Saturday, December 21, 2019

                          सब कुछ खोया
जब पत्नी का देहांत हुआ तो राजू को लगा कि कुछ खो दिया है किंतु ज्यों-ज्यों समय बीतने लगा अनेकों समस्याएं आड़े आने लगी और समस्याओं को हल करते करते परेशान हो गया। कोई कहता कि रोटी बनाने वाली खो दी तो कोई कहता बच्चों की पालन करने वाली खो दी, किसी ने अर्धांगिनी खोने का इशारा किया तो किसी ने घर की सफाई करने वाली बताया। राजू को हर समय, हर मुद्दे पर उनकी याद आने लगी तो उसने बरबस कहना पड़ा कि मैंने पत्नी ही नहीं खोई अपितु सब कुछ खो दिया। एक गाड़ी के अगर दो पहियों में से एक टूट जाए तो गाड़ी की कल्पना कर पाना कठिन है। वह गाड़ी आगे नहीं चल पाएगी। एक जगह गिरकर टूट जाएगी। पत्नी खोकर राजू को लगा कि अब तो एक पहिये की गाड़ी बच गई। यह ज्यादा दिन नहीं चलेगी।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**

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