Sunday, December 29, 2019



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  • Virender Singh नमस्कार जी।मेरा आपसे यह निवेदन है कि संस्कृत अध्यापको की समस्या को भी मीडिया में उठाए।जिस संस्कृत अध्यापक के पास 10 वर्ष का कक्षा 6से8तक हिंदी विषय पढाने का अनुभव है हिंदी में पी जी है क्या वह हिंदी पी जी टी के पद पर पदोन्नति के योग्य नहीं है? कृपया इस विषय को समाचार पत्रों में प्रकाशित करने का कष्ट करे ताकि संस्कृत अध्यापको के साथ हो रहे अन्याय का समाधान हो सके।
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कंटीली चौलाई
बारिश के पश्चात खेतों में, बंजर भूमि पर कंटीलीे चौलाई भारी मात्रा में उगी हुई है। अक्सर लोग चौलाई के अभाव में प्रयोग कर रहे हैं। यह एक खरपतवार है जो पीग विड नाम से भी जाना जाता है। भूमि के नाइट्रोजन बहुत अधिक अवशोषित कर लेती है। लोग इसे हरी सब्जी बतौर खाते हैं। रोड़ किनारे भारी मात्रा में खड़ी देखी जा सकती है। यदि अधिक मात्रा खा ली जाए तो गुर्दे की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है। इसमें आक्जेलिक एसिड पाया जाता है। दूर से खेत ऐसे लगते हैं जैसे हरी भरी फसल खड़ी हो।
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  • Navin Kaushik Ishrana Samajsevi ❤️❤️जय श्री श्याम ❤️❤️गुरुजी आप की हर एक बात युवा पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा हैं✔️
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  • Virender Singh Jangra जय हो भोले की परमात्मा शिव भोले आपकी मनोकामना पूर्ण करें इन्हीं शुभकामनाओं के साथ शुभ रात्रि
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जय भोलेनाथ!
साथियों एवं दोस्तों,
21 जुलाई को हरिद्वार यात्रा पर निकल जाने के कारण अपनी कोई पोस्ट नहीं डाल सका। 22 जुलाई को हरिद्वार की हर की पौड़ी से आठवीं कांवड़ उठा लेने के बाद 27 जुलाई को बाघेश्वरी धाम पहुंचा। 28 जुलाई को प्रात: 12:31 पर बाघेश्वरी धाम पर अर्पित की गई। इस बार कम समय तथा कांवड़ दौरान व्रत रखते हुए यह धार्मिक कार्य पूर्ण किया है। किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हुई। इससे पूर्व सात ध्वज भी अब तक खाटू श्याम को अर्पित कर चुका हूं। आप सभी पर भोलेनाथ की असीम कृपा बनी रहे। जय भोलेनाथ-------होशियार सिंह लेखक,कनीना
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