रोहेड़ा
राजस्थान का राज्य पुष्प,
रोहेड़ा मन को इठलाता।
गर्मी के दिन जब आते हैं,
मीठे रस से ये भर जाता।।
पेट के रोग दूर भी होते हैं,
फूलों के रस का पान करो।
छाल और पुष्प काम आते,
इसे काटने से जमकर डरो।।
राजस्थान का सागवान कहे,
कम और अधिक ताप सहे।
इमारती लकड़ी का है राजा,
इसको गुणों की खान कहे।।
*डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा**
पत्तौड़ा
अरबी के पत्तों से बना,
पत्तौड़े बनते लाजवाब।
एक बार गर खा लिये,
आते रहेंगे फिर ख्वाब।।
पकौड़े से हटकर चीज,
अरबी के पत्ते ले आना।
नमक,मिर्च,बेशन लगा,
तल तेल में जरा खाना।।
मन प्रसन्न हो बार बार,
मुंह में पानी भर आएगा।
ये लजीज पत्तौड़े बनते हैं,
गर एक बार अजमाएगा।।
*होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा
KANINA MOHALLA-MODIKA WARD-01 DISTRICT-MAHENDERGARH(HARYANA) PIN-123027 Mob 91+9416348400
Sunday, April 05, 2026
Thursday, April 02, 2026
भगवान
बुजुर्गों की बेकद्री बढ़ी,
बुरा समय अब आया।
युवा पीढ़ी ने देख लो,
बुजुर्गों का मन दुखाया।।
मिलता जीवन एक बार,
सोच ले अब अरे इंसान।
मात पिता बुजुर्ग जहां में,
कहलाते सच्चे भगवान।।
**होशियार सिंह कनीना
जिला-महेंद्रगढ़,हरियाणा
डीजे
बहरे होते जा रहे जन,
जब डीजे बजता शोर।
पागल कर देता डीजे,
विकट होगा दिन घोर।।
दिवारें भी हिल जाती,
धक-धक करता दिल।
घटता जाए जीवन भी,
थोड़ा थोड़ा,तिल तिल।।
डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा
Tuesday, March 31, 2026
ओलावृष्टि
जमकर हुई ओलावृष्टि,
कृषक पड़ी मार कसूती।
मुआवजे की मांग करेंगे,
किस्मत भी लगती रूठी।।
कितनी मार सहन करके,
उगाई थी अपनी फसल।
आज कल पैदावार लेंगे,
वर्षा में फसल गई गल।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा
बादल
बादल छाते आकाश में,
दर्द सीने में हो किसान।
अंधड़, ओलावृष्टि को,
मानते कृषक के शैतान।।
गर्मी,सर्दी सहकर सींचे,
खेत में चलाता रहे हल।
मुश्किल से फसल उगा,
मिले आधा अधूरा फल।।
*डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा
Sunday, March 29, 2026
बिछुडऩा
पता नहीं कब कौन बिछुड़ता,
अपने तन मन में प्रीत जगा ले।
पाप,अहित का छोड़कर चोला,
परहित धर्म की प्रीत सजा ले।।
कितने पापी आये गये जग से,
उनको कोई भी नहीं याद करे।
आगे पीछे न कोई याद करेगा,
लाखों कीड़ों की भांति वो मरे।।
**होशयार सिंह यादव,कनीना
जिला-महेंद्रगढ़, हरियाणा***
डीजे
डीजे बजते चहुं ओर अब,
जमकर फोड़ रहे है कान।
डीजे बजाकर इंसान जहां,
समझ रहा बढ़ गई है शान।।
बहरे होंगे कितने ही लोग,
बढ़ जाएंगे पेट के भी रोग।
गिर सकते जन मकान भी,
करनी का फल पड़ता भोग।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना, महेंद्रगढ़, हरियाणा
Friday, March 27, 2026
महिमा
राम नाम की महिमा देखो,
पत्थर भी जल में जाते तैर।
नजरों से उसकी गिर जाए,
तीन जहान में नहीं हो खैर।।
पापी कितने जग पार उतारे,
निज भक्तों का भाग्य संवारे।
उसके आगे नहीं एक चले,
सोच समझकर तब उच्चारे।।
** होशियार सिंह कनीना,
जिला-महेंद्र्रगढ़, हरियाणा*
मार
बरसात झमाझम हो रही है,
निकली है किसान की जान।
फसल तो बर्बाद हो जाएगी,
इंद्र को हो गया अभिमान।।
सरसों भीगी,गेहूं खराब हो,
कैसी वृष्टि की पड़ी है मार।
देख देखकर मायूस हैं जन,
मेहनत हो रही अब बेकार।।
***डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा***
Wednesday, March 25, 2026
संकट
छा गये संकट के बादल,
परमाणु युद्ध की आगाज।
ईरान-अमेरिका युद्ध का,
किसके सिर बंधेगा ताज।।
महंगाई की ये मार पड़ेगी,
दुनियां भर में गर्मी बढ़ेगी।
समझ नहीं ये आएगी तो,
सारी दुनिया युद्ध लड़ेगी।
डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा*
नवरात्रि
नवरात्रि संपन्न को आये,
कंजकों का होगा सम्मान।
कढ़ाई करें,कंजक जिमाए,
माता अंबे की बढ़ेगी शान।।
जवारे को मत नहीं फेंकना,
जूस बनाकर जरूर पी लेना।
कैंसर को भी रोक देती यह,
ये सच्ची शिक्षा सबको देना।।
**डा. होशियार सिंह यादव
वनस्पति शास्त्री,कनीना,हरि.
Monday, March 23, 2026
फांसी
नहीं झुके और नहीं डिगे वो,
आगे बढ़कर फांसी खाई थी।
हजारों वीरों ने दी थी कुर्बानी,
तब देश की आजादी आई थी।।
फांसी खाकर दिया था पैगाम,
वीरों की भूमि भारत है नाम।
अधूरा सपना पूरा हो चुका है,
करना याद आजादी की शाम।।
**होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा***
कढ़ाइयां
नवरात्रों को शुभ मानकर,
कढ़ाई और हो रहे हैं रोट।
अपने मन को शुद्ध करते,
मार रहे हैं पापों को चोट।।
जीवन का हो एक मकसद,
परहित, भलाई करना काम।
अहित,पाप में डूबे आकंठ,
एक दिन हो जाते बदनाम।।
** होशियार सिंह यादव
कनीना, महेंद्रगढ़,हरियाणा
Saturday, March 21, 2026
चैत्र नवरात्रे
सर्द नवरात्रे अति सुहाने,
मां की पूजा होती 9 रूप।
भक्त खुशी से आते धाम,
रंक, नर,नारी या हो भूप।।
जप,तप,व्रत के दिन होते,
कर लो पूजा दिन व रात।
दीन हीन सब दूर मिलेंगे,
शुभ बनेंगे घर के हालात।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा**
बदलाव
नहीं बदले, कुछ नहीं बदलेंगे,
पता न क्या क्या कर दिखाएंगे।
आदत से मजबूर हो गये लोग,
कुछ मर गये, कुछ मारे जाएंगे।।
कुत्ते भांति टांग उठाकर मूतते,
हगते हुए भी कुछ गीत गाएंगे।
अच्छे जन को दूर भगा देंगे वो,
नीच,पापी को गले से लगाएंगे।।
**होशियार सिंह यादव,कनीना
महेंद्रगढ़, हरियाणा*******
Thursday, March 19, 2026
बेमौसमी वर्षा
किसानों की फसल पकी है,
ओले,अंधड़, वर्षा का कहर।
तबाह होती है जब मेहनत तो,
पीना पड़ता तब कड़वा जहर।।
गेहूं की खड़ी फसल गिर गई,
इकट्ठी की हुई सरसों उड़ गई।
सर्दी और जाड़े की मार सहके,
सारी आशाएं मिट्टी में मिल गई।।
**होशियार सिंह यादव,कनीना
एहसास
गर्मी में सर्दी का हुआ एहसास,
बैमौसमी वर्षा नहीं आती रास।
ओलावृष्टि देख अटक गई सांस,
गेहूं, सरसों में हुआ है कुछ नाश।।
ईश्वर देता और वो ही अब लेता,
कभी भर देता कभी रख दे रीता।
करते रहना अथक प्रयास जगत,
जो सफल हुआ समझ लो जीता।।
डा. होशियार सिंह यादव,कनीना
विश्व रिकार्डधारक, महेंद्रगढ़,हरि
Tuesday, March 17, 2026
गौसेवा
पाप दोष सब दूर मिलेंगे,
कर लेना गायों की सेवा।
जग की उत्तम सेवा कहते,
मिल जाते जग फल मेवा।।
श्रीकृष्ण गोपाल बने कभी,
दूध-मक्खन लगाया भोग।
सुदर्शन चक्र धारण किया,
अजब गजब का ये संजोग।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,हरि. विश्वरिकार्डधारक
चेहरा
गुणों को नहीं देखते अब,
चेहरा सब कुछ मानते हैं।
धोखा खाते सरेआम जन,
सचाई नहीं पहचानते हैं।।
उजला चेहरा देखके माने,
यह तो है गुणों की खान।
अज्ञानी,मूर्ख,अधम बेशक
बस उसे समझते है महान।।
**होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा
Sunday, March 15, 2026
आग
सबसे विनाशक आग कहो,
मन ही मन जलते जब लोग।
कतई राख बन जाती पल में,
कैसी सोच जन कैसा है रोग।।
कलुषित मानसिकता रखते हैं,
समाज के दुश्मन कहलाते हैं।
जन जन की खुशियां देखकर,
उनकी आंखों से आंसू बहते हैं।।
**डा. होशियार सिंह यादव,
विश्व रिकार्डधारक, कनीना**
ख्वाब
कर्म बुरे इंसान के, चाहत ऊंचे ख्वाब,
साधारण गडरिया, बनना चाहे नवाब।
पिटाई का पात्र भी,चाहे पगड़ी धारण,
आशु कवि ख्वाब में देखे भाठ चारण।।
कद्र नहीं जो जानता,चाहे खूब सलाम,
गुलामी की जिंदगी,चाहत कई गुलाम।
धर्म,कर्म,परहित को मिले स्वर्ग धाम,
ऐसे पवित्र जन को करें लोग सलाम।।
***डा. होशियार सिंह यादव,कनीना
विश्व रिकार्डधारक, महेंद्रगढ़, हरियाणा
Friday, March 13, 2026
ख्वाब
कर्म बुरे इंसान के, चाहत ऊंचे ख्वाब,
साधारण गडरिया, बनना चाहे नवाब।
पिटाई का पात्र भी,चाहे पगड़ी धारण,
आशु कवि ख्वाब में देखे भाठ चारण।।
कद्र नहीं जो जानता,चाहे खूब सलाम,
गुलामी की जिंदगी,चाहत कई गुलाम।
धर्म,कर्म,परहित को मिले स्वर्ग धाम,
ऐसे पवित्र जन को करें लोग सलाम।।
***डा. होशियार सिंह यादव,कनीना
विश्व रिकार्डधारक, महेंद्रगढ़, हरियाणा
सिलिंडर की मारामारी
युद्ध छिड़ा कई देशों में,
विश्वयुद्ध की है तैयारी।
तेल, गैस की कमी हुई,
सिलिंंडर की मारामारी।।
धांसे,उपले काम आएंगे,
लकड़ी जला बने रोटी।
समझ न पाये वक्त मार,
उसकी अक्ल है मोटी।।
**डा. होशियार सिंह
कनीना,महेंद्रगढ़,हरि.
Thursday, March 12, 2026
Tuesday, March 10, 2026
खाने के ढेर
बासौड़ा के नाम पर लगे हैं,
चौराहों पर खाने के ही ढेर।
कुत्ते,सुअर छक गये खाकर
,
बुधवार को डालेंगे जन फेर।।
तीन सप्ताह चलता बासौड़ा,
अजब गजब हैं रीति रिवाज।
संस्कृति को देख देखकर के,
होता हर जन को ही नाज।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना, जिला-महेंद्रगढ़,हरि.
घड़े
देसी फ्रिज नाम पड़ा घड़ा,
गर्मी में जन कर दे मलंग।
फ्रीज का ये रूप कहलाते,
अंग अंग में भर देते उमंग।।
बीमार नहीं हो सकते लोग,
दूर कर देते हैं जन के रोग।
हर जगह मिल जाएंगे सोच,
तन मन को कर देंगे निरोग।।
***डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा***
Sunday, March 08, 2026
बासौड़ा
बासी भोजन खाने वाले जन
चेचक रोग से बच जाते हैं।
बासौड़ा का पर्व बताता अब,
बासी से निज भाग्य जगाते हैं।
बुजुर्गों का पर्व बहुत सुहाना,
परिवार खाता है बासी खाना।
एकता,भाईचारे का मिसाल है,
जन-जन से बस इतना माना।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा**
साथी
निर्धन का साथी कोई नहीं,
बस केवल ऊपर वाला है।
जिस किस पर विश्वास करे,
फेरे निज हित की माला है।।
स्वार्थ भरा संसार कहलाए,
पाप,अहित में डूबे हैं लोग।
पीठ पे बुराई करने का यह,
बहुत बुरा लगा जन रोग।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा**
Saturday, March 07, 2026
साथी
निर्धन का साथी कोई नहीं,
बस केवल ऊपर वाला है।
जिस किस पर विश्वास करे,
फेरे निज हित की माला है।।
स्वार्थ भरा संसार कहलाए,
पाप,अहित में डूबे हैं लोग।
पीठ पे बुराई करने का यह,
बहुत बुरा लगा जन रोग।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा**
ताले
नहीं मानते हार कभी हम,
वो हिम्मत रखने वाले हैं।
सीधी सादी वेशभूषा लगे,
सच्चे मन के नहीं काले हैं।।
सोच लिया कर दिखलाते,
पीछे हटना फिर बात नहीं।
दुष्टों को सबक सिखा देते,
नहीं खुल पाये वो ताले हैं।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा**
Thursday, March 05, 2026
पाप
पाप बढ़ाये धरती पर, कहते हमने उपकार किया,
दान नाम की आड़ ली, कितने ही निर्धन खून पिया।
कुतरूं बनकर आये जग, मेहनतकश को दर्द दिया,
चंद पैसों की लालच दे,नारी का चरित्र हरण किया।।
ढोंग रचाया मंदिर बैठे, धन दौलत को साफ किया,
असली रूप छिपा रखा, ऐसा क्या वो जीवन जीया।
झूठ बोलकर लोगों से, धन ऐंठा और इंसाफ किया,
सता आत्मा लोगों की, अधर्म, पाप,अभिशाप लिया।।
***डा. होशियार सिंह यादव,कनीना,हरियाणा
लावणी
होली तो अब हो ली,लावणी की कर तैयारी,
दिन रात मेहनत की,किसान को फसल प्यारी।
गेहूं,सरसों खड़ी हुई, सरसों पक कर है तैयार,
करोड़ों का पेट भरे,कृषि जीवन का है आधार।।
मार्च-अप्रैल लावणी चले,मिले किसान व्यस्त,
जाते हैं खेतों में, आते हैं जब सूर्य होता अस्त।
फटेहाल में जीता है,किसान की सुन लो पुकार,
कभी पाले की मार तो कभी ओलावृष्टि की मार।
**डा. होशियार सिंह यादव, कनीना, महेंद्रगढ़
विश्व रिकार्डधारक , हरियाणा**********
Tuesday, March 03, 2026
होली दहन
होलिका अब जल चुकी,
जन गीत खुशी के गाते हैं।
भक्त प्रह्लाद बचाने खातिर,
बस प्रभु को शीश नवाते हैं।।
नरसिंह अवतार लिया जब,
हिरण्याकश्यप संहार किया।
दाता-भक्त के बीच प्रेम का,
अनमिट सकल उपहार दिया।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,जिला-महेंद्रगढ़,हरि.
रंगों का पर्व
रंगों में रंग गये जन,होली का है त्योहार,
रंग डाले, पिचकारी मारे,उभरे रंग हजार।
नाराजगी गायब मिलती,रंग भरा है प्यार,
गम छोड़ खुशी मिले,जीवन का आधार।।
सप्तरंगी चेहरे बने,काले, पीले या लाल,
हाथ मिले, गले मिले,पूछ रहे सब हाल।
कुछ भांग के नशे में डूबे,बदली है चाल,
आपस के प्रेम को देख ऊंचा होता भाल।।
**डा. होशियार सिंह यादव, कनीना
Monday, March 02, 2026
कसम
कसम उठाते लाख जहां में,
फिर इक दिन जाना होता है।
इतने दिन जो साथ रहा था,
बस उनकी यादों में खोता है।।
मौत जहां में सबको मिलती,
भेदभाव नहीं कभी करती है।
कितने दर्द में डूबा इंसान हो,
एक झटके से सभी हरती है।।
***डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा
होली दहन
होलिका अब जल चुकी,
जन गीत खुशी के गाते हैं।
भक्त प्रह्लाद बचाने खातिर,
बस प्रभु को शीश नवाते हैं।।
नरसिंह अवतार लिया जब,
हिरण्याकश्यप संहार किया।
दाता-भक्त के बीच प्रेम का,
अनमिट सकल उपहार दिया।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,जिला-महेंद्रगढ़,हरि.
Saturday, February 28, 2026
लो आई गर्मी
हलक सूखने लगा अभी से,
उष्णता सताने लगी है इंसान।
बेहतर प्रबंध कर पेयजल के,
जल पर ही टिका है जहान।।
जीवन का आधार कहलाता,
जीव जंतुओं के प्राण बचाता।
सजल नेत्र जब जन रो पाता,
पानी है जो इंसान को हंसाता।।
***डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा****
मेला
बाबा मोलडऩाथ की सुंदर एक कहानी,
हर जगह शिविरों में मिला भोजन-पानी।
शक्कर का प्रसाद चढ़ा देखे नर और नारी,
सुंदर छवि बाबा की बसी मन में न्यारी।।
ऊंट,घोडिय़ां दिखा रही करतब न्यारे न्यारे,
अपार भीड़ देख रही,देख रहे बच्चे हमारे।
बाबा आश्रम सजा हुआ मन में उतार लो,
बाबा की महिमा को मन ही मन विाचारे।।
**डा. होशियार सिंह यादव,कनीना
महेंद्रगढ़, हरियाणा विश्वरिकार्ड धारक
Thursday, February 26, 2026
आओ मेले में
ऊंट दौड़ते, घोड़ी दौड़ती,
दंगल करने लगे पुकार।
मोलडऩाथ का मेला देेखे,
मिलते भक्त कई हजार।।
बकरी,ऊंट, घोड़ी करतब,
शक्कर प्रसाद की है बहार।
आ जाओ मेले में चलके,
स्वागत को हैं जन तैयार।।
डा. होशियार सिंह यादव
विश्व रिकार्डधारक,कनीना
मोलडऩाथ
भिवानी से आये मोलड़,
जन जन कष्ट मिटाने को।
जप, तप और धर्म मर्मज्ञ,
दुखियों का दर्द हटाने को।।
घुमक्कड़ मन जिज्ञासा ले,
परमपिता से नाता जोड़ा।
मोड़ दिया मुख धारा का,
परहित से नहीं मुख मोड़ा।।
*डा. होशियार सिंह यादव
विश्व रिकार्डधारक,कनीना
Wednesday, February 25, 2026
बाबा मेला
बाबा मोलडऩाथ की महिमा अपरमपार,
धोक लगाकर देख लो, होगी नहीं हार।
मेला एकादशी का,27 फरवरी रख याद,
बीत गया गर ये दिन,करते रहो फरियाद।।
बालकनाथ इक नाम तेरा,संतों में है नाम,
कनीना में बना हुआ,भव्य तेरा एक धाम।
ओलावृष्टि, हैजा रोके, भक्तों के रखवाले,
आ चलकर इक बार,हटाके मन के जालें।।
**डा. होशियार सिंह यादव, कनीना
महेंद्रगढ़, हरियाणा, विश्वरिकार्ड धारक
तीन बाणधारी
हाथों में निशान लिये,भक्त चले खाटूधाम,
महाभारत के योद्धा थे,तीन बाणधारी नाम।
सृष्टि का नाश कर सकते, ऐसी शक्ति पाई,
शीश के दानी ने,सदा संतों की लाज बचाई।।
नीले अश्व सवारी, फाल्गुन में दर्शन पाते हैं,
भीम के पौत्र,कलियुग के श्याम कहलाते हैं।
बालक, बच्चे, बूढ़ों की रक्षा भार निभाते हैं,
हारे का सहारा बनकर,भक्त लाज बचाते हैं।।
***डा. होशियार सिंह यादव,कनीना,हरि.
विश्व रिकार्डधारक, महेंद्रगढ़ 9306300700
Thursday, February 19, 2026
श्याम भक्त
लेकर निशान भक्त जा रहे,
सीधे खाटू धाम की ओर।
श्याम बाबा का नाम लेते,
शाम हो या हो फिर भोर।।
हारे का सहारा कहलाता,
कर देता है भक्त बेड़ा पार।
जीत मिले हर क्षेत्र में सदा,
नहीं होती है कभी भी हार।।
**डा. होशियार सिंह यादव
विश्व रिकार्डधारक, कनीना
मेहनत
मेहनत लिखती जन किस्मत
फिर क्यों किस्मत रोना रोते।
कैसे फसल लोग काट पाएं,
जब वे धरा नहीं बीज बोते।।
हिम्मत हारकर बैठे जाते हैं,
कहते हैं लोग भ्रष्टाचार भरा।
जब पौधों को नहीं सिंचोगे,
नहीं बढ़ेगा नहीं होगा हरा।।
**डा. होशियार सिंह यादव
Sunday, February 15, 2026
रोग
जिस घर में रोग मिलेंगे,
घरवाले हो जाते परेशान।
खुशियों में जीवन बीतता,
वो मिलते दुख से अंजान।।
कई बीमारी जग में फैली,
कई मौत के शिकार हुये।
जिंदगी का दस्तूर यही है,
आए जग में वो चले गये।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना, जिला-महेंद्रगढ़,हरि.
रोग
ज्यादा खाना खाते हैं जो जन,
बन जाता है एक दिन वो रोग।
खाना उतना खाना चाहिए जैसे,
देवताओं को लगाते हम भोग।।
जीने के लिए कुछ खाते देखे हैं,
कुछ खाने के लिए ही जीते हैं।
कुछ जल को दारू रूप में पीते,
कुछ दारू को जल समझ पीते है।।
***डा. होशियार सिंह यादव,
Wednesday, February 04, 2026
कुतरूं
कुतरूं प्राचार्य देखे हमने,
काम रोकते शिक्षकों का।
कलुषित उनके विचार हैं,
व्यवहार लगे भिक्षकों का।।
ओछेपन से भरे मिलते हैं,
राज समझे निज बाप का।
कत्र्तव्य से मुंह मोड़ते वो,
जहर भरा ज्यों सांप का।।
**डा. होशियार सिंह
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा
गीत
गीत पुराने मीत पुराने,
आते जन को याद है।
सुनते रहे, मिलते सदा,
ईश्वर से ये फरियाद है।।
नाम पुराने, धाम पुराने,
हर मन में भरते प्यार हैं।
नाम रटों संत, देवों का,
जीवन मिला उधार है।।
**होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा
Tuesday, February 03, 2026
मौका
देख रहा है वो दाता पल-पल-पल,
करनी का फल देगा आज नहीं कल।
खुद को ज्ञानी मान देते हैं जो धोखा,
प्रभु कभी न दे बचने का कोई मौका।।
झूठ बोलने की जन में फैली बीमारी,
कदम कदम पर बैठे कई व्याभिचारी।
पाखंडी के पाखंडों से डरते नर-नारी,
जयचंदों से कर रहे कितने लोग यारी।।
किताब
ज्ञान की भरी किताब है,
हर प्रश्न का दे जवाब है।
ना पढ़ते उनका ख्वाब है,
हर समस्या का जवाब है।।
लिख पढ़के बने साहब हैं,
पढ़के ही मिलते जवाब हैं।
आदत पढऩे की जनाब हैं,
लोग बन सकते नवाब हैं।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा**
विश्वास
विश्वास किस पर करे,
किसको मान ले खास।
धोखा अकसर देते जो,
मिलते हैं दिल के पास।।
कब बदले इंसान मति,
कब हो जाएगी दुर्गति।
होता है नाश जन का,
कर बैठता है वो अति।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,जिला-महेंद्रगढ़,हरि.
Friday, January 30, 2026
जहरीलें
जहरीले सांप डंक मारते,
मरना निश्चित मानते लोग।
दवा दारू का मौका मिले,
बचना जीवन होता संयोग।।
पर सांपों से विषैले इंसान,
नहीं पता कब डस जाएंगे।
दवा का भी मौका न मिले,
जीते जी जरूर मर जाएंगे।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा**
मेहनत
मेहनत लिखती जन किस्मत
फिर क्यों किस्मत रोना रोते।
कैसे फसल लोग काट पाएं,
जब वे धरा नहीं बीज बोते।।
हिम्मत हारकर बैठे जाते हैं,
कहते हैं लोग भ्रष्टाचार भरा।
जब पौधों को नहीं सिंचोगे,
नहीं बढ़ेगा नहीं होगा हरा।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा***
Tuesday, January 27, 2026
शकुनी-जयचंद
शकुनी, जयचंद बढें
अब,
रावण नहीं हुए कहीं कम।
विभीषण बढ़ते ही जा रहे,
परिवार का निकालते दम।।
सुभाष, भगत सिंह कम हैं,
अंग्रेजी हुकूमत सिर बोले।
राजगुरु, सुखदेव बुला दो,
अंग्रेजों की पोल अब खोले।।
***डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा***
कौन बचाएगा?
ये समय गुजर जाएगा,
फिर हाथ नहीं आएगा।
बुराई जन की छोड़ दो,
वरन कोई ना बचाएगा।।
पाप बुराई साथ चले न,
धर्म कर्म संग में जाएगा।
कोई ऐसा कर्म कर लेना,
हर दिल में बस जाएगा।।
***डा. होशियार सिंह
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा
Friday, January 23, 2026
बेटा
चिंता बेटे के प्रति जब बढ़ी,
वो सूखकर कांटा हो गया।
गम में डूब कहीं खो गया,
वो मौत की नींद सो गया।।
बेटे को धन हाथ लग गया,
जग के व्यसनों में खो गया।
भूल गया उस बाप को भी,
जो सदा सदा नींद सो गया।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा
मां सरस्वती
ज्ञान दिया विज्ञान दिया है मां,
बस तेरे हम सदा उपकारी हैं।
हंसवाहिनी, ज्ञान की देवी मां,
सब देवी देवों में हमें प्यारी हैं।
तेरे बल पर ही मां अब हमको,
धन, आदर और सम्मान मिला।
कृपा अपार रखना बस हम पर,
सुखमय जीवन उपहार मिला।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,जिला-महेंद्रगढ़,हरियाणा
Wednesday, January 21, 2026
कर्म
नीच कर्म में जीने वाले, मोक्ष चाहते आज,
धेला जिनके पास नहीं, वो चाहते हैं राज।
दो कोड़ी के नेता देखो,चाहते सिर पे ताज,
नंगा डांस करने वाले, नहीं मिलेगी लाज।।
पानी भी पीने न देते, लोभी बने जग लोग,
धोखा, फरेब देने का, आज बढ़ा जन रोग।
अपने दुष्कर्मों की सजा, आज रहे हैं भोग,
सच्चाई का दामन थामे, बहुत कम संयोग।।
*डा. होशियार सिंह यादव,कनीना,महेंद्रगढ़
विश्व रिकार्डधारक, कनीना*****
चोर मचाए शोर
आजकल के चोर, जमाते हैं जोर,
उल्टे ओछे कामों में,मचाते हैं शोर।
चोरी से काम,क्या शाम क्या भोर,
कारनामे सुन सुनके नाचते हैं मोर।।
चोरों की पहचान है अधिक बोलते,
निज भेद छुपाके औरों का खोलते।
दूसरे के धन पर उनके मन डोलते,
नीचता से भरे शब्द पर दिल छोलते।।
***डा. होशियार सिंह यादव***
कनीना, महेंद्रगढ़, हरियाणा*****
Monday, January 19, 2026
कर्म
नीच कर्म में जीने वाले, मोक्ष चाहते आज,
धेला जिनके पास नहीं, वो चाहते हैं राज।
दो कोड़ी के नेता देखो,चाहते सिर पे ताज,
नंगा डांस करने वाले, नहीं मिलेगी लाज।।
पानी भी पीने न देते, लोभी बने जग लोग,
धोखा, फरेब देने का, आज बढ़ा जन रोग।
अपने दुष्कर्मों की सजा, आज रहे हैं भोग,
सच्चाई का दामन थामे, बहुत कम संयोग।।
*डा. होशियार सिंह यादव,कनीना,महेंद्रगढ़
विश्व रिकार्डधारक, कनीना*****
बुराई
गंदा जन गंदगी फैलाता,
बुरे कर्म कर न पछताता।
सुख से गर कोई जीएगा,
नीच को कभी न सुहाता।।
मरी आत्मा में वो जीएगा,
लोगों का वो खून पीएगा।
राह में फूलों को चुन चुन,
जन राहों में कांटे बोएगा।।
***डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा
Saturday, January 17, 2026
मां
मां ममता की खान बताई,
जान सको तो जान सचाई।
जग का हर इंसान मानता,
उसकी जग संतान बताई।।
बलिदान करे प्राण अपने,
पूरे कर दे सारे ही सपने।
दया का सागर भरा मिले
नहीं पराया सब हैं अपने।।
***डा. होाियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा
ज्ञान
ज्ञान का सागर भरा हुआ, फिर भी अज्ञानी है लोग,
दूसरे की गलती छांटना, जन-जन में बढ़ा एक रोग।
पाप,अहित का इस जग में, लगा रहे कितने ही भोग,
परहित,सेवा करते मिलते, कहलाता है यह संयोग।।
बुरा जमाना,बुरी बुराई, कहते आये कितने ही संत,
वक्त रहते सुधर न पाए, उस जन का मानों हो अंत।
सच्ची बातें जरूर फैलाना, बुरी बुराई मिले नहीं तंत,
सुबह सवेरे नमन करो, पूजा का अधिकारी है अरिहंत।
***डा. होशियार सिंह यादव,कनीना,हरियाणा
Friday, January 16, 2026
मां
जन्म देती वो मां कहलाती,
कभी लोरी दे बाल सुलाती।
कभी देखकर मंद मुस्कराती,
जल्दी सुबह वो बाल जगाती।।
कभी मां बिछुड़े आंसू बहते,
मरकर भी मां के दिल रहते।
कभी न बिछुड़े किसी की मां,
जगत जननी वो जग की जां।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा**
मां
मां से बड़ा न कोई जग में,कहते देव और संत,
मां का नाम रहेगा जग में,चाहे जन होगा अंत।
बिछुड़ जाते एक-एक कर,कोई न बच पाएगा,
कष्ट मिले इंसान जब, मां का ध्यान लगाएगा।।
मां जीवन देने वाली,करना सदा उसकी सेवा,
बिन मांगे वो दे देती, जग की अनमोल मेवा।
जिनकी मां बिछुड़ गई,अभागा जन कहाएगा,
रोते हंसते गाते वो, बस मां मंदिर में बसाएगा।।
**डा. होशियार सिंह यादव,कनीना
जिला- महेंद्रगढ़, हरियाणा****
Thursday, January 15, 2026
गायों की सेवा
गायों की सेवा कर लो, सभी कष्ट मिट जाएंगे,
धन दौलत से भंडार भरे,सदा सुखी जन पाएंगे।
सेहत बने खुशहाली आये, सारे रोग हट जाएंगे,
देख तुम्हारी खुशियों को, लोग पास बिलाएंगे।।
तीर्थ सारे पूरे होंगे,बस तुम गायों की सेवा करो,
वाणी कर्म सदा हितकर हो, फिर जग से न डरो।
किस्मत भी पलटी मारे,बच्चे सब घर में हँसाएंगे,
देवतुल्य इंसान बनोगे,हर जन दिल में बसाएंगे।।
***डा. होशियार सिंह यादव, कनीना
जिला-महेंद्रगढ़, हरियाणा***********
जिंदगी
छोटी सी जिंदगी, पाप कर्म मत घोल,
सच का दामन थाम,झूठ कभी न बोल।
पता नहीं कब जाना,छोड़कर ये संसार,
अहित नहीं है,सच जीवन का आधार।।
चार दिन याद करें, फिर जाएंगे ये भूल,
फूल बिछा ले, बिखेर नहीं राह में शूल।
देना पड़ता हिसाब, चित्रगुप्त के ही द्वार,
वो मार पड़ेगी जमके, बस मिलेगी हार।।
**डा. होशियार सिंह यादव, कनीना
महेंद्रगढ़, हरियाणा************
Tuesday, January 13, 2026
लोहड़ी
रेवड़ी-मूंगफली जमकर खाओ,
आग समक्ष बैठ खुशी मनाओ।
लोहड़ी का पर्व होता अनोखा,
दुल्ला भट्टी की याद दिलाओ।।
पंजाबी समुदाय मनाता जमके,
मकर संक्रांति की आती याद।
शामिल हो एक दूजे के पर्व में,
संत-महात्मा करते हैं फरियाद।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़, हरियाणा
माया
जग में ऐसे लोग भी देखे,
भूल जाते हैं गुण व काम।
माया के तीन नाम बताये,
परशु, परसा एवं परसराम।।
नहीं रुकी है लक्ष्मी माता,
चलती रहती यहां व वहां।
पकड़ नहीं पाया कोई जन,
कितना बड़ा होता है जहां।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़, हरियाणा
Monday, January 12, 2026
लोहड़ी
रेवड़ी-मूंगफली जमकर खाओ,
आग समक्ष बैठ खुशी मना
ओ।
लोहड़ी का पर्व होता अनोखा,
दुल्ला भट्टी की याद दिलाओ।।
पंजाबी समुदाय मनाता जमके,
मकर संक्रांति की आती याद।
शामिल हो एक दूजे के पर्व में,
संत-महात्मा करते हैं फरियाद।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़, हरियाणा
जहर
रक्षक ही भक्षक बन गये,
अब बाड़ खा रही है खेत।
भाई-भाई अब दुश्मन बने,
मौका मिले गला करते रेत।।
मां-बेटी वो प्यार भूल गई,
बाप बेटे में बढ़ गया है बैर।
दुश्मन तो दगा देते ही आये,
दोस्त दोस्त को दे रहे जहर।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा**
Saturday, January 10, 2026
खाओ
खाओ सूखे मेवे शकरकंदी लो भून,
बैंगन की सब्जी बाजरे का लो चून।
गर्म दूध संग खा लो गोंद के लड्डू,
सेहत बने सर्दी में तब दौड़ पड़े खून।।
खट्टे फल खा,नहीं हो सर्दी जुकाम,
सर्दी से बचाव करो,करते जब काम।
हल्दी,अदरक प्रयोग करो सुबह शाम,
तब मां बाप की सेवा कहलाता धाम।।
**डा. होशियार सिंह यादव,कनीना
जिला-महेंद्रगढ़, हरियाणा********
धोखा
धोखा बुरा संसार में, कभी न देना धोखा,
उनको मारों गोली, जो ढूंढते रहते मौका।
धोखेबाज से दोस्ती,कहते हैं जहर समान,
जूते की नोक पर रखो,करके बस पहचान।।
धोखा खाने वाले की, आत्मा रोती जहान,
धोखा देना जन को,कुत्ता मल खाने समान।
संतों का कहना है, धोखा शैतान का काम,
धोखा,पाप,छल,कपट छोड़, लो प्रभु नाम।।
**डा. होशियार सिंह यादव कनीना,हरि:
विश्व रिकार्डधारी जिला-महेंद्रगढ़
Thursday, January 08, 2026
चेहरा
चेहरा सुंदर मिल जाये,अंदर से हो मलीन,
बड़ा लोग उसे मानते,चाहे बजाता हो बीन।
गुणों की कद्र नहीं है, निर्गुण खाते हैं खीर,
चेहरे से हो सांवला, अक्सर उठाता है पीर।।
गाड़ी में बन ठन चले,मानते हैं उसे अमीर,
पैदल,साइकिल पर चले,निर्धन समझे लोग।
संतों को गाली मिले, कैसा जग का संजोग,
अच्छे को बुरा कहते,बहुत बुरा जग में रोग।।
***डा. होशियार सिंह यादव,कनीना,महेंद्रगढ़
कुत्ते
कुत्ते से दोस्ती बुरी बताई,
दुख पाये गर प्रीत लगाई।
कुत्ते की लार रेबीज भरे,
बिना मौत ही इंसान मरे।।
कुत्ते से बुरे हैं कुछ लोग,
फैलाते रहते रोग ही रोग।
ये लोग अगर काट जाये,
जीवन में खूब दर्द भोग।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा
Tuesday, January 06, 2026
तिलकुटनी व्रत
तिल कूटकर खाती व्रत में,
तिलकुटनी का नाम दिया।
माघ माह की कृष्ण चतुर्थी,
गणेश जी का ध्यान दिया।।
सुख समृद्धि की चाहत है,
बुद्धि में पुत्र गणेश चाहती।
व्रत करेगी गर कोई महिला,
पाप रोग दोष सब हटाती।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा
टिड्डी
ऐसे कितने लोग मिलेंगे,
चाहे अपना जन में नाम।
एक रुपया तक देते नहीं,
टांग अड़ाना होता काम।।
धर्म कर्म मिले फिसड्डी,
हांडते फिरते जैसे टिड्डी।
परहित उन्हें कभी न भाए,
करे शोर शराबा हाय-हाय।।
नजर उठाकर देख लो अब,
कितना किया उन्हें विनाश।
चापलूसी में मिले नंबर वन,
मर जाएंगे यूं ही जोड़ धन।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा
Sunday, January 04, 2026
उजला
उजला चेहरा काम सब खोटे,
पाप करें जमकर पेट हैं मोटे।
चंगुल में फंसते जाते हैं लोग,
कहते इनको समाज के रोग।।
पैसे से यारी हैं चतुर व्यापारी,
खोटा मन मिलते व्याभिाचारी।
बुरा मिलता है अंत कहते संत,
नरक द्वार इनके खुलते अनंत।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा**
धन
धन के पीछे सब भागते,
मानव, दानव और संत।
धन के कारण हो जाता,
बहुत से लोगों का अंत।।
कम-ज्यादा धन दे जाए,
कितने ही लोगों को रोग।
दान व नाश से बचना है,
लगा लेना है इसका भोग।।
**डा. होशियार सिंह यादव,
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा
Friday, January 02, 2026
बधाइयां
जन्मदिन आया अमीशा का,
खुशियों की छायी है बहार।
बच्चे बधाइयां देते मिलकर,
केक रखा खाने को तैयार।।
12 वर्ष बीत गये जन्म को,
लिख पढ़के बने गर महान।
हर बच्ची का सपना मिलता ,
जग में बन जाये ऊंची शान।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा
मुबारक
जन्मदिन मनाते,हंसते और गाते,
हैप्पी बर्थ डे टू यू, जाप सुनाते।
अमीशा लिख पढ़के बने महान,
हर बेटी की बने इक पहचान।।
सुख -समृद्धि में जीवन बीताये,
मिलनसार हो जग नाम कमाये।
मिलके मने जन्म दिन हर साल,
देवों की कृपा से रहे मालामाल।।
**होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा
जन्मदिन
जन्मदिन अमीशा मनाते है आज,
मेहनत के बल करे दिलों में राज।
सुख समृद्धि मिले भरपूर जहां में,
नाम कमाये जन जन को हो नाज।।
शिक्षा पाए बस आगे बढ़ती जाये,
धर्म-कर्म, पुण्य कर्म खूब कमाये।
हर वर्ष यूं ही जन्म दिन यह आये,
बधाइयां दे बच्चे मिल हंसे हंसाये।।
**डा. होशियार सिंह यादव कनीना
विश्वरिकार्डधारक,महेंद्रगढ, हरियाणा
Thursday, January 01, 2026
वर्ष 2026
कितनों को तूने खा लिया,
2025 लौटकर न आएगा।
गम दे गया चैन छीना है,
तू क्या अब चैन पाएगा।।
वर्ष 2026 का है इंतजार,
जन जन को देना है प्यार।
खुशी भर दे हर दिल में,
स्वागत को खड़े हैं तैयार।।
**होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़, हरियाणा
बूंदाबांदी
सर्दी में बूंदाबांदी हुई,
फसलों में आई आब।
खूब पैदावार मिलेगी,
किसानों के हैं ख्वाब।।
शीत लहर अब चली,
बच्चों का रखो ख्याल।
सर्दी जुकाम लग जाये,
हो जाएगा बुरा हाल।।
**डा. होशियार सिंह
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा













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