शानदार मौत
बुजुर्ग मन बहलाने के लिए ताश खेल रहा था कि उनकी पत्नी भैंस का दूध दोह रही थी। भैंस को घरेलू मक्खी ने क्या काटा भैंस ने लात जड़़ दी जिसके चलते दूध बिखर गया। औरत मालती ने क्रोध आया और अपने पत्नी पर गरजते हुए कहा-तुम घर आना, तेरी वो मंजाई की जाएगी कि जीवनभर याद रहेगा। बुजुर्ग परेशान हो उठा। ताश पीटना बंद हो गया। बुजुर्ग डर के मारे घर की ओर बढ़ रहा था कि रास्ते में ठोकर खाकर गिर पड़ा। गिरते ही उसके प्राण पखेरू उड़ गए। जिसने भी उनकी मौत के बारे में सुना बस यही कहा कि ऐसी शानदार मौत किसी को भी नहीं मिलती। वाह! रामू तुमने तो कमाल कर दिया। जब उसकी पत्नी ने मृत्यु की बात सुनी तो एक आंसू तक आंख में नहीं आया।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
बुजुर्ग मन बहलाने के लिए ताश खेल रहा था कि उनकी पत्नी भैंस का दूध दोह रही थी। भैंस को घरेलू मक्खी ने क्या काटा भैंस ने लात जड़़ दी जिसके चलते दूध बिखर गया। औरत मालती ने क्रोध आया और अपने पत्नी पर गरजते हुए कहा-तुम घर आना, तेरी वो मंजाई की जाएगी कि जीवनभर याद रहेगा। बुजुर्ग परेशान हो उठा। ताश पीटना बंद हो गया। बुजुर्ग डर के मारे घर की ओर बढ़ रहा था कि रास्ते में ठोकर खाकर गिर पड़ा। गिरते ही उसके प्राण पखेरू उड़ गए। जिसने भी उनकी मौत के बारे में सुना बस यही कहा कि ऐसी शानदार मौत किसी को भी नहीं मिलती। वाह! रामू तुमने तो कमाल कर दिया। जब उसकी पत्नी ने मृत्यु की बात सुनी तो एक आंसू तक आंख में नहीं आया।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
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