोच रहा था कि राम के वक्त तो एक रावण का जिक्रा आता है और वर्तमान में तो रावणों का अंबार है। कैसे इनका अंत होगा?
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
No comments:
Post a Comment