शल्य चिकित्सा
आपका हर काम बिगड़ जाता है क्योंकि तुम अपनी जिह्वा से खरी खोटी सुना देते हो। तुम्हारे दोस्त भी कम होते जा रहे हैं। राजन ने राघव को समझाते हुए कहा।
राघव ने जोश भरे लहजे में जवाब दिया-बेशक, भविष्य में यूं ही मेरे काम बिगड़े, दोस्त नाराज हो किंतु मैं तो यूं ही सत्य का बखान करता रहूंगा।
राजन ने राघव को समझाया कि भविष्य में थोड़ा ख्याल रखे तो तुम्हें लाभ होगा। इतना सुन राघव ने जवाब दिया-इस जिह्वा की शल्य चिकित्सा भी तो संभव नहीं। अगर इसे कटवा दूं तो बोल नहीं पाऊंगा किंतु ऐसा कर भी लूं तो मां सरस्वती के सबसे सुंदर प्रसाद वाणी से वंचित हो जाऊगा।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
आपका हर काम बिगड़ जाता है क्योंकि तुम अपनी जिह्वा से खरी खोटी सुना देते हो। तुम्हारे दोस्त भी कम होते जा रहे हैं। राजन ने राघव को समझाते हुए कहा।
राघव ने जोश भरे लहजे में जवाब दिया-बेशक, भविष्य में यूं ही मेरे काम बिगड़े, दोस्त नाराज हो किंतु मैं तो यूं ही सत्य का बखान करता रहूंगा।
राजन ने राघव को समझाया कि भविष्य में थोड़ा ख्याल रखे तो तुम्हें लाभ होगा। इतना सुन राघव ने जवाब दिया-इस जिह्वा की शल्य चिकित्सा भी तो संभव नहीं। अगर इसे कटवा दूं तो बोल नहीं पाऊंगा किंतु ऐसा कर भी लूं तो मां सरस्वती के सबसे सुंदर प्रसाद वाणी से वंचित हो जाऊगा।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
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