नींद
नेता ने करवट बदलते हुए अपने पुत्र से कहा-बेटा, आज तो नींद ही नहीं आ रही है। कल मतगणना होगी और परिणाम आएगा। नींद के लिए एक चाय बना दो।
बेटे ने झटपट कहा-पिताजी, चाय तो नींद को और भगाती है। ऐसे में तो रातभर जाग जागकर रक्तचाप बढ़ जाएगा और हृदय घात हो सकता है। ऐसे में कोई नींद की गोली लेकर सो जाओ। नेता ने क्रोध में आकर कहा-वोटर ने तो मेरे साथ खूब मजाक किया है अब तुम तो मजाक मत करो। फिर भी तुम्हारी यही इच्छा है तो पांच-सात गोलियां नींद की ला दो ताकि सुबह तक होश न आए।
अगर सुख की नींद लेनी थी तो यह चुनाव ही क्यों लड़ा? चुनाव लडऩे वाले तो धन, नींद, प्यास, भूख, परिवार से मिलन आदि सब कुछ भूला देते हैं। अब चुनाव परिणाम तो भुगतना ही होगा और रहा परिणाम वो तो जैसा बोया वैसा काटना होगा। पुत्र ने नेता से जवाब दिया। इतना सुन नेता के होश ठिकाने लग गए।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
नेता ने करवट बदलते हुए अपने पुत्र से कहा-बेटा, आज तो नींद ही नहीं आ रही है। कल मतगणना होगी और परिणाम आएगा। नींद के लिए एक चाय बना दो।
बेटे ने झटपट कहा-पिताजी, चाय तो नींद को और भगाती है। ऐसे में तो रातभर जाग जागकर रक्तचाप बढ़ जाएगा और हृदय घात हो सकता है। ऐसे में कोई नींद की गोली लेकर सो जाओ। नेता ने क्रोध में आकर कहा-वोटर ने तो मेरे साथ खूब मजाक किया है अब तुम तो मजाक मत करो। फिर भी तुम्हारी यही इच्छा है तो पांच-सात गोलियां नींद की ला दो ताकि सुबह तक होश न आए।
अगर सुख की नींद लेनी थी तो यह चुनाव ही क्यों लड़ा? चुनाव लडऩे वाले तो धन, नींद, प्यास, भूख, परिवार से मिलन आदि सब कुछ भूला देते हैं। अब चुनाव परिणाम तो भुगतना ही होगा और रहा परिणाम वो तो जैसा बोया वैसा काटना होगा। पुत्र ने नेता से जवाब दिया। इतना सुन नेता के होश ठिकाने लग गए।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
जीता दो
बजरंगबली के मंदिर में एक नेता हाथ जोड़कर प्रार्थना कर रहा था कि मेरी जीत पक्की करा दो। मैं आपका 51 लाख रुपये का प्रसाद चढ़ाऊंगा? कोई गलती हो गई हो तो माफ कर देना। मंदिर में एक गरीब व्यक्ति भी पूजा कर रहा था जिसने नेता के शब्द सुने और उससे रुका नहीं गया। उसने कहा-नेता जी, यदि इतनी राशि लोगों को विशेषकर गरीबों को दी होती, जनहित के कार्य किए होते, विकास करवाया होता तो वोटर स्वयं ही वोट दे देते और आज गिड़गिड़ाने की नौबत नहीं आती। तुम्हें वोटर भी माफ नहीं करेगा। जनता ही जनार्दन होती है। प्रभु तुम्हें कैसे माफ करेगा जब उसके अनन्य भक्तों के लिए आपके दिल में पांच वर्षों तक कोई रहम नहीं आया। नेता ने जब ये शब्द सुने तो होश ठिकाने लग गए। अब तो उसे अपनी गलती का अहसास हो गया था।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
बजरंगबली के मंदिर में एक नेता हाथ जोड़कर प्रार्थना कर रहा था कि मेरी जीत पक्की करा दो। मैं आपका 51 लाख रुपये का प्रसाद चढ़ाऊंगा? कोई गलती हो गई हो तो माफ कर देना। मंदिर में एक गरीब व्यक्ति भी पूजा कर रहा था जिसने नेता के शब्द सुने और उससे रुका नहीं गया। उसने कहा-नेता जी, यदि इतनी राशि लोगों को विशेषकर गरीबों को दी होती, जनहित के कार्य किए होते, विकास करवाया होता तो वोटर स्वयं ही वोट दे देते और आज गिड़गिड़ाने की नौबत नहीं आती। तुम्हें वोटर भी माफ नहीं करेगा। जनता ही जनार्दन होती है। प्रभु तुम्हें कैसे माफ करेगा जब उसके अनन्य भक्तों के लिए आपके दिल में पांच वर्षों तक कोई रहम नहीं आया। नेता ने जब ये शब्द सुने तो होश ठिकाने लग गए। अब तो उसे अपनी गलती का अहसास हो गया था।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
प्रदूषण
रमन, तुम बहुत उदास नजर आ रहे हो। घर में सब खैरियत तो है? राजू ने पूछा।
हां, मैं बहुत परेशान हूं। दीपावली का पर्व सिर पर किंतु अभी तक वेतन नहीं मिला है। ऐसे में दीपावली के पर्व पर बच्चों के लिए पटाखे खरीद पाना कठिन हो जाएगा। बच्चे मानते ही नहीं। घरवाली जवाब मांगती है, जवाब नहीं दे पा रहा हूं। जब से न्यायालय से बदली वापस हुई है, वेतन की समस्या बन गई है। रमन ने जवाब दिया।
राजू ने खुश होकर कहा-यह तो कुछ अच्छा ही हुआ है।
...अच्छा, वो कैसे? ...
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रमन, तुम बहुत उदास नजर आ रहे हो। घर में सब खैरियत तो है? राजू ने पूछा।
हां, मैं बहुत परेशान हूं। दीपावली का पर्व सिर पर किंतु अभी तक वेतन नहीं मिला है। ऐसे में दीपावली के पर्व पर बच्चों के लिए पटाखे खरीद पाना कठिन हो जाएगा। बच्चे मानते ही नहीं। घरवाली जवाब मांगती है, जवाब नहीं दे पा रहा हूं। जब से न्यायालय से बदली वापस हुई है, वेतन की समस्या बन गई है। रमन ने जवाब दिया।
राजू ने खुश होकर कहा-यह तो कुछ अच्छा ही हुआ है।
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Hoshiar Singh Yadav is with Kamal Singh.
लघुकथा शपथ
पति पत्नी को एक साथ अघ्र्य देते हुए देख अनीता ने कहा-वाह! आज तो दोनों के बीच मधुर संबंध देखने को मिल रहा है। भगवान करे कि यह प्यार यूं ही दोनों के बीच पलता रहे।
पति पत्नी ने अनीता के पैर छूते हुए कहा कि आपका आशीर्वाद बना रहा तो अपार सफलताएं मिलेंगी। सबसे अधिक तकरार सास और बहु के बीच मिलती है। आज से चंद्रमा समक्ष शपथ लो कि कभी मनमुटाव नहीं आने देंगे। अनीता ने जब दोनों की बात सुनी तो दोनों को गले से लगा लिया।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
पति पत्नी को एक साथ अघ्र्य देते हुए देख अनीता ने कहा-वाह! आज तो दोनों के बीच मधुर संबंध देखने को मिल रहा है। भगवान करे कि यह प्यार यूं ही दोनों के बीच पलता रहे।
पति पत्नी ने अनीता के पैर छूते हुए कहा कि आपका आशीर्वाद बना रहा तो अपार सफलताएं मिलेंगी। सबसे अधिक तकरार सास और बहु के बीच मिलती है। आज से चंद्रमा समक्ष शपथ लो कि कभी मनमुटाव नहीं आने देंगे। अनीता ने जब दोनों की बात सुनी तो दोनों को गले से लगा लिया।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
लघुकथा आधुनिकता
रमेश कैसे हो? चुनावों की तैनाती रिहर्सल में भीड़ में पीछे से आवाज आई। एक युवक हाथ में कागज लिए 54-55 वर्षीय शिक्षक रमेश को पुकार रहा था।
रमेश ने एकटक युवक को देखा और आत्मीयता से पूछा-भाई मैंने आपको पहचाना नहीं? आप अपना परिचय देंगे कि किस प्रकार मुझे जानते हो? युवक ने रमेश की आंखों में आंखें मिलाकर कहा-'तुम' मुझे भूल गए। मैं कभी 'तुम्हारे' पास सातवीं कक्षा में पढ़ता था।
...तुम पढ़ते थे, यह नामुमकिन लगता है। मेरी तो जीवन भर शिक्षण रूपी तपस्या आज श...
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रमेश कैसे हो? चुनावों की तैनाती रिहर्सल में भीड़ में पीछे से आवाज आई। एक युवक हाथ में कागज लिए 54-55 वर्षीय शिक्षक रमेश को पुकार रहा था।
रमेश ने एकटक युवक को देखा और आत्मीयता से पूछा-भाई मैंने आपको पहचाना नहीं? आप अपना परिचय देंगे कि किस प्रकार मुझे जानते हो? युवक ने रमेश की आंखों में आंखें मिलाकर कहा-'तुम' मुझे भूल गए। मैं कभी 'तुम्हारे' पास सातवीं कक्षा में पढ़ता था।
...तुम पढ़ते थे, यह नामुमकिन लगता है। मेरी तो जीवन भर शिक्षण रूपी तपस्या आज श...
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वो जरूर सुनेगा
सूखा पडऩे से बर्बाद हुई फसल को देखकर राजू किसान रो पड़ा और अपनी पत्नी रमली को कहने लगा-हम बर्बाद हो गए। मेहनत पर पानी फिर गया। बच्चे भूखो मरेंगे। अनाज कहा से आएगा?
रमली ने समझाते हुए कहा-अनाज जरूर आएगा। वो दाता ही अन्न देगा। राजू से बातें करते करते रमली ने कहा-लो बारिश होने लगी है। अब बीज बो देना देखना इस बार पीछे तक की भरपाई वो दाता करेगा। फसल लहलहाई और बेहतर पकने के बाद वो बंपर पैदावार हुई की राजू की आंखें मारे खुशी के भर आई। पैदावार को देखकर राजू व रमली ने भगवान का आभार जताया। तभी रमली ने कहा-हमें विश्वास था कि वो दाता सबको अन्न एवं जल देते हैं। हमारी आस्था सफल हुई।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
सूखा पडऩे से बर्बाद हुई फसल को देखकर राजू किसान रो पड़ा और अपनी पत्नी रमली को कहने लगा-हम बर्बाद हो गए। मेहनत पर पानी फिर गया। बच्चे भूखो मरेंगे। अनाज कहा से आएगा?
रमली ने समझाते हुए कहा-अनाज जरूर आएगा। वो दाता ही अन्न देगा। राजू से बातें करते करते रमली ने कहा-लो बारिश होने लगी है। अब बीज बो देना देखना इस बार पीछे तक की भरपाई वो दाता करेगा। फसल लहलहाई और बेहतर पकने के बाद वो बंपर पैदावार हुई की राजू की आंखें मारे खुशी के भर आई। पैदावार को देखकर राजू व रमली ने भगवान का आभार जताया। तभी रमली ने कहा-हमें विश्वास था कि वो दाता सबको अन्न एवं जल देते हैं। हमारी आस्था सफल हुई।
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