Saturday, December 21, 2019

                                  ज्योतिषी
हाथ दिखाने वालों की लाइन लगी थी। ज्योतिषी विभिन्न जनों को समय देकर बारी बारी से बुला रहे थे। सभी को चार-पांच बातें बताकर पैसे वसूल रहे थे। चर्चा चल रही थी कि ज्योतिषी अति विद्वान जन है। कोई कह रहा था कि बेहतर पढ़ाई करके बने होंगे?
तभी आवाज आई कि ये तो दस पास थे किसी की कार चलाते थे। कार के मालिक ने उन्हें नौकरी से निकाल दिया क्योंकि बेईमानी पर उतर आए थे। अपना धंधा चलाने के लिए ये ज्योतिषी बन गए। तभी एक आवाज आई कि इसके तो बेटे पोतें बड़े हौदे पर होंगे क्योंकि ज्योतिषी ने उनका भविष्य देखकर बेहतर नौकरी दिलवाई होगी?
हाथ दिखाने वालों की लाइन में खड़ा एक व्यक्ति जोर जोर से खिलखिलाया और कहा-भाई, दुर्भाग्य है कि इसके बेटों ने इसे घर से निकाल दिया क्योंकि वे दारू पीकर दिनभर हुड़दंग करते थे। रोटी तक नहीं देते थे और बेचारा भूखा प्यासा रहने पर ज्योतिषी बन गए। अपने बच्चों का भविष्य नहीं देख पाए और आज वे बर्बाद होने को हैं किंतु अब ये आप लोगों का भविष्य जरूर बताएंगे। सभी इतना सुनकर मौन हो गए और सोच में पड़ गए।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा***

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