खुशियां
राम खुशी से उछल पड़ा क्योंकि आज उन्हें सरकारी नौकरी मिल गई थी। आज ही घर में एक बच्ची ने भी जन्म लिया था। घर में खुशियां छा गई। राम आज बहुत खुश था कि तीन वर्ष पूर्व आज ही के दिन उनकी शादी हुई थी। शादी की सालगिरह भी मनाई जा रही थी। तभी राजू ने आकर पूछा-राम, तुमने कौन सा ऐसा कर्म किया था जिसके चलते घर खुशियों से भरा हुआ है। राम ने उत्तर दिया-भाई, मेरे घर में कन्या के जन्म के बाद खुशियां ही खुशियां छा गई। मुझे नौकरी मिल गई, इसी दिन शादी हुई थी। सब कन्या के घर में आगमन से हुआ है। राम की बात सुनकर राजू अति प्रसन्न हुआ और कहा-सचमुच लड़की का जन्म घर की दरिद्रता को दूर करता है।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
राम खुशी से उछल पड़ा क्योंकि आज उन्हें सरकारी नौकरी मिल गई थी। आज ही घर में एक बच्ची ने भी जन्म लिया था। घर में खुशियां छा गई। राम आज बहुत खुश था कि तीन वर्ष पूर्व आज ही के दिन उनकी शादी हुई थी। शादी की सालगिरह भी मनाई जा रही थी। तभी राजू ने आकर पूछा-राम, तुमने कौन सा ऐसा कर्म किया था जिसके चलते घर खुशियों से भरा हुआ है। राम ने उत्तर दिया-भाई, मेरे घर में कन्या के जन्म के बाद खुशियां ही खुशियां छा गई। मुझे नौकरी मिल गई, इसी दिन शादी हुई थी। सब कन्या के घर में आगमन से हुआ है। राम की बात सुनकर राजू अति प्रसन्न हुआ और कहा-सचमुच लड़की का जन्म घर की दरिद्रता को दूर करता है।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
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