Saturday, December 21, 2019

                                       दरिंदा
शोर मचा हुआ था। कोई कह रहा था इसे मारो तो कोई कह रहा था कि आज बचने न पाए। कोई लाठी तो कोई डंडों से धुनाई करने में लगा हुआ था। आखिरकार उसे अधमरा करके पटक दिया। उसके कपड़े डंडों की मार के कारण फट चुके थे। शरीर से खून बह रहा था। किंतु लोगों का रोष अभी बाकी था। तभी भीड़ से एक सज्जन ने पूछा कि यह कौन है तथा इसे क्यों पीटा जा रहा है?
पास खड़े सज्जन ने जवाब दिया कि यह दरिंदा है। इसने अपने दोस्त की लड़की के साथ मुंह काला कर डाला है। एक ओर तो यह उसे अपना दोस्त कहता था किंतु दोस्ती का लाभ उठाकर दोस्त की बेटी के साथ मुंह काला करता था। ऐसे जन को तो धरती पर जीने का कोई अधिकार नहीं है। इतना सुनकर फिर से अधमरे की धुनाई शुरू हो गई। कोई भी घटना सुनता बस दो-चार डंडे ,लात या घूंसे जड़ देता। थोड़ी देर कराहने के बाद उसने दम तोड़ दिया। सभी के मुख से निकला-ऐसा दरिंदा धरती पर अधिक जीवित रहता तो न जाने कितनी बच्चियों की जिंदगी बर्बाद कर देता। अच्छा हुआ कि नरकलोक में चला गया।
**होाियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा***

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