Thursday, June 30, 2022

                      कल
दोहा
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बात करों बस आज की, कल की बीती रात।
समय बड़ा बलवान है, बिगड़े जन हालात।।

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-होशियार सिंह यादव,
कनीना, जिला-महेंद्रगढ़ हरियाणा


मुरीद
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खुशियां भर जाती सदा, आये होली ईद।
त्योहारों को जानकर, होते लोग मुरीद।।
नहीं परवाह जान की, पल में दे बलिदान,
देशभक्ति है जागती, होते वीर शहीद।।
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-होशियार सिंह यादव,
कनीना, जिला-महेंद्रगढ़ हरियाणा



दोहा
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बारिश के दिन आ गये, मचा हुआ है शोर।
दादुर छेड़े तान जल, वन में नाचे मोर।।
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-होशियार सिंह यादव,
कनीना, जिला-महेंद्रगढ़ हरियाणा



अंदेशा
दोहा
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अब अंदेशा हो चुका, होनी है बरसात।
उमड़ घुमड़ कर चल पड़े, बादल ले बारात।।
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-होशियार सिंह यादव,
कनीना, जिला-महेंद्रगढ़ हरियाणा




दीवानगी
क्षणिकाएं
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दीवनगी की हद होती,
पीते लोग यहां शराब,
अपनी जिंदगी जी रहे,
औरों की करे खराब।।


दीवानगी अजब चीज,
सुध बुध खो दे लोग।
प्रेम में खोये रहते हैं,
कैसा तन का रोग।।
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-डा होशियार सिंह यादव,
कनीना, जिला-महेंद्रगढ़ हरियाणा

Tuesday, June 28, 2022

                  समझौता जिंदगी से
विधा-कविता
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समझौता जिंदगी से करना पड़ा,

आज देखो फैसला लिया कड़ा।
भरा था पानी से खिंचकर खुद,
टूट पानी बिखर गया अब घड़ा।।

समझौता जिंदगी से करना ठीक,
वरना दुनिया में मांगेंगे जन भीख।
क्या जमाना आज आ गया देखो,
बिना रोये ही जन आती है चीख।।

समझौता जिंदगी से कर लो अब,
बीत गया समय तो नहीं होगा तब।
किसी की जिंदगी क्या ख्वाब देती,
इंसान क्या जाने बस जानेगा रब।।

समझौता जिंदगी से करना आज,
फिर देखो जिंदगी पर करो राज।
जग में जिसने समझौता सीखा है,
दुनिया करती है उन पर ही नाज।।
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स्वरचित/नितांत मौलिक
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*डा होशियार सिंह यादव
मोहल्ला-मोदीका, वार्ड नंबर 01
कनीना-123027 जिला महेंद्रगढ़ हरियाणा
  फोन 09416348400



विधा-कविता
मजदूरी
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बहुत बुरी हो मजदूरी, नहीं मिले वो मजबूरी,
भूखे बच्चे खाने खातिर, सपने लिये अंगूरी।
देता नहीं कोई जन काम,भटकते सुबह शाम,
बस बैठकर सोचे लेते उस दाता का ही नाम।।

आबादी बढ़ती ही जाये, रोजगार घटता जाये,
बच्चे भूखे तड़प रहे, करते रहते हैं हाय हाय।
पढ़ लिखे भी हैं बेरोजगार, खो गया है प्यार,
अच्छी खासी जिंदगी भी, लगने लगी बेकार।।

रोजगार बढ़ते नहीं, आधुनिकता पड़ती मार,
छोटे मोटे काम नहीं बचे, सोच बढ़ी हजार।
जब उनको रोजगार मिले, आये तन खुशियां,
आज प्रसन्नता घेर रही, कल तक जो दुखियां।।

बना दिये इंसान प्रभु ने, मिलती नहीं है रोटी,
पैदा हो गये जीवन पा, कैसी जिंदगी है खोटी।
आएगा कभी वो वक्त, कल्कि लेेकर अवतार,
हो सकता है खुशी देंगे वो, मिले जहां का प्यार।।
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स्वरचित/नितांत मौलिक
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* होशियार सिंह यादव
मोहल्ला-मोदीका, वार्ड नंबर 01
कनीना-123027 जिला महेंद्रगढ़ हरियाणा










  फोन 09416348400

Monday, June 27, 2022

                     हर पल दिल बस तुमको देखे
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विधा-कविता
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हर पल दिल बस तुमको देखे,
गीत सुनहरे बस मन में लेके।
आएगा वो दिन ऐसा भी कभी,
एक दूजे बस सम्मुख देखे।।

हर पल दिल बस तुमको देखे,
अच्छे बुरे कितने दिन भी देखे।
आएगा धन्वंतरि अमृत भी लेके,
सुख और दुख सब बनते भुलेके।।

हर पल दिल बस तुमको देखे,
यादों में बस जाये जन की आश,
पास आओगे एक दिन तुम भी,
सब कष्टों का हो जाएगा विनाश।।
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स्वरचित/मौलिक
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* डा. होशियार सिंह यादव
मोहल्ला-मोदीका, वार्ड नंबर 01
कनीना-123027 जिला महेंद्र





गढ़ हरियाणा
  फोन 09416348400



                 कविता
                  जमाना
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क्या जमाना आ गया, मूर्ख करते राज,
भारी भरकम शरीर ले, बजा रहे है साज।।
भैंस के ऊपर कुकर सोता,भैसं खड़ी रोती,
बुरा जमाना देखकर, वो नहीं कभी सोती।।

प्रजा भी नहीं बोलती, देखे पीठ पर भार,
कुत्ते बैरी राज करे, मिलती जन को हार।।
देख समाज की हालत, भैंस करे विचार,
भैंस के आगे बीन बजे, करे पीठ पर वार।।
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-होशियार सिंह यादव,
कनीना, जिला-महेंद्रगढ़ हरियाणा

Sunday, June 26, 2022

                      कविता
मन से ले सोच
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बत्ती गुल दिमाग की, करने चला काम,
पढऩा मुश्किल हो तेरा,हो जग बदनाम।
सुंदर काम कर न सके, होगी ऐसी चाल,
ऐसे करेगा काम जग, आ जाये भूचाल।।

जाला पड़ा दिमाग पर,हो गये उल्टे काम,
शुभ काम को भूलता, सुबह हो या शाम।
बत्ती दिमाग की जला, आ जाये आवेश,
आधा दिमाग पास तेरे, जीवन थोड़ा शेष।।

धन दौलत को मानता,अपना ही तू मान,
अधम प्राणी सोच ले,यहीं तेरा है अज्ञान।
दिमाग का जाला ले हटा, कर शुभ काम,
तब जाकर तूझको मिले, वो प्रभु का धाम।।

कितने लोग जहान के, आधे हो गये आज,
अधर्म पाप में डूब गये, नाश करे दिल राज।
धर्म कर्म गर तू करे, हो जा जगत को नाज,
एक दिन धराशाई मिले, तेरे सिर का ताज।।
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मौलिक/स्वरचित
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*होशियार सिंह यादव
वार्ड नंबर 1, मोहल्ला मोदीका
कनीना -123027
जिला-महेंद्रगढ़, हरियाणा
09416348400





जिम्मेदारी
विधा-कविता   
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जिम्मेदारी बहुत बड़ी, गर कोई माने लोग,
आजीवन भर बंधन का, कहलाता संयोग।
भूल अगर कोई मिले, गैर जिम्मेदार नाम,
छोटी छोटी भूल करे जन हो जा बदनाम।।

बचपन से बुढ़ापे तक, जिम्मेदारी है बोझ,
कितनी जिम्मेदारी जन, करता आया रोज।
जिम्मेदारी निभा सके, वो कहलाता इंसान,
जिम्मेदारी भूलता,वो जन कहलाए अज्ञान।।

जिम्मेदारी एक पिता, परिवार का पालना,
जिम्मेदारी युवा वर्ग, भाग्य को पहचानना।
जिम्मेदारी मात पिता, जीवनभर निभाते हैं,
उनसे बड़ा कोई नहीं, साधु संत बताते हैं।।

जिम्मेदारी गुरु की हो, देता शिक्षा अज्ञान,
मान बड़ाई तब बढ़े, पा शिक्षा बने महान।
शिष्य उसे ही मानते,जो पूरा करे गुरु ज्ञान,
कोई जग में नहीं रहे,जिम्मेदारी से अंजान।।

जिम्मेदारी पाकर श्रीराम,बनवास गये गमन,
बेशक अयोध्या दर्द में,जंगल बनाया चमन।
सीता, लक्ष्मण जिम्मेदार,करते थे निज काम,
पूरे जग में हो गया,सीताराम,लखन का नाम।।

जिम्मेदारी लेकर आये, जगत के कितने देव,
सुंदर वाणी बोलते, वशिष्ठ और  शुकदेकव।
जिम्मेदारी लेकर आये, त्रेता में प्रभु श्रीराम,
अपने कितने कत्र्तव्य निभाये,द्वापर के श्याम।।

जिम्मेदारी निभा रहे हैं,बड़े बूढ़े सब इंसान,
जिम्मेदारी आगे चले, बनकर आये मेहमान।
भूलकर जिम्मेदारी को,नहीं भुलाना चाहिए,
जिंदगी बड़ी अनमोल, हर जन को हँसाइये।।

साहसी पुरुष वहीं होते,छोड़े न जिम्मेदारी,
जिम्मेदारी को देखकर, सारी दुनियां हारी।
बहुत कठिन संसार में, पूरा करे जिम्मेदारी,
साधु संत खरे उतरे, खरी उतरे बीर प्यारी।।
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स्वरचित/मौलिक
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* डा. होशियार सिंह यादव
मोहल्ला-मोदीका, वार्ड नंबर 01
कनीना-123027 जिला महेंद्रगढ़




हरियाणा
  फोन 09416348400







Friday, June 24, 2022

 
                  शब्द-संसार
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सुंदर लगता है बहुत, कहलाता संसार।
आपस में जन झूमते, मिलती प्रीत हजार।।
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-होशियार सिंह यादव,
कनीना, जिला-महेंद्रगढ़ हरियाणा




रात/दोहा
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हर जीवन की जिंदगी, आती है इक रात।
पाप पुण्य को याद कर, निकल पड़े बारात।।
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* होशियार सिंह यादव
कनीना, जिला महेंद्रगढ़,  हरियाणा




विषय-जरूर
दोहा
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पढ़ों जरूर जहान में, करना सुंदर काम।
बुरे कर्म इंसान के, कर सकते बदनाम।।
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* होशियार सिंह यादव
कनीना, जिला महेंद्रगढ़,  हरियाणा




दर्शन
दोहा
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दर्शन दुर्लभ हो कभी, हो जाता जन दूर।
मिले नहीं अपना जहां, दर्द मिले भरपूर।।
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* होशियार सिंह यादव
कनीना, जिला महेंद्रगढ़,  हरियाणा



शब्द-मोर
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भारत का पंछी कहो, करे










मन को विभोर।
कान्हा के माथे सजे, कहलाता वो मोर।।
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* होशियार सिंह यादव
कनीना, जिला महेंद्रगढ़,  हरियाणा

Wednesday, June 22, 2022

                     सावन
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विधा-कविता
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रिमझिम रिमझिम बूंदे गिरे,

लग रही सावन की झड़ी,
मनभावन मौसम हो गया,
क्या सुंदर लग रही घड़ी।

नृत्य कर रहे वन में मोर,
दादुर करते संगीतमय शोर,
पपीहा नभ पर शोर मचाये,
कलरव करते पक्षी लुभाये।

सुबह की बेला मन मोहती,
सांझ मन को करती विभोर,
ऐसा सुंदर नजारा मिल रहा,
बादल गरज रहे चहुं ओर।

शिव आराधना का सावन,
जप,तप,व्रत कर रहे भक्त,
सावन की झड़ी लगी रहे,
साधु संत हो रहे हैं विरक्त।।
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स्वरचित/नितांत मौलिक
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* होशियार सिंह यादव
मोहल्ला-मोदीका, वार्ड नंबर 01
कनीना-123027 जिला महेंद्रगढ़ हरियाणा
  फोन 09416348400


कुछ भी कहना
विधा-कविता   
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बहुत बड़ा संसार यहां, हर जन होता अज्ञान,
कुछ भी कहना ठीक नहीं,नहीं मिलेगा ज्ञान।
काबू अपने बात हो, कहना हो जाता आसान,
अधिक ज्ञान के बल पे,हो जाता है अभिमान।।

कठिन मुकाबला जब चला,हार जीत हो थोड़ी,
वोटर ने तो  हमेशा, नेता की नींद यूं ही तोड़ी।
रिजल्ट सामने आता है, तब हो पाएगा फैसला,
कुछ कहना ठीक नहीं,इच्छा उस पर ही छोड़ी।।

परीक्षा दी है बच्चों ने,कुछ भी कहना ठीक नहीं,
पास की आस लगी बैठी,फेल न हो जाये कहीं।
परीक्षा एक अवसर होता, कभी पास कभी फेल,
कितनों के लड्डू फूटते, कितनों के आंसू बही।।

बोये बीज बड़ी आस से, कैसी मिलेगी पैदावार,
ओलावृष्टि हो जाये तो, जीना हो जायेगा दुष्वार।
पल पल नभ को निहारते, किसान को है आश,
क्या पता कब प्रकृति दे जाये झटपट से निराश।।

खूब धन कमा रहे , भविष्य कहना है मुश्किल,
कभी सितारे डूबे, कभी करता देखा झिलमिल।
कुछ भी कहना ठीक नहीं, कब अन्न भंडार भरे,
कभी कभी तो जिंदगी काटनी पड़ती तिल तिल।

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स्वरचित/मौलिक
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* डा. होशियार सिंह यादव
मोहल्ला-मोदीका, वार्ड नंबर 01






कनीना-123027 जिला महेंद्रगढ़ हरियाणा
  फोन 09416348400

Tuesday, June 21, 2022

                  पितृत्व
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सेदोका
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अंगुली थाम
दिया जब सहारा
पिता था प्यारा
छोड़ गये हैं साथ
हो चुका हूं अनाथ।।

याद आता है
गुजरा वो जमाना
पिता को पाना
अब गुम हो गया
सुनहरा जमाना।।
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स्वरचित/मौलिक
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* डा. होशियार सिंह यादव
मोहल्ला-मोदीका, वार्ड नंबर 01
कनीना-123027 जिला महेंद्रगढ़ हरियाणा
  फोन 09416348400




विषय-महिया








बादल              

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बादल छाये नभ पर
मन हो गया मुदित
चहुं ओर मची हर हर।

बारिश आई छम छम
दादुर करे शोर
नाच उठता मन मोर।

रिमझिम पड़ती फुहार
छुपछुप करे प्यार
कहता यही संसार।।
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स्वरचित/मौलिक
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* डा. होशियार सिंह यादव
मोहल्ला-मोदीका, वार्ड नंबर 01
कनीना-123027 जिला महेंद्रगढ़ हरियाणा
  फोन 09416348400

Monday, June 20, 2022

                          कहीें किसी मोड़ पर


विधा-कविता
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कहीं किसी मोड़ पर, मुलाकात जब होती है,
कभी इंसान खुश होता, कभी आंखें रोती हैं।
अच्छे बुरे इंसान मिलते,आती सारी बातें याद,
कभी तो मिलने वाले की ही नैन भिगोती हैं।।

कहीं किसी मोड़ पर, मिलता बड़ा है शकुन,
कभी किसी स्थल पर, बजता है कोई बिगुल।
यादों की बारात चले,किये गये निज कर्म की,
कहीं कहीं तो इंसान के , लोग गाते बड़े गुण।।

कहीं किसी मोड़ पर, आती किसी की याद,
कभी कभी तो दिल करता, जमकर फरियाद।
जिंदगी चलती रहे, बस यहीं होता अरमान,
जिंदगी में अड़ंगा डालता, वो होता है जल्लाद।।

कहीं किसी मोड़ पर, मिलते दो साथी प्यारे,
गम सारे भूल जाते हैं, हो जाते हैं वारे न्यारे।
आपस में गले मिलते, भूल जाते हैं सारे गम,
एक दूजे के गले शिकवे, दे डालते जो उधारे।।
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मौलिक एवं अप्रकाशित
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 डा. होशियार सिंह यादव
मोहल्ला-मोदीका, वार्ड नंबर 01
कनीना-123027 जिला महेंद्रगढ़ हरियाणा
  फोन 09416348400




कविता/सोच बदलो
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पेड़ जीवन का आधार,
मत नहीं काटो इन्हें यार,
पानी, खाद इनको देना,
दे देना इनको भी प्यार।।

जीवनदायिनी हवा देते,
प्रदूषण से बचाते संसार,
देव समान ये पेड़ होते हैं,
इनका ऋण सदा उधार।।

आज लगा लो पेड़ तो,
होगा भविष्य सुनहरा,
पेड़ काटना तो पाप है,
बचाना है फर्ज हमारा।।
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स्वरचित/मौलिक
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* डा. होशियार सिंह यादव
मोहल्ला-मोदीका, वार्ड नंबर 01
कनीना-123027 जिला महेंद्रगढ़ हरियाणा
  फोन 09416348400


Sunday, June 19, 2022

 

 लघु कथा
 मुबारक हो
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मुबारक हो रिश्तेदार, मुबारक हो।
एक टक मन ही मन सोचा कि कोई अवार्ड मिल गया होगा जिसकी सूचना मुझे न मिलकर इस मुख्याध्यापक को होगी। एक बार तो मन प्रसन्न हुआ और फिर अनेकों प्रश्र जहन में कौंधने लगे।
......पर मुख्याध्यापक साहब, किस बात की मुबारकवाद दे रहे हो?
रिश्तेदार हम तो अपने रिश्तेदारों का पूरा ख्याल रखते हैं इसलिए आपको सबसे पहले सूचना दे रहा हूं कि आपकी तैनाती मतगणना/काउंटिग में लग गई है और देखना आपके व्हाट्सअप पर मैंने सबसे पहले आपकी तैनाती डाल दी है। देख लेना।
पैरों के नीचे की जमीन खिसक गई कि रिश्तेदार ने मेरे लिए कितना बड़ा काम कर दिया उस पर मुबारकवाद भी दे रहे हैं। वाह क्या कमाल के मुख्याध्यापक हैं।
....परंतु आपकी भी तो तैनाती पीठासीन अधिकारी की लगी थी उसका क्या हुआ?
मुख्याध्यापक: वो तो मैंने कटवा दी है?
.....अच्छा तो इसी बात की खुशी इतनी मिल गई कि तुम्हारे उर में नहीं समा पाई और खुद की तैनाती कटवा दूसरों की तैनाती देखकर उन्हें मुबारकवाद दे रहे हो।
मान गये रिश्तेदार? वास्तव में रिश्तेदार हो तो सचमुच आप जैसा। शुक्रिया कि आपको मेरी तैनाती लगने पर इतनी खुशी मिली। धन्यवाद जी, मुख्याध्यापक, जी।
मन ही मन में मै सोचते हुए आगे बढ़ गया कि क्या जमाना आ गया है कि दूसरों को तैनाती देते देख प्रसन्नता और खुद की तैनाती कटवा लेना। सच ही कहा है कि जमाना स्वार्थी हो गया।
-डा होशियार सिंह यादव, कनीना, महेंद्रगढ़, हरियाणा




 शरारत
विधा- कहानी   











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बात होली के पर्व की है। स्कूल में विद्यार्थी होली के दिन पहुंचे क्योंकि स्कूल की दुलेंडी के दिन होती है। होली पर्व पर दुल्हेंडडी खेलने का का रिवाज चला आ रहा है। रानी के स्कूल में जमकर होली खेली। विद्यार्थी होली के पर्व में सब कुछ भूल गए और जल्दी जल्दी अपनी बस में बैठकर घर के लिए रवाना हो गए। स्कूल की बस प्रत्येक गांव जा रही थी ज्यों ही रानी के गांव के पास बस रुकी बस के बाहर दो शरारती युवक रंग गुलाल लिए हुए खड़े थे। ज्यों ही रानी ने उतरना चाहा तो दोनों शरारती युवकों ने रानी पर रंग एवं गुलाल फेंक दिया। रंग गुलाल को देखकर वह भागने लगी तथा बचने का प्रयास किया तो स्पीड से आ रहे एक वाहन ने उन्हें टक्कर जड़ दी। रानी सड़क पर गिर गई। सिर से खून बहने लगा तुरंत अस्पताल पहुंचाया। डाक्टरों ने करीब के बाद 3 घंटे तक उसे बचाने का प्रयास किया अंतत: उन्होंने दम तोड़ दिया। परिवार में वो दो भाई बहन थे। थी उसके पिता और माता का देहांत हो गया था। उसका एक छोटा भाई रामू अपनी बहन की पढ़ाई का इंतजार कर रहा था कि कब वह नौकरी लगेगी उसे खाने पीने का सामान अच्छी प्रकार मिला करेगा लेकिन इन दो युवकों की शरारत के कारण रानी की जान चली गई। जब राम ने अपनी बहन का शव देखा तो फूट फूट कर रोया, इतने आंसू बहाए कि आसमान भी रोने लगा। वो शरारती दोनों युवक आज कोई शर्मिंदगी नहीं महसूस कर रहे थे। एक बच्ची की जान लेकर भी वे गांव में इधर-उधर घूम रहे थे। लोग कह रहे थे कि इस प्रकार का पर्व हर वर्ष कई जान ले लेता है। कम से कम इस प्रकार की शरारत नहीं करनी चाहिए नहीं तो भविष्य में भी अनेकों जान जाती रहेगी। आज गांव में सन्नाटा था। रानी की मौत एक पर्व के खुशी के अवसर पर हो गई। राम बिलख बिलख कर रो रहा था।
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नितांत मौलिक एवं स्वरचित
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 * डा होशियार सिंह यादव
वार्ड नंबर 11, मोहल्ला मोदीका
कनीना-123027
जिला महेंद्रगढ़, हरियाणा
फोन 9416348400