लघुकथा शपथ
पति पत्नी को एक साथ अघ्र्य देते हुए देख अनीता ने कहा-वाह! आज तो दोनों के बीच मधुर संबंध देखने को मिल रहा है। भगवान करे कि यह प्यार यूं ही दोनों के बीच पलता रहे।
पति पत्नी ने अनीता के पैर छूते हुए कहा कि आपका आशीर्वाद बना रहा तो अपार सफलताएं मिलेंगी। सबसे अधिक तकरार सास और बहु के बीच मिलती है। आज से चंद्रमा समक्ष शपथ लो कि कभी मनमुटाव नहीं आने देंगे। अनीता ने जब दोनों की बात सुनी तो दोनों को गले से लगा लिया।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
पति पत्नी को एक साथ अघ्र्य देते हुए देख अनीता ने कहा-वाह! आज तो दोनों के बीच मधुर संबंध देखने को मिल रहा है। भगवान करे कि यह प्यार यूं ही दोनों के बीच पलता रहे।
पति पत्नी ने अनीता के पैर छूते हुए कहा कि आपका आशीर्वाद बना रहा तो अपार सफलताएं मिलेंगी। सबसे अधिक तकरार सास और बहु के बीच मिलती है। आज से चंद्रमा समक्ष शपथ लो कि कभी मनमुटाव नहीं आने देंगे। अनीता ने जब दोनों की बात सुनी तो दोनों को गले से लगा लिया।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
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