Saturday, December 21, 2019

सलाह
पूरे बस स्टैंड से अनाज मंडी तक मार्ग पर अतिक्रमण का बोलबाला देख देख लोग परेशान थे। कहीं से भी रास्ते से निकलने की जगह नहीं थी। एक पुलिस की वैन जिसमें एक चालक तथा एक मरियल कांचल सा पुलिस का एएसआई अपनी वर्दी के रोब में जा रहे थे कि एक शरीफ सा अधेड़ सिर पर साफा बांधकर तिराहे पर एक साइड में खड़ा था। पुलिस की वैन व्यक्ति के पास से गुजरने लगी तो मरियल सा पुलिस का वो एएसआई अपनी वर्दी के रोब में अधेड़ से कहने लगा-अरे, ओ! पीछे होकर खड़े हुआ कर। अधेड़ ने एक बार पीछे देखा तो रेहडिय़ों से अतिक्रमण इस कद्र था की पीछे सरकना भी कठिन था। अधेड़ ने तपाक से कहा-मेरी शक्ल देखकर रोब झाड़ रहा है और मुझे तो पीछे खड़े होने की सलाह दे रहा है किंतु पूरे रास्ते में अतिक्रमण सरेआम रोड़ तक किया हुआ उनको एक शब्द भी नहीं बोल रहा। यही ना कि मैं तुम्हारी जेब गर्म न कर सकता। मरियल कांचल पुलिस अधिकारी ने एक बार अधेड़ की ओर देखा और क्रोध भांपकर आगे बढ़ गया। अधेड़ सोच रहा था कि शरीफ को तो ये पुलिस वाले भी रास्ते में खड़ा तक नहीं होने देते।
**होशियार सिंह, लेखक, कनीना,हरियाणा**

No comments: