Saturday, December 21, 2019

                                 लघु कथा स्वार्थी
राम,राम, कृष्ण कुमार। हाथ जोड़कर खेत में लावणी कर रहे कृष्ण कुमार एवं उनके परिजनों को नेता ने कहा। कृष्ण कुमार ने नमस्ते करते हुए मुड़कर देखा तो कम से कम दस व्यक्ति, नेता के साथ खड़े थे। कृष्ण कुमार ने बड़े इत्मीनान से पूछा-आज, खेत में कैसे आना हुआ? नेता ने जवाब दिया-विधानसभा के चुनाव लड़ रहा हूं। मुझे ही वोट देना। कृष्ण कुमार ने सिर पर हाथ मारते हुए कहा-टिकट अभी मिली नहीं है किंतु सुबह से चार नेता खेत में आ चुके हैं। मेरा काम ही थका दिया है। न जाने शाम तक और कितने नेता आएंगे और कितना काम थका देंगे। नेता कितने स्वार्थी हैं। वोट के लिए खेत तक पहुंच जाएंगे और जीत जाएंगे तो दर्शन दुर्लभ हो जाएंगे। यह सोचते हुए कृष्ण काम में जुट गया।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**

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