बदनाम
नेता राजू दूसरे नेता तोंदू को माला पहनाता देख राम ने महेश से कहा-अरे यह क्या? राजू तो तोंदू को कल गाली दे रहा था। आज यह उसे ही माला पहनाकर स्वागत कर रहा है। विगत वर्ष तो यह राजू किसी और नेता के गुण गा रहा था। एक ही साल में तीन-तीन नेताओं के गुण गा चुका है।
महेश ने जवाब दिया-भाई राजनीति है। दल बदलने से ही तो नाम होता है। चाहे नाम बदनाम ही क्यों न हो? नेताओं के लिए सब कुछ जायज है। आजकल उन्हीं को नेता माना जाता है जो ज्यादा बार दल बदले।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
नेता राजू दूसरे नेता तोंदू को माला पहनाता देख राम ने महेश से कहा-अरे यह क्या? राजू तो तोंदू को कल गाली दे रहा था। आज यह उसे ही माला पहनाकर स्वागत कर रहा है। विगत वर्ष तो यह राजू किसी और नेता के गुण गा रहा था। एक ही साल में तीन-तीन नेताओं के गुण गा चुका है।
महेश ने जवाब दिया-भाई राजनीति है। दल बदलने से ही तो नाम होता है। चाहे नाम बदनाम ही क्यों न हो? नेताओं के लिए सब कुछ जायज है। आजकल उन्हीं को नेता माना जाता है जो ज्यादा बार दल बदले।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
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