लघुकथा हाथों की धुलाई
बार बार बीमार पड़ रहे रामू को देखकर उसकी मां ने पुकारा-तुम जरूर कोई गलती करते हो जिसके चलते बार बार बीमार पड़ रहे हो। तुम्हारे कपड़े प्रतिदिन धोए जाते हैं और तुम नियमित स्नान करते हो।
बहुत सोच विचार कर मां ने कहा-तुम नियमित रूप से अपने हाथों की सफाई नहीं करते। शौच आदि के बाद तुम हैंड वाश प्रयोग नहीं करते जिसके चलते बीमार होते हो? रामू की गलती पकड़ते हुए मां ने उन्हें शिक्षा दी कि नियमित रूप से अपने हाथों की सफाई किया करे। रामू ने फिर तो नियमित रूप से हाथों की सफाई बेहतर तरल साबुन से शुरू कर दी। अब तो रामू बहुत कम बीमार होने लगे। मां ने उनको बीमार होने का कारण स्पष्ट किया। रामू के बात समझ क्या आई उसने तो दूसरों को भी हाथों की सफाई करने की शिक्षा देनी शुरू कर दी।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
बार बार बीमार पड़ रहे रामू को देखकर उसकी मां ने पुकारा-तुम जरूर कोई गलती करते हो जिसके चलते बार बार बीमार पड़ रहे हो। तुम्हारे कपड़े प्रतिदिन धोए जाते हैं और तुम नियमित स्नान करते हो।
बहुत सोच विचार कर मां ने कहा-तुम नियमित रूप से अपने हाथों की सफाई नहीं करते। शौच आदि के बाद तुम हैंड वाश प्रयोग नहीं करते जिसके चलते बीमार होते हो? रामू की गलती पकड़ते हुए मां ने उन्हें शिक्षा दी कि नियमित रूप से अपने हाथों की सफाई किया करे। रामू ने फिर तो नियमित रूप से हाथों की सफाई बेहतर तरल साबुन से शुरू कर दी। अब तो रामू बहुत कम बीमार होने लगे। मां ने उनको बीमार होने का कारण स्पष्ट किया। रामू के बात समझ क्या आई उसने तो दूसरों को भी हाथों की सफाई करने की शिक्षा देनी शुरू कर दी।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
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