रिश्ता
महंगे कपड़े पहने राजू एक महंगी कार में बैठकर आया और लड़कियों के पास आकर गाड़ी रोकी। बड़े रोब से राजू ने कार से नीचे कदम रखा तो सभी की नजरें टिक गई तभी सुरेश भी इस नजारे को देख रहा था। उससे रहा नहीं गया और कहा-देख तेरे बाप के पास खाने को दाने नहीं। खेत क्यार के नाम पर दो खूड़ तक नहीं है। तू बेरोजगार गलियों में चक्कर लगाता है फिर यह गाड़ी किसकी ले आया। राजू ने तमतमाते हुए कहा-महंगी कार, पोशाक, टोरे को देखकर मेरा रिश्ता अच्छे परिवार में हो जाएगा। इतना सुना तो सुरेश की आंखें खुली रह गई।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
महंगे कपड़े पहने राजू एक महंगी कार में बैठकर आया और लड़कियों के पास आकर गाड़ी रोकी। बड़े रोब से राजू ने कार से नीचे कदम रखा तो सभी की नजरें टिक गई तभी सुरेश भी इस नजारे को देख रहा था। उससे रहा नहीं गया और कहा-देख तेरे बाप के पास खाने को दाने नहीं। खेत क्यार के नाम पर दो खूड़ तक नहीं है। तू बेरोजगार गलियों में चक्कर लगाता है फिर यह गाड़ी किसकी ले आया। राजू ने तमतमाते हुए कहा-महंगी कार, पोशाक, टोरे को देखकर मेरा रिश्ता अच्छे परिवार में हो जाएगा। इतना सुना तो सुरेश की आंखें खुली रह गई।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
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