सब कुछ खोया
जब पत्नी का देहांत हुआ तो राजू को लगा कि कुछ खो दिया है किंतु ज्यों-ज्यों समय बीतने लगा अनेकों समस्याएं आड़े आने लगी और समस्याओं को हल करते करते परेशान हो गया। कोई कहता कि रोटी बनाने वाली खो दी तो कोई कहता बच्चों की पालन करने वाली खो दी, किसी ने अर्धांगिनी खोने का इशारा किया तो किसी ने घर की सफाई करने वाली बताया। राजू को हर समय, हर मुद्दे पर उनकी याद आने लगी तो उसने बरबस कहना पड़ा कि मैंने पत्नी ही नहीं खोई अपितु सब कुछ खो दिया। एक गाड़ी के अगर दो पहियों में से एक टूट जाए तो गाड़ी की कल्पना कर पाना कठिन है। वह गाड़ी आगे नहीं चल पाएगी। एक जगह गिरकर टूट जाएगी। पत्नी खोकर राजू को लगा कि अब तो एक पहिये की गाड़ी बच गई। यह ज्यादा दिन नहीं चलेगी।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
जब पत्नी का देहांत हुआ तो राजू को लगा कि कुछ खो दिया है किंतु ज्यों-ज्यों समय बीतने लगा अनेकों समस्याएं आड़े आने लगी और समस्याओं को हल करते करते परेशान हो गया। कोई कहता कि रोटी बनाने वाली खो दी तो कोई कहता बच्चों की पालन करने वाली खो दी, किसी ने अर्धांगिनी खोने का इशारा किया तो किसी ने घर की सफाई करने वाली बताया। राजू को हर समय, हर मुद्दे पर उनकी याद आने लगी तो उसने बरबस कहना पड़ा कि मैंने पत्नी ही नहीं खोई अपितु सब कुछ खो दिया। एक गाड़ी के अगर दो पहियों में से एक टूट जाए तो गाड़ी की कल्पना कर पाना कठिन है। वह गाड़ी आगे नहीं चल पाएगी। एक जगह गिरकर टूट जाएगी। पत्नी खोकर राजू को लगा कि अब तो एक पहिये की गाड़ी बच गई। यह ज्यादा दिन नहीं चलेगी।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
शादी की सालगिरह
प्रसन्नचित होकर सुनीता ने कहा-जल्दी से बीमारी ठीक हो जाए तो घर चलेंगे। आज 17 नवंबर है और 21 नवंबर को हमारी शादी की सालगिरह है। धीरज ने कहा-क्यों नहीं, मेरी भी यही इच्छा है। शायद भगवान हम दोनों की इच्छा अवश्य पूर्ति करेंगे। कुछ ही देर बीती थी कि सुनीता ने लंबी लंबी सांस लेनी शुरू कर दी। धीरज डाक्टर को बुलाकर लाया। डाक्टर ने आंखें व नब्ज देखते हुए कहा-हे भगवान, लगता है हालात बिगड़ती ही जा रही है। प्रयास करता हूं।
धीरज अभी प्रभु से प्रार्थना कर रहे थे कि डाक्टर का प्रयास विफल हो गया और वो चल बसी। धीरज की आंखों से अश्रु धार बह निकली। .....अब तो देवलोक में ही मिलना हो सकता है। सब कुछ तबाह हो गया। आशाएं निराशा में बदल गई।
***होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
प्रसन्नचित होकर सुनीता ने कहा-जल्दी से बीमारी ठीक हो जाए तो घर चलेंगे। आज 17 नवंबर है और 21 नवंबर को हमारी शादी की सालगिरह है। धीरज ने कहा-क्यों नहीं, मेरी भी यही इच्छा है। शायद भगवान हम दोनों की इच्छा अवश्य पूर्ति करेंगे। कुछ ही देर बीती थी कि सुनीता ने लंबी लंबी सांस लेनी शुरू कर दी। धीरज डाक्टर को बुलाकर लाया। डाक्टर ने आंखें व नब्ज देखते हुए कहा-हे भगवान, लगता है हालात बिगड़ती ही जा रही है। प्रयास करता हूं।
धीरज अभी प्रभु से प्रार्थना कर रहे थे कि डाक्टर का प्रयास विफल हो गया और वो चल बसी। धीरज की आंखों से अश्रु धार बह निकली। .....अब तो देवलोक में ही मिलना हो सकता है। सब कुछ तबाह हो गया। आशाएं निराशा में बदल गई।
***होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
दो भूल
रवि को ऐसा घमंड हुआ कि स्कूल के कार्यक्रम में माता पिता के आशीर्वाद के बगैर चल दिया। बेहतर कार्यक्रम होने तथा बेहतर तैयारी होनेे के बावजूद भी उनकी प्रस्तुति असफल रही। रवि मुंह लटकाए घर पर आया तो पिता ने सारा मामला जाना। पिता ने उनके असफल होने के पीछे माता पिता का आशीर्वाद न लेना बताया। पिता ने समझाया कि जब भी कहीं जाए तो माता पिता का आशीर्वाद लेकर जाना चाहिए तभी कार्य सफल होते हैं। दूसरा अहंकार भी इंसान को गर्त में ले जाते हैं। अहंकार भी नहीं होना चाहिए। रवि को दोनों ही भूल रह रहकर याद आ रही थी।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
रवि को ऐसा घमंड हुआ कि स्कूल के कार्यक्रम में माता पिता के आशीर्वाद के बगैर चल दिया। बेहतर कार्यक्रम होने तथा बेहतर तैयारी होनेे के बावजूद भी उनकी प्रस्तुति असफल रही। रवि मुंह लटकाए घर पर आया तो पिता ने सारा मामला जाना। पिता ने उनके असफल होने के पीछे माता पिता का आशीर्वाद न लेना बताया। पिता ने समझाया कि जब भी कहीं जाए तो माता पिता का आशीर्वाद लेकर जाना चाहिए तभी कार्य सफल होते हैं। दूसरा अहंकार भी इंसान को गर्त में ले जाते हैं। अहंकार भी नहीं होना चाहिए। रवि को दोनों ही भूल रह रहकर याद आ रही थी।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
ज्योतिषी
हाथ दिखाने वालों की लाइन लगी थी। ज्योतिषी विभिन्न जनों को समय देकर बारी बारी से बुला रहे थे। सभी को चार-पांच बातें बताकर पैसे वसूल रहे थे। चर्चा चल रही थी कि ज्योतिषी अति विद्वान जन है। कोई कह रहा था कि बेहतर पढ़ाई करके बने होंगे?
तभी आवाज आई कि ये तो दस पास थे किसी की कार चलाते थे। कार के मालिक ने उन्हें नौकरी से निकाल दिया क्योंकि बेईमानी पर उतर आए थे। अपना धंधा चलाने के लिए ये ज्योतिषी बन गए। तभी एक आवाज आई कि इसके तो बेटे पोतें बड़े हौदे पर होंगे क्योंकि ज्योति...
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हाथ दिखाने वालों की लाइन लगी थी। ज्योतिषी विभिन्न जनों को समय देकर बारी बारी से बुला रहे थे। सभी को चार-पांच बातें बताकर पैसे वसूल रहे थे। चर्चा चल रही थी कि ज्योतिषी अति विद्वान जन है। कोई कह रहा था कि बेहतर पढ़ाई करके बने होंगे?
तभी आवाज आई कि ये तो दस पास थे किसी की कार चलाते थे। कार के मालिक ने उन्हें नौकरी से निकाल दिया क्योंकि बेईमानी पर उतर आए थे। अपना धंधा चलाने के लिए ये ज्योतिषी बन गए। तभी एक आवाज आई कि इसके तो बेटे पोतें बड़े हौदे पर होंगे क्योंकि ज्योति...
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अवैध संबंध
हेलो, हेलो। तुम मास्टर धन्नू बोल रहे हैं। फोन पर आवाज सुनाई दी।
धन्नू ने जवाब दिया-हा, मैं धन्नू बोल रहा हूं।
....तो बता, रावण को तूने क्यों पीटा। वो दसवीं कक्षा का छात्र है। अब मैं थाने में जा रहा हूं। उसकी मां मेरे घर में किराएदार है। उसे अगर पीटना है तो अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दे। बहुत हो चुका है। अब तुम्हें नहीं बख्शा जाएगा। और अब मैं तुम्हारे विरुद्ध मार पीटाई का मामला दर्ज करवा रहा हूं।
धन्नू से रहा न गया और कहा-धोंस मत दिखा। जो कुछ करना हो कर ले और आइंद...
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हेलो, हेलो। तुम मास्टर धन्नू बोल रहे हैं। फोन पर आवाज सुनाई दी।
धन्नू ने जवाब दिया-हा, मैं धन्नू बोल रहा हूं।
....तो बता, रावण को तूने क्यों पीटा। वो दसवीं कक्षा का छात्र है। अब मैं थाने में जा रहा हूं। उसकी मां मेरे घर में किराएदार है। उसे अगर पीटना है तो अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दे। बहुत हो चुका है। अब तुम्हें नहीं बख्शा जाएगा। और अब मैं तुम्हारे विरुद्ध मार पीटाई का मामला दर्ज करवा रहा हूं।
धन्नू से रहा न गया और कहा-धोंस मत दिखा। जो कुछ करना हो कर ले और आइंद...
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सहनशक्ति
एक कमर से झुके हाथ में बेंत लेकर चले जा रहे बुजुर्ग ने रास्ते में एक अच्छे कपड़ों में सजे संवरे युवक से पूछा-बेटा, रामपुर गांव को कौन सा रास्ता जाएगा?
युवक ने बुजुर्ग से आंखें फेरते हुए जवाब दिया-सामने वाला। बुजुर्ग ने फिर से पूछा-सामने तो एक नहीं दो रास्ते हैं? कौन सा गांव को जाएगा? जवाब फिर मिला सामने वाला।
बुजुर्ग को तसल्ली नहीं हुई तो पूछा-बेटा सामने का रास्ता गांव को ही जाएगा?
युवक क्रोध में आ गया और कहा-मैं ही रास्ता बताने वाला एकमात्र युवक हूं। जाइये और कि...
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एक कमर से झुके हाथ में बेंत लेकर चले जा रहे बुजुर्ग ने रास्ते में एक अच्छे कपड़ों में सजे संवरे युवक से पूछा-बेटा, रामपुर गांव को कौन सा रास्ता जाएगा?
युवक ने बुजुर्ग से आंखें फेरते हुए जवाब दिया-सामने वाला। बुजुर्ग ने फिर से पूछा-सामने तो एक नहीं दो रास्ते हैं? कौन सा गांव को जाएगा? जवाब फिर मिला सामने वाला।
बुजुर्ग को तसल्ली नहीं हुई तो पूछा-बेटा सामने का रास्ता गांव को ही जाएगा?
युवक क्रोध में आ गया और कहा-मैं ही रास्ता बताने वाला एकमात्र युवक हूं। जाइये और कि...
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कौन
हेलो,हेलो! आप कौन बोल रहे हैं। धर्मा के फोन उठाते ही दूसरी ओर से आवाज आई।
धर्मा ने फोन पर पूछा-फोन मैंने किया है या फिर आपने? आप बताइये आपने किसको फोन मिलाया है और क्या काम है?
अब तो दोनों ओर से आवेश आ गया। दोनों में से कौन सा भी अपना नाम व गांव बताने को तैयार नहीं था। जद्दोजहद जारी रही। देखते ही देखते दोनों ओर से जोश में आकर बातें करने लगे और फिर गाली गलौच पर उतर आए। आखिरकार फोन रख दिया गया।
धर्मा बुड़बुड़ा रहा था-इतनी तमीज भी फोन करने वालों को मालूम नहीं कि फोन करने ...
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हेलो,हेलो! आप कौन बोल रहे हैं। धर्मा के फोन उठाते ही दूसरी ओर से आवाज आई।
धर्मा ने फोन पर पूछा-फोन मैंने किया है या फिर आपने? आप बताइये आपने किसको फोन मिलाया है और क्या काम है?
अब तो दोनों ओर से आवेश आ गया। दोनों में से कौन सा भी अपना नाम व गांव बताने को तैयार नहीं था। जद्दोजहद जारी रही। देखते ही देखते दोनों ओर से जोश में आकर बातें करने लगे और फिर गाली गलौच पर उतर आए। आखिरकार फोन रख दिया गया।
धर्मा बुड़बुड़ा रहा था-इतनी तमीज भी फोन करने वालों को मालूम नहीं कि फोन करने ...
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चरित्रहीन
शोर मचा हुआ था। मुझे बचाओ,मुझे बचाओ की आवाज सुनकर लोग गली में इक_े हो गए। एक शिक्षित माना जाने वाला पुत्र अपने पिता की धुनाई कर रहा था। कपड़े फाड़ डाले, खूनमखून कर डाला। भीड़ ने जब यह दृश्य देखा तो आंखें खुली की खुली रह गई।
जैसे तैसे छुड़वाने का प्रयास किया तो पुत्र चिल्लाने लगा कि इस हरामजादे का कहना है कि तुम अपने दोस्त के साथ मत रहा करो वो चरित्रहीन है। मेरे दोस्त को चरित्रहीन बता रहा है। वो कैसा भी है मेरा दोस्त है।
तभी एक आवाज आई वो एक दोस्त है और यह आपका पित...
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शोर मचा हुआ था। मुझे बचाओ,मुझे बचाओ की आवाज सुनकर लोग गली में इक_े हो गए। एक शिक्षित माना जाने वाला पुत्र अपने पिता की धुनाई कर रहा था। कपड़े फाड़ डाले, खूनमखून कर डाला। भीड़ ने जब यह दृश्य देखा तो आंखें खुली की खुली रह गई।
जैसे तैसे छुड़वाने का प्रयास किया तो पुत्र चिल्लाने लगा कि इस हरामजादे का कहना है कि तुम अपने दोस्त के साथ मत रहा करो वो चरित्रहीन है। मेरे दोस्त को चरित्रहीन बता रहा है। वो कैसा भी है मेरा दोस्त है।
तभी एक आवाज आई वो एक दोस्त है और यह आपका पित...
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गलती पर गलती
यही कोई 13-14 वर्ष की लड़की, मुंह पर चुन्नी बांधे हुए ,जींस की टाइट पेंट में टांगे लकड़ी जैसी नजर आ रही, स्कूटी पर एक युवक को पीछे बैठाकर काले चश्मे एवं टी-शर्ट में तेज गति से मस्ती में झूमती आ रही थी कि सिर पर पगड़ी बांधे यहीं कोई 54-55 वर्ष के बुजुर्ग जो सड़क के कच्चे मार्ग पर दूर किसी का इंतजार का रहा था कि छोकरी ने बुजुर्ग को टक्कर मारते निकल गई। स्कूटी का साइड मिरर बुजुर्ग से टकराने लगा तो लड़की जोर से चिल्लाई-भाई, भाई थोड़ा बचना। जब तक स्कूूटी का शीशा बुजुर...
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यही कोई 13-14 वर्ष की लड़की, मुंह पर चुन्नी बांधे हुए ,जींस की टाइट पेंट में टांगे लकड़ी जैसी नजर आ रही, स्कूटी पर एक युवक को पीछे बैठाकर काले चश्मे एवं टी-शर्ट में तेज गति से मस्ती में झूमती आ रही थी कि सिर पर पगड़ी बांधे यहीं कोई 54-55 वर्ष के बुजुर्ग जो सड़क के कच्चे मार्ग पर दूर किसी का इंतजार का रहा था कि छोकरी ने बुजुर्ग को टक्कर मारते निकल गई। स्कूटी का साइड मिरर बुजुर्ग से टकराने लगा तो लड़की जोर से चिल्लाई-भाई, भाई थोड़ा बचना। जब तक स्कूूटी का शीशा बुजुर...
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नहले पर दहला
केस की पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने दलील दी की अवैध निर्माण करके तुमने न केवल प्रशासन को धोखा दिया है अपितु लोगों की नजरों में भी गिरते जा रहे हो।
.....लंबी चौड़ी बातें अधिवक्ता की सुनकर आरोपित जन से रुका नहीं गया और तपाक से कहा-वाह, अधिवक्ता साहब, वाह! आपने तो बहुत सुंदर बात कही है जिसको सुनकर मन बाग बाग हो उठा है किंतु जरा अपनी तो सोच लो। संकीर्ण गली में बने अपने घर के दरवाजे पर आधी गली में चबूतरा बनवा रखा है। वाहन भी गली से आने जाने बंद हो गए हैं। लोग बेहद परेशान हैं। उदाहरण देने से पहले जरा अपने को तो देखो। ऐसे आदर्श उदाहरण उन लोगों को शोभा देते हैं जो पाक दामन हो।
इतना सुनकर अधिवक्ता सोच में पड़ गया कि सचमुच इन्होंने तो नहले पर दहला मारा है।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
केस की पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने दलील दी की अवैध निर्माण करके तुमने न केवल प्रशासन को धोखा दिया है अपितु लोगों की नजरों में भी गिरते जा रहे हो।
.....लंबी चौड़ी बातें अधिवक्ता की सुनकर आरोपित जन से रुका नहीं गया और तपाक से कहा-वाह, अधिवक्ता साहब, वाह! आपने तो बहुत सुंदर बात कही है जिसको सुनकर मन बाग बाग हो उठा है किंतु जरा अपनी तो सोच लो। संकीर्ण गली में बने अपने घर के दरवाजे पर आधी गली में चबूतरा बनवा रखा है। वाहन भी गली से आने जाने बंद हो गए हैं। लोग बेहद परेशान हैं। उदाहरण देने से पहले जरा अपने को तो देखो। ऐसे आदर्श उदाहरण उन लोगों को शोभा देते हैं जो पाक दामन हो।
इतना सुनकर अधिवक्ता सोच में पड़ गया कि सचमुच इन्होंने तो नहले पर दहला मारा है।
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