वर्षा
कहीं फसल बर्बाद न हो जाये,
बरसात का है दौर अभी जारी।
फसल पैदावार ले ले किसान,
तो फिर वर्षा भी लगेगी प्यारी।।
जोर नहीं चलता उस दाता पर,
होगा वहीं जो उसने रच डाला।
रुक जाये कैसे भी यह बरसात,
बस करो प्रार्थना लेके के माला।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना, जिला-महेंद्रगढ़,हरियाणा
वक्त की मार
वक्त की मार, घट गया प्यार,
दुश्मनी बढ़े, दिया जो उधार।
बेरोजगारी में, जीना है बेकार,
पर जीना, जिंदगी का आधार।।
*डा. होशियार सिंह यादव
कनीना, जिला-महेंद्रगढ़,हरि.
