Monday, December 30, 2019

        कविता/कहानी/ताऊ ताई संवाद/लघु कथा

नव वर्ष
खुश हो रहे हैं बच्चे
नव वर्ष लो आया है
धरा पर सरसों फूली
जन मानस हर्षाया है,
मोती सी  बूंदे पुकारे
छाया हुआ है कोहरा
हंस खुशी में  झूमलो
वरना जीवन है कोरा,
ऊनी कपड़ों में लिपट
लगता रामू मोटा ताजा
नव वर्ष  की बहार है
आओ खेल ले आजा,
नहीं कोई अब द्वेष है
नहीं कोई अब है बैर
नव वर्ष पर दुआ मांगे
प्रभु रखना सबकी खैर।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**





      बचाएंगे
नया साल अब आया
लो पानी को बचाएंगे
वर्षा जल संचयन करे
जन-जन को हंसाएगे,
भावी पीढ़ी को बताएं
जल  कहलाता अमृत
अगर नहीं बचा  पाएं
पानी महंगा सस्ता घृत,
नव वर्ष पर संदेश देंगे
जल को मतना बहाओ
संकट में है भावी पीढ़ी
बेहतर सोच तो बनाओ,
क्यों बहा  रहे जल को
जल होता  है अनमोल
जल की  बचत  करके
कानों में मिश्री ले घोल।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**





         सम्मान
नव वर्ष,  नव उमंग
नव जोश नव बहार
जब तक जीवन रहे
महकता रहेगा प्यार,
कोहरा छा रहा श्वेत
महक रही है बहार
तोता तोती बतियाते
झलक रहा है प्यार,
गुलदावदी महकती
भंवरे को करे पुकार
पीली-पीली सरसों 
आई देखो नवबहार,
चारो तरफ  सर्दी है
मानव जन रहे कांप
मंदिरों में  बजे घंटी
भक्तजन करते जाप।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**




बधाई
रामू ने श्याम से कहा-लो,बीड़ी सुलगा दी है। अच्छे से कस मार लो। नया साल आया है। बहुत खुशी का दिन है।
श्याम ने प्रत्युत्तर में कहा-दोस्त, तुमने सच ही कहा कि नया साल आ गया है। और इस दिन को अगर आप शुभ दिन मानते हैं तो आज से मैंने बीड़ी- सिगरेट सभी का त्याग कर दिया है। अब मैं कभी इनका सेवन नहीं करूंगा। एकाएक बुराइयों का त्याग कर रहा हूं।
रामू ने कहा-अगर ऐसी बात है तो लो मैं भी आज के बाद बीड़ी-सिगरेट नहीं पीऊंगा। आज से हम दूसरों को भी यही शिक्षा देंगे। दोनों के चेहरों पर खुशी झलक रही थी। खुश क्यों न हो सचमुच बड़ा काम किया था।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**






ताई ताऊ संवाद
ताई बोली ताऊ से......
नया वर्ष आया देखो
लेकर आओ मिठाई
दो समोसे ले लाओ
थोड़ी  लाओ खटाई।
ताऊ बोला ताई से....
बेकार होते  समोसे
अच्छी नहीं  मिठाई
पाचक शक्ति घटाए
क्यों खाएंगे  खटाई?
गोंद के लड्डू खाएं
खाएंगे दूध - मलाई






सेहत हमारी सुधरेगी
जग में ना हो हंसाई।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा**

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