Saturday, February 28, 2026

 
    लो आई गर्मी
हलक सूखने लगा अभी से,



उष्णता सताने लगी है इंसान।
बेहतर प्रबंध कर पेयजल के,
जल पर ही टिका है जहान।।
जीवन का आधार कहलाता,
जीव जंतुओं के प्राण बचाता।
सजल नेत्र जब जन रो पाता,
पानी है जो इंसान को हंसाता।।
***डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा****
                मेला
बाबा मोलडऩाथ की सुंदर एक कहानी,
हर जगह शिविरों में मिला भोजन-पानी।
शक्कर का प्रसाद चढ़ा देखे नर और नारी,
सुंदर छवि बाबा की बसी मन में न्यारी।।
ऊंट,घोडिय़ां दिखा रही करतब न्यारे न्यारे,
अपार भीड़ देख रही,देख रहे बच्चे हमारे।
बाबा आश्रम सजा हुआ मन में उतार लो,
बाबा की महिमा को मन ही मन विाचारे।।
**डा. होशियार सिंह यादव,कनीना
महेंद्रगढ़, हरियाणा विश्वरिकार्ड धारक

Thursday, February 26, 2026

 

    आओ मेले में





ऊंट दौड़ते, घोड़ी दौड़ती,
दंगल करने लगे पुकार।
मोलडऩाथ का मेला देेखे,
मिलते भक्त कई हजार।।
बकरी,ऊंट, घोड़ी करतब,
शक्कर प्रसाद की है बहार।
आ जाओ मेले में चलके,
स्वागत को हैं जन तैयार।।
डा. होशियार सिंह यादव
विश्व रिकार्डधारक,कनीना

        मोलडऩाथ
भिवानी से आये मोलड़,
जन जन कष्ट मिटाने को।
जप, तप और धर्म मर्मज्ञ,
दुखियों का दर्द हटाने को।।
घुमक्कड़ मन जिज्ञासा ले,
परमपिता से नाता जोड़ा।
मोड़ दिया मुख धारा का,
परहित से नहीं मुख मोड़ा।।
*डा. होशियार सिंह यादव
विश्व रिकार्डधारक,कनीना




Wednesday, February 25, 2026


 
           बाबा मेला
बाबा मोलडऩाथ की महिमा अपरमपार,
धोक लगाकर देख लो, होगी नहीं हार।
मेला एकादशी का,27 फरवरी रख याद,
बीत गया गर ये दिन,करते रहो फरियाद।।
बालकनाथ इक नाम तेरा,संतों में है नाम,
कनीना में बना हुआ,भव्य तेरा एक धाम।
ओलावृष्टि, हैजा रोके, भक्तों के रखवाले,
आ चलकर इक बार,हटाके मन के जालें।।
**डा. होशियार सिंह यादव, कनीना
 महेंद्रगढ़, हरियाणा, विश्वरिकार्ड धारक

          तीन बाणधारी
हाथों में निशान लिये,भक्त चले खाटूधाम,
महाभारत के योद्धा थे,तीन बाणधारी नाम।
सृष्टि का नाश कर सकते, ऐसी शक्ति पाई,
शीश के दानी ने,सदा संतों की लाज बचाई।।
नीले अश्व सवारी, फाल्गुन में दर्शन पाते हैं,
भीम के पौत्र,कलियुग के श्याम कहलाते हैं।
बालक, बच्चे, बूढ़ों की रक्षा भार निभाते हैं,
हारे का सहारा बनकर,भक्त लाज बचाते हैं।।
***डा. होशियार सिंह यादव,कनीना,हरि.
विश्व रिकार्डधारक, महेंद्रगढ़ 9306300700







Thursday, February 19, 2026

 

   श्याम भक्त



लेकर निशान भक्त जा रहे,
सीधे खाटू धाम की ओर।
श्याम बाबा का नाम लेते,
शाम हो या हो फिर भोर।।
हारे का सहारा कहलाता,
कर देता है भक्त बेड़ा पार।
जीत मिले हर क्षेत्र में सदा,
नहीं होती है कभी भी हार।।
**डा. होशियार सिंह यादव
विश्व रिकार्डधारक,  कनीना

 मेहनत
मेहनत लिखती जन किस्मत
फिर क्यों किस्मत रोना रोते।
कैसे फसल लोग काट पाएं,
जब वे धरा नहीं बीज बोते।।
हिम्मत हारकर बैठे जाते हैं,
कहते हैं लोग भ्रष्टाचार भरा।
जब पौधों को नहीं सिंचोगे,
नहीं बढ़ेगा नहीं होगा हरा।।
**डा. होशियार सिंह यादव


Sunday, February 15, 2026


      रोग




जिस घर में रोग मिलेंगे,
घरवाले हो जाते परेशान।
खुशियों में जीवन बीतता,
वो मिलते दुख से अंजान।।
कई बीमारी जग में फैली,
कई मौत के शिकार हुये।
जिंदगी का दस्तूर यही है,
आए जग में वो चले गये।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना, जिला-महेंद्रगढ़,हरि.

          रोग
ज्यादा खाना खाते हैं जो जन,
बन जाता है एक दिन वो रोग।
खाना उतना खाना चाहिए जैसे,
देवताओं को लगाते हम भोग।।
जीने के लिए कुछ खाते देखे हैं,
कुछ खाने के लिए ही जीते हैं।
कुछ जल को दारू रूप में पीते,
कुछ दारू को जल समझ पीते है।।
***डा. होशियार सिंह यादव,

Wednesday, February 04, 2026


 कुतरूं



कुतरूं प्राचार्य देखे हमने,
काम रोकते शिक्षकों का।
कलुषित उनके विचार हैं,
व्यवहार लगे भिक्षकों का।।
ओछेपन से भरे मिलते हैं,
राज समझे निज बाप का।
कत्र्तव्य से मुंह मोड़ते वो,
जहर भरा ज्यों सांप का।।
**डा. होशियार सिंह
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा


      गीत
गीत पुराने मीत पुराने,
आते जन को याद है।
सुनते रहे, मिलते सदा,
ईश्वर से ये फरियाद है।।
नाम पुराने, धाम पुराने,
हर मन में भरते प्यार हैं।
नाम रटों संत, देवों का,
जीवन मिला उधार है।।
**होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा



Tuesday, February 03, 2026

 
मौका



देख रहा है वो दाता पल-पल-पल,
करनी का फल देगा आज नहीं कल।
खुद को ज्ञानी मान देते हैं जो धोखा,
प्रभु कभी न दे बचने का कोई मौका।।
झूठ बोलने की जन में फैली बीमारी,
कदम कदम पर बैठे कई व्याभिचारी।
पाखंडी के पाखंडों से डरते नर-नारी,
जयचंदों से कर रहे कितने लोग यारी।।
    किताब
ज्ञान की भरी किताब है,
हर प्रश्न का दे जवाब है।
ना पढ़ते उनका ख्वाब है,
हर समस्या का जवाब है।।
लिख पढ़के बने साहब हैं,
पढ़के ही मिलते जवाब हैं।
आदत पढऩे की जनाब हैं,
लोग बन सकते नवाब हैं।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा**

      विश्वास
विश्वास किस पर करे,
किसको मान ले खास।
धोखा अकसर देते जो,
मिलते हैं दिल के पास।।
कब बदले इंसान मति,
कब हो जाएगी दुर्गति।
होता है नाश जन का,
कर बैठता है वो अति।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,जिला-महेंद्रगढ़,हरि.