Friday, February 28, 2020

खाटू
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अर्ज सुनों बाबा मेरी
आश ले  आया द्वारे
मनोकामना पूरी करो
जगत दाता मेरे प्यारे,
पैदल चलकर आया
बहुत  दुख  पाया हूं
जीवनभर दुखी रहा
जग ने भी सताया हूं,
तीन बाणधारी कहते
नीले घोड़े की सवारी
शीश के दानी कहाते
अर्ज सुनो यह हमारी,
वर्षों से आता रहा हूं
पास है बस अरमान
यही अर्ज  हमारी है
रखना बस मेरा मान।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना**



ताऊ ताई संवाद

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ताई बोली ताऊ से.....
खाटू में मेला लगा है
कर  लेती  हूं तैयारी
मैं निशान  चढ़ाऊंगी
जाएंगी सखियां सारी।
ताऊ बोला ताई से.....
सवा मीटर कपड़ा ले
चल दो  जल्दी  भोर
पड़ाव कम  करने हैं
नारों से  करना शोर,
दर्शन कर  प्रसाद ले
सीधे आना निज घर
मनोकामना  हो पूरी
नहीं  किसी  का डर।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**

तीन बाणधारी 

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भीष्म का पौत्र था
नाम था बरबरीक
बलवान से लडऩा
दी थी उन्हें सीख,
गुरु सेवा करने से
मिला  था वरदान 
साहस से भरा था
शक्ति में था महान,
मां से पा  आशीष
युद्ध मैदान  आया
उनके बाण देखके
सबने शीश नवाया,
ना होगा महापुरुष 
ऐसा था बलशाली
शीश का दानी था
चकित जग माली।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**




अकड़ 

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वार्षिक परीक्षाएं चल रही थी कि एक लड़की एक घंटा लेट आने के कारण परीक्षा में न बैठने दिया। लड़की ने अकड़ दिखानी शुरू कर दी। उसने कहा कि -मैं पढऩे में बहुत बुद्धिमान हूं, मुझे परीक्षा से कैसे रोका जा सकता है। शिक्षक ने परीक्षा में बैठा तो दिया किंतु लड़की कहने लगी कि अब मेरा एक घंटा बीत गया वो कौन देगा? शिक्षक ने कहा-वो सरकार देगी। अब तो तुम परीक्षा देकर अपने घर जाओ। इतना सुनकर लड़की रोने लगी। अन्य शिक्षक समझ ही नहीं पाए कि दोषी कौन है?
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**












Thursday, February 27, 2020

सुन लो श्याम
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हाथों में निशान लेकर
चलने की  हुई तैयारी
समस्त कष्ट मिटा देना
सुनो देव  अर्ज हमारी,
पैदल चलकर आते हैं
मन में होते हैं अरमान
मनोकामनाएं करो पूरी
खाटू हमारे आन शान,
हर वर्ष आता  चलके
ले  मन ही  मन आश
तेरे दर्शन  को आऊंगा
जब तक  तन में सांस,
बार बार विनती अर्ज
दर्शन दे  दो एक बार
अंतिम तमन्ना यही है
नहीं मानूंगा कभी हार।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**





ताऊ ताई संवाद

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ताई बोली ताऊ से......
परीक्षाओं  का दौर है
भक्तों की आई परीक्षा
फसल पकी लहलहाई
गुरु दे रहे शिष्य शिक्षा।
ताऊ बोला ताई से......
भक्त चले  खाटू श्याम
लेकर  हाथों में निशान
200 किमी  पैदल चल
बढ़ जाएगी उनकी शान,
अर्पित करेंगे खाटू बाबा
धन्य हो जाएंगे  वो सारे
पाप, संताप सभी मिटेंगे
बाबा को भक्त हैं प्यारे।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**







फूल 

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खाटू श्याम मंदिर के द्वार पर एक छोटी सी बच्ची हाथ जोड़े खड़ी थी किंतु उनके पास कोई फूल या धूप, दीप आदि नहीं था। सभी पुष्प अर्पित कर रहे थे कि तभी एक भक्त ने पूछा-बेटी, आपके पास फूल नहीं है। पास खड़ा एक अन्य भक्त मुस्कुराते हुए बोला-यह खुद ही फूल के समान है। इसे फूल की क्या जरूरत होती है। इतना सुन सभी के चेहरे मुस्कुरा उठे।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**





Wednesday, February 26, 2020

तीन बाणधारी
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नीले घोड़े  की सवारी
कहाता तीन बाणधारी
उसके आगे सब फीके
सुनता है  अर्ज हमारी,
भक्तवत्सल  कहलाता
पूरी करता भक्त आश
अंधेरा सारा मिटा देता
ना करता कभी निराश,
मिश्री, नारियल प्रसाद
और चूरमा चढ़ा भारी
सबका दाता वो कहाए
सुनना अर्ज एक हमारी,
उसके द्वार पर आता है
नहीं लौटा  खाली हाथ
देवों में  देव  निराला है
सबका देता है वो साथ।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**


ताई ताऊ संवाद 

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ताई बोली ताऊ से......
सवा मीटर कपड़ा लाओ
खाटू का निशान बनाएंगे
हाथों में निशान को लेके
खाटू सब मिलकर जाएंगे।
ताऊ बोला ताई से..........
कपड़े की क्या है जरूरत
बना बनाया लेलो निशान
पैदल रास्ते  चलते रहना
खाटूश्याम मन और प्राण,
लंबा सफर तय करके ही
पहुंच जाएंगे बाबा के द्वार
उनके दर पर दस्तक देगा
न होगी कभी उसकी हार।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**



उम्र 

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स्कूल में गांव का व्यक्ति आ धमका और शिक्षक से उलझने लगा किंतु शिक्षक ने सूझबूझ का परिचय दिया। व्यक्ति ने शिक्षक की ओर देखकर कहा-मैं तुमसे अधिक उम्र का हूं। शिक्षक ने पूछा-भाइई आपकी उम्र कितनी है तो झटपट व्यक्ति ने अपनी उम्र 42 साल बताई। शिक्षक ने कहा-प्रियजन, मेरी उम्र 55 साल है और जब मैं पढ़ाता था तो आप पढ़ते थे। व्यक्ति अपना सा मुंह लेकर आगे बढ़ गया। 

**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**

Tuesday, February 25, 2020

खाटू धाम 
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रिंगस से 20 किमी दूर
लगा है भक्तों का तांता
नंगे पैर चले जा रहे हैं
पास में ना कोई  छाता,
जगह जगह  शिविर हैं
करते  जहां भक्त सेवा
इस  सेवा  के बल पर
उनको  मिलता है मेवा,
निशान  हाथों  में होता
मुंह में  खाटू  का नाम
भक्तजन इच्छा पूर्ण हो
वो  कलियुग के श्याम,
फाग मेला खाटू भरता
पूरे विश्व में  होता नाम
इच्छा सबकी पूरी करो
जय हो मेरे खाटू श्याम।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**



होली

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होली का  पर्व आया
खेल रहे लुक्का छिपी
भाग दौड़ मची भारी
खाते बर्फी व  मट्ठी,
राम, श्याम, बलराम
और उनके संग सेठी
चांदनी रात सुहानी हैं
सुनहरी लग रही रेती,
राम, श्याम छिप गए 
सेठी आया दौड़ लगा
कहीं कोई  ना मिला
वो समझे  कहीं ठगी,
खेलकूद जब थके थे
चल पड़े वो घर ओर
ऐसे जा रहे  छुप छुप 
जैसे जाता कोई चोर।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**



ताऊ ताई संवाद 

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ताई बोली ताऊ से.....
ईश्वर की पूजा करने को
अब तो मन करता रहता
जग के पाप, दुष्कर्म देख
आंखों से अश्रु ही बहता।
ताऊ बोला ताई से........
बचपन,जवानी, वानप्रस्थ
आ गई उम्र अब सन्यास
धार्मिक स्थानों की सैर से
बढ़ जाए अपनी ही शान,
शिवालयों में जाएंगे दोनों
करेंगे दर्शन शिव भगवान
ब्रह्मा, विष्णु को याद करे
कलियुग में खाटू की शान।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**

भगवान से डर 

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पैर से लंगड़ा युवा अपने जोश में पागल हो रहा था। हाथ में बेंत लेकर एक अधेड़ पर टूट पड़ा और इतना पीटा की देखते ही देखते अपने बेंत को ही तोड़ डाला। लोगों ने छुड़ाने का प्रयास किया किंतु वो कब मानने वाला था। आखिरकार पास खड़े लोगों के मुख से निकला कि इस जन्म में तो भगवान ने लंगड़ा बनाकर सजा दी है और काम ऐसे गंदे हैं कि अगले जन्म में दोनों पैर नहीं होने चाहिए।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**

Monday, February 24, 2020

बर्बरीक 
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कलियुग के अवतारी
खाटू श्याम कहलाते
जब जब भक्त पुकारे
दौड़े-दौड़े  चले आते,
भीम के  पौत्र कहाए
तीन बाणधारी नाम है
हारे का सहारा होते हैं
भक्तों सेवा ही काम है,
विजय उनके  गुरु हुए
परम शिष्य बनाया था
उनके रण  को  देखने
भगवान श्रीकृष्ण आया,
सदा-सदा  रहेगा  नाम
शीश के दानी कहलाते
उनका सर्वनाश करते हैं
जो उनके भक्त  सताते।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**




ताऊ ताई संवाद

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ताई बोली ताऊ से.....
खाटू का मेला आया है
मैं भी पदयात्रा पर जाऊं
घर से निशान ले जाकर
खाटूधाम पर जा चढ़ाऊं।
ताऊ बोला ताई से......
मैं भी पैदल चल जाऊंगा
उस देव के दर्शन पाऊंगा
सारी मन्नतें पूर्ण कर देगा
जा खाटू में धोक लगाऊं,
कष्ट बेशक सहना पडग़ा
पर उसकी महिमा अपार
चलते रहेंगे दिनरात हम
नहीं कदमों से कभी हार।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**


आस्था

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पेट के बल चलते हुए खाटू श्याम मंदिर की ओर आते हुए भक्त को देखकर महिलाओं ने पूछा-भक्त इतना कठोर तप क्यों कर रहे हो? भक्त ने उत्तर दिया-मातेय, इस खाटू श्याम ने अपने पितरों के लिए अपने शीश का दान दे दिया था। उससे बड़ा तो कोई तप मैं नहीं कर रहा हूं। इस देव ने जनहित में काम किया। भक्तों का मान बढ़ाया है। मैं भी उनसे कुछ मांगने आया हूं। उनकी बात सुनकर महिलाओं के मुख से वाह वाह, शब्द निकले।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**

Sunday, February 23, 2020

खाटू श्याम 
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चल पड़े निशान लेकर
जा रहे रिंगस की ओर
तीन बाणधारी की जय
खाटू श्याम उनका ठोर,
अबला, पुरुष अलबेेले
रट लगा रहे खाटूश्याम
कलियुग के है श्रीकृष्ण
आज के दिन बड़ा नाम,
लंबी कतारें दूर दूर तक
लगे हुए पग पग पड़ाव
खूब सेवा  हो भक्तों की
दिल में उमंग और चाव,
नीले घोड़े की है सवारी
नहीं उन जैसा बलशाली
भक्तवत्सल  कहलाते वो
सबकी करते हैं रखवाली।
**होाियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**

        बेर 

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बेर आए बाजार में
खट्टे मीठे गोल गोल
विटामिन के स्रोत हैं
रुपयों में  मिले तोल,
मुंह की एक्सरसाइज
कर देते  स्वस्थ दांत
फाइबर इनमें मिलते
स्वस्थ हो जाती आंत,
देशी और बागों वाले
या फिर हो झाड़ी बेर
बेच रहे खुले बाजार
लगे हुए हैं इनके ढेर,
गरीबों की रोटी रोजी
पाल रहे  निज बाल
बेरोजगारी कसूती हो
कर देती  है बदहाल।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**



ताई ताऊ संवाद 

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ताई बोली ताऊ से.....
इंसान चांद  पर जाएगा
हम भी एक दिन जाएंगे
अपनी  बैलों  की जोड़ी
साथ अपने ही ले जाएंगे।
ताऊ बोला ताई से......
सारे  खेत  क्यार बेचकर
तब ही चंद्रमा पर जाएंगे
यहां से बैल नहीं ले जाए
चांद पर खरीद ले आएंगे,
मेहनत करे मिलकर वहां
खूब  गेहूं, बाजरा उगाएंगे
मोटे  दामों पर अनाज बेच
दोनों ही अमीर बन जाएंगे।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा** 


प्यार 

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बड़े चाव से नव आगंतुक महिला ने सब्जी और रोटी बनाई। किंतु सब्जी में मिर्च बहुत अधिक डाली गई थी और समझ रही थी कि उनकी सब्जी खाकर परिवार प्रसन्न होगा। किंतु ज्योंही सब्जी परिजनों ने खाने का प्रयास किया तो भारी मात्रा में मिर्च पाकर सभी चुप्पी साधे प्रसन्न थे। महिला उनके मुस्कुराते चेहरे को देखकर समझी कि उन्होंने सब्जी बहुत बढिय़ा बनाई है। किंतु जब वो स्वयं चखने लगी तो उसे पता लगा कि प्यार के कारण ये सभी बोल नहीं रहे थे।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**


Saturday, February 22, 2020

खुशी
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मेले और पर्वों से सदा
मिलती है बहुत खुशी
वरन जगत के कष्टों से
मिलती है दुनिया दुखी,
जब कभी पर्व आते हैं
भर देते  हैं मन उल्लास
ऐसा लगता  पास कोई
दे रहा है एक आभास,
जब कोई मेला आएगा
मन को  अति हर्षाएगा
बहुत दुख  मिलते सदा
मानव छुटकारा पाएगा,
पर्व और मेले आते रहे
ले आए  खुशी  पैगाम
हर हर  बोले मन सदा
हो जाए जगत में नाम।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**




ताऊ ताई संवाद 

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ताई बोली ताऊ से....
यह जग दर्द का दरिया
यहां जल जल मरते हैं
दुष्ट, राक्षस से जगवाले
सदा डर डर के मरते हैं।
ताऊ बोला ताई से......
दुष्ट की प्रवृत्ति न बदले
काटते रहते हैं पल पल
दुष्ट,  निकष्ट, राक्षस का
नहीं सीधा सा कोई हल,
युगों से दुख देते आए हैं
अभी और भी  दुखाएंगे
देव कुछ न बिगाड़ पाए
सज्जन भी आंख चुराएंगे।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**


परेशान 

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दूसरी बीवी होने का रोब बहुत झाडऩे वाली रजनी अपने पति को तो तंग करती ही थी वहीं पहली पत्नी के बच्चे के भी बेहद तंग करती थी। जिसे देखकर लगता था कि यह औरत कोई औरत नहीं अपितु एक मुसीबत बनकर आई है। आस पास के लोग भी उससे बेहद तंग थे। आखिरकार पत्नी ने बच्चे को लेकर कहीं जाने का इरादा कर लिया। पत्नी ने उन्हें घर छोड़कर जाने की झटपट बात कह डाली। आखिरकार रोते हुए पति और उसका बच्चा घर से निकल गए। लोगों को भी आंसू आ गए किंतु उस औरत को नहीं जिसे देखकर लोग चकित थे।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**


Thursday, February 20, 2020





जलाभिषेक 
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महाशिवरात्रि का दिन था कि भक्तजन शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित कर रहे थे। एक बुजुर्ग गंगाजल लेकर नहीं आ सका। तभी उसने शिवभोले से प्रार्थना की कि भोलेनाथ मेरी लाज रखना। जब मैं शिवलिंग के पास पहुंचकर गंगा जल अर्पित करना चाहूं तब बारिश कर देना। ज्योंहि भक्त शिवलिंग के पास पहुंचा तो बारिश होने लगी। उपस्थित भीड़ प्रसन्न हुई और कहा-यह भक्त सच्चे दिल से अरदास कर रहा था। पवित्र बारिश ने जलाभिोक कर दिया। इनकी अरदास सुन ली है। बुजुर्ग भी प्रसन्न था।
**होशियार सिंह, लेखक, कनीना, हरियाणा**



ताऊ ताई संवाद 

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ताई बोली ताऊ से.......
महाशिवरात्रि का पर्व आया
पैदल चलके शिवालय जाऊं
गंगाजल से जलाभिषेक करूं
शिवभोले का  दर्शन मैं पाऊं।
ताऊ बोला ताई से.........
भोले बाबा करते सब भली
उनके दम से खिलती कली
विश्व में सबसे ज्यादा भक्त
याद करके विपत्ति भी टली,
बेलपत्र, बेर, गाजर चढ़ाकर
कर लो शिवभोले को प्रसन्न
धोक लगा, गंगाजल अर्पित
हो जाता है पवित्र तन-मन।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**

श्रद्धा व भक्ति 

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जिसमें श्रद्धा व भक्ति
पा लेता  अपार शक्ति
प्रभु नाम रटते रटते ही
मिल जाएगी उसे तृृप्ति,
प्रभु, गुरु,  माता-पिता
कहलाते भक्ति आधार
कष्ट न दो इन देवों को
बरसे बस इनका प्यार,
देते रहते हैं  जो धोखा
न मिलता  उन्हें मौका
चंद दिन की जिंदगी है
यह है एक हवा झोंका,
शुभ कर्म करते रहना है
इंसान की पहला वसूल
धोखा देगा जो जन को
एक दिन  फांकेगा धूल।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**

 


चलों मेले में 
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रामू ने कहा राज से
महाशिवरात्रि  आई
गांवों में लगे हैं मेले
झूलों ने  धूम मचाई,
पैसे लेकर चल पड़े
रामू और  राज मेले
पहुंचे भाग  दौड़कर
मिलकर खाए  केले,
सीटी खरीदकर एक
चल पड़े सीटी मारते
पैदल चल चल थके
पर हिम्मत ना हारते,
खूब मजा लूटा  मेले
हो गए वे अति प्रसन्न
कोई इच्छा नहीं रही
खुश हुआ तन - मन।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**


Wednesday, February 19, 2020

मेले 
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लग गए हैं मेले
आ गया फागुन
हंसते गाते जाते
मिलेगा  शकून,
दर्शन करने जा
हंसते हुए आए
ऐसी महिमा हो
मन में बस जाए,
शक्कर, गुड़ बांटे
और चढ़ाए दही
कहीं रंग  बरसे
खुशी मने  कहीं,
आते  जाते रहते
ये मेले  हर बार
कोई बिछुड़ा है
मानना नहीं हार।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**







अंधी

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बेचारी अंधी की शादी क्या हुई उसका पति तो शराब के नशे में धुत रहने लगा। एक पुत्र होने के बाद तो सारी जमीन जायदाद बेचकर शराब का आदि हो गया। घर बार न होने के कारण बच्चे ने अपनी मां के सहारा बनना पड़ा। कहीं रेलवे स्टेशन पर भीख मांगकर खाते और इधर उधर समय बीताने लगे। जो भी उनको देखता बस तरस खाकर कहता कि पहले तो अंधी और उस पर यह दुर्दशा। भगवान ने उनके साथ क्या बीताई?
 **होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**


ताऊ ताई संवाद 

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ताई बोली ताऊ से.....
जगह जगह मेले लगे हैं
मेला देखने का मन करे
पैसे धैली  पास नहीं हैं
इस बात का डर लगता।
ताऊ बोला ताई से......
नहीं है पैसे की जरूरत
मेले में कई लोग मिलते
जान पहचान  बढ़ जाए
मन के बाछे खिल जाए,
भगवान के घर देर नहीं
कब भाग्य खेल दिखाए
आज रोता  जो जाता है




कल हंसता  हुआ आए।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**