Saturday, December 28, 2019


कढ़ी पत्ता(मीठा नीम)
गमले एवं घरों के किचन गार्डन में करी/कढ़ी पत्ता या मीठा नीम उगाया जाता है जो बिल्कुल नीम जैसा होता है किंतु महक से पहचाना जाता है। इसे विज्ञान में मुराया कोएनिजी नाम से जाना जाता है। हर सब्जी में डालकर स्वाद को बढ़ा सकते हैं वहीं कढ़ी बनाने में अहं रोल होता है। सब्जी में आठ से दस पत्ते डालकर भूख को बढ़ा सकते हैं वहीं कोलस्ट्राल की मात्रा, शुगर की मात्रा को शरीर में नियंत्रित किया जा सकता है वहीं एनिमिया उपचार, वजन घटाने , दिल की बीमारियों से बचाने, लिवर को बचाने में इसका अहं योगदान होता है जिसके चलते पूर्वज वर्षों से इसका उपयोग करते आ रहे हैं।
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सांटी
ग्रामीण क्षेत्रों में बुजुर्ग सांटी को विभिन्न सब्जियों में प्रयोग करते आ रहे हैं। इसे बोअरहेविया डिफूजा नाम से जाना जाता है। बुजुर्गों को ज्ञान था कि इसे पुनर्नवा नाम से जाना जाता है। यह मरकर अर्थात सूख जाने के बाद फिर से हरा भरा हो जाता है ठीक वैसे ही इसके प्रयोग के कारण इंसान को नया जीवन प्रदान कर सकता है। यह पीलिया, गुर्दे की बीमारी,पथरी इलाज, अरक्तता, दमा एवं खांसी घटाने में, बुढ़ापा रोकने, भूख बढ़ाने, शरीर को विषरहित बनाने, बदहजमी को दूर करने में बेहतर पौधा माना जाता है। यही कारण है कि बुजुर्ग सदा ही इसका उपयोग करते आ रहे हैं।
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करोंदा
झाड़ीनुमा पौधे पर बेर जैसे फल करोंदा कहलाते हैं। इसका वैज्ञानिक नाम कैरिसा कैरेंडस है। खेत के चारों ओर जहां बाड़ का काम करते हैं वहीं फल अचार, चटनी, सब्जी बनाने के काम आते हैं। इसके फल शरीर में त्रिदोषनाशी(पित,कफ,वात) होते हैं। ये फल भूख बढ़ाने, पित को शांत करने वाले तथा दस्तों में कारगर माने जाते हैं। सबसे बड़ी विशेषता है कि इस पौधे को कोई जीव कांटों के कारण नहीं खाता।
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  • Rajesh Kumar Bahut khoob respected sir ji
    पानी बिन सब सून।
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