Sunday, April 05, 2026

 


    रोहेड़ा
राजस्थान का राज्य पुष्प,
रोहेड़ा मन को इठलाता।
गर्मी के दिन जब आते हैं,
मीठे रस से ये भर जाता।।
पेट के रोग दूर भी होते हैं,
फूलों के रस का पान करो।
छाल और पुष्प काम आते,
इसे काटने से जमकर डरो।।
राजस्थान का सागवान कहे,
कम और अधिक ताप सहे।
इमारती लकड़ी का है राजा,
इसको गुणों की खान कहे।।
*डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा**

   पत्तौड़ा
अरबी के पत्तों से बना,
पत्तौड़े बनते लाजवाब।
एक बार गर खा लिये,
आते रहेंगे फिर ख्वाब।।
पकौड़े से हटकर चीज,
अरबी के पत्ते ले आना।
नमक,मिर्च,बेशन लगा,
तल तेल में जरा खाना।।
मन प्रसन्न हो बार बार,
मुंह में पानी भर आएगा।
ये लजीज पत्तौड़े बनते हैं,
गर एक बार अजमाएगा।।
*होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा


Thursday, April 02, 2026


     भगवान
बुजुर्गों की बेकद्री बढ़ी,
बुरा समय अब आया।



युवा पीढ़ी ने देख लो,
बुजुर्गों का मन दुखाया।।
मिलता जीवन एक बार,
सोच ले अब अरे इंसान।
मात पिता बुजुर्ग जहां में,
कहलाते सच्चे भगवान।।
**होशियार सिंह कनीना
जिला-महेंद्रगढ़,हरियाणा

   डीजे
बहरे होते जा रहे जन,
जब डीजे बजता शोर।
पागल कर देता डीजे,
विकट होगा दिन घोर।।
दिवारें भी हिल जाती,
धक-धक करता दिल।
घटता जाए जीवन भी,
थोड़ा थोड़ा,तिल तिल।।
डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा

Tuesday, March 31, 2026



     ओलावृष्टि
जमकर हुई ओलावृष्टि,
कृषक पड़ी मार कसूती।
मुआवजे की मांग करेंगे,
किस्मत भी लगती रूठी।।
कितनी मार सहन करके,
उगाई थी अपनी फसल।
आज कल पैदावार लेंगे,
वर्षा में फसल गई गल।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा


   बादल
बादल छाते आकाश में,
दर्द सीने में हो किसान।
अंधड़, ओलावृष्टि को,
मानते कृषक के शैतान।।
गर्मी,सर्दी सहकर सींचे,
खेत में चलाता रहे हल।
मुश्किल से फसल उगा,
मिले आधा अधूरा फल।।
*डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा

Sunday, March 29, 2026


    

      बिछुडऩा
पता नहीं कब कौन बिछुड़ता,
अपने तन मन में प्रीत जगा ले।
पाप,अहित का छोड़कर चोला,
परहित धर्म की प्रीत सजा ले।।
कितने पापी आये गये जग से,
उनको कोई भी नहीं याद करे।
आगे पीछे न कोई याद करेगा,
लाखों कीड़ों की भांति वो मरे।।
**होशयार सिंह यादव,कनीना
जिला-महेंद्रगढ़, हरियाणा***

          डीजे
डीजे बजते चहुं ओर अब,
जमकर फोड़ रहे है कान।
डीजे बजाकर इंसान जहां,
समझ रहा बढ़ गई है शान।।
बहरे होंगे कितने ही लोग,
बढ़ जाएंगे पेट के भी रोग।
गिर सकते जन मकान भी,
करनी का फल पड़ता भोग।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना, महेंद्रगढ़, हरियाणा


Friday, March 27, 2026

 
         महिमा



राम नाम की महिमा देखो,
पत्थर भी जल में जाते तैर।
नजरों से उसकी गिर जाए,
तीन जहान में नहीं हो खैर।।
पापी कितने जग पार उतारे,
निज भक्तों का भाग्य संवारे।
उसके आगे नहीं एक चले,
सोच समझकर तब उच्चारे।।
** होशियार सिंह कनीना,
जिला-महेंद्र्रगढ़, हरियाणा*
         मार
बरसात झमाझम हो रही है,
निकली है किसान की जान।
फसल तो बर्बाद हो जाएगी,
इंद्र को हो गया अभिमान।।
सरसों भीगी,गेहूं खराब हो,
कैसी वृष्टि की पड़ी है मार।
देख देखकर मायूस हैं जन,
मेहनत हो रही अब बेकार।।
***डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा***

Wednesday, March 25, 2026

 
        संकट



छा गये संकट के बादल,
परमाणु युद्ध की आगाज।
ईरान-अमेरिका युद्ध का,
किसके सिर बंधेगा ताज।।
महंगाई की ये मार पड़ेगी,
दुनियां भर में गर्मी बढ़ेगी।
समझ नहीं ये आएगी तो,
सारी दुनिया युद्ध लड़ेगी।
डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा*


        नवरात्रि
नवरात्रि संपन्न को आये,
कंजकों का होगा सम्मान।
कढ़ाई करें,कंजक जिमाए,
माता अंबे की बढ़ेगी शान।।
जवारे को मत नहीं फेंकना,
जूस बनाकर जरूर पी लेना।
कैंसर को भी रोक देती यह,
ये सच्ची शिक्षा सबको देना।।
**डा. होशियार सिंह यादव
वनस्पति शास्त्री,कनीना,हरि.


Monday, March 23, 2026

     


   फांसी
नहीं झुके और नहीं डिगे वो,
आगे बढ़कर फांसी खाई थी।
हजारों वीरों ने दी थी कुर्बानी,
तब देश की आजादी आई थी।।
फांसी खाकर दिया था पैगाम,
वीरों की भूमि भारत है नाम।
अधूरा सपना पूरा हो चुका है,
करना याद आजादी की शाम।।
**होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा***

        कढ़ाइयां
नवरात्रों को शुभ मानकर,
कढ़ाई और हो रहे हैं रोट।
अपने मन को शुद्ध करते,
मार रहे हैं पापों को चोट।।
जीवन का हो एक मकसद,
परहित, भलाई करना काम।
अहित,पाप में डूबे आकंठ,
एक दिन हो जाते बदनाम।।
** होशियार सिंह यादव
कनीना, महेंद्रगढ़,हरियाणा