Saturday, December 21, 2019

                      आंसू और मुस्कान
घर में बुजुर्ग अंतिम सांसे गिन रहा था। उसे कैंसर ने घेर लिया था। डाक्टरों ने उनके परिजनों ने घर ले जाकर सेवा करने की बात कही थी। बुजुर्ग को शोर नहीं सुहा रहा था किंतु पड़ोस में लड़का क्या हुआ मारे खुशी के कहीं डीजे का शोर तो कहीं थाल बजाकर लोगों को सुनाया जा रहा था। मरीज बार बार शोर से कराह रहा था। उनके परिजन पड़ोसी से माइक धीरे चलाने की बात कह रहे थे किंतु वो कब मानने वाले थे। एक ओर आंसू तो दूसरी ओर खुशी का माहौल था। माइक के शोर से तंग आया बुजुर्ग कराह रहा था। कोई उसकी सुनने वाला नहीं था।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**

No comments: