Sunday, December 22, 2019

                                                                   नजारा
                       

  (सच्ची घटना पर आधारित)
परीक्षाएं चल रही थी कि लड़की का दादा धोती कुर्ता पहनकर नकल करवाने आता था। पुलिस परीक्षा केंद्र के बाहर खड़ी रहती थी किंतु बुजुर्ग दीवार फांदकर नकल डालकर दीवार फांद भाग जाता था। दीवार में दोनों ओर पैर रखने का छेद बना रखा था। पुलिस बुजुर्ग से बेहद परेशान थी। क्योंकि वह पुलिस के रहते नकल करवा रहा था। अबकी बार पुलिस बहुत सतर्क थी। बूढ़ा भी नकल करवाने के लिए आमादा था। मौका देखकर दीवार में बने छेद में पैर रखने लगा तो उनकी धोती पैर के अंगुठे में फंस गई और जोर लगाकर बुजुर्ग ने दीवार फांदने का प्रयास किया तो धोती खुलकर बाहर गिर गई और बुजुर्ग ने दीवार के दूसरी ओर छलांग लगा दी। दुर्भाग्यवश बुजुर्ग ने अंग वस्त्र (कच्छा) भी नहीं पहन रखा था। ऐसे में वो नकल गिरानी तो भूल गया और नंगा शर्मिंदा होकर बाहर कूदने का प्रयास करने लगा।  हवलदार ने कहा-ठहरो। इतना कह तो दिया किंतु बूढ़े को देखते ही अपनी आंखों पर हाथ रखकर दूसरी ओर देखने लगा। जिस किसी की नजर पड़ी हंसी की फुहार छूट रही थी। मारे शर्म के बुजुर्ग दुबारा नकल डालने नहीं आया। पुलिस ने भी राहत की सांस ली।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**

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