लघु कथा
शिक्षक ने फटे पुराने कपड़े पहने छात्र से पूछा-तुम रोजाना लेट आते हो। क्या कारण है? यदि तुम समय पर स्कूल आओगे तो एक दिन पास हो जाओगे, नौकरी मिल जाएगी?
विद्यार्थी ने अश्रुपूरित नेत्रों से उत्तर दिया-सर, आपको कक्षा में आने और पढ़ाई की पड़ी है और मुझे रोटी की चिंता सता रही है। एक माह तक लावणी चलेंगी। अगर मैं लावणी करके रोटी रोजी नहीं कमा पाऊंगा तो मेरा भाई और मैं भूखो सोएंगे। शिक्षक ने जब यह सुना तो सोच में पड़ गया और पूरी कहानी ध्यान से सुनी। शिक्षक को पता चला कि अनाथ युवक लावणी करके रोटी रोजी कमा रहा है जिसके चलते प्रतिदिन स्कूल से लेट हो जाता है। शिक्षक के मुंह से निकला-बेटा, तुम प्रतिदिन बेशक स्कूल से लेट हो आगे से मैं कुछ नहीं कहूंगा? शिक्षक की आंखें भी नम थी।
-होशियार सिंह, लेखक,कनीनाा,हरियाणा**
शिक्षक ने फटे पुराने कपड़े पहने छात्र से पूछा-तुम रोजाना लेट आते हो। क्या कारण है? यदि तुम समय पर स्कूल आओगे तो एक दिन पास हो जाओगे, नौकरी मिल जाएगी?
विद्यार्थी ने अश्रुपूरित नेत्रों से उत्तर दिया-सर, आपको कक्षा में आने और पढ़ाई की पड़ी है और मुझे रोटी की चिंता सता रही है। एक माह तक लावणी चलेंगी। अगर मैं लावणी करके रोटी रोजी नहीं कमा पाऊंगा तो मेरा भाई और मैं भूखो सोएंगे। शिक्षक ने जब यह सुना तो सोच में पड़ गया और पूरी कहानी ध्यान से सुनी। शिक्षक को पता चला कि अनाथ युवक लावणी करके रोटी रोजी कमा रहा है जिसके चलते प्रतिदिन स्कूल से लेट हो जाता है। शिक्षक के मुंह से निकला-बेटा, तुम प्रतिदिन बेशक स्कूल से लेट हो आगे से मैं कुछ नहीं कहूंगा? शिक्षक की आंखें भी नम थी।
-होशियार सिंह, लेखक,कनीनाा,हरियाणा**
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