Monday, December 29, 2025

    हेराफेरी



मेहनत करने वाले मेहनत कर जाएंगे,
मुफ्त में खाने वाले तो मुफ्त में खाएंगे।
चोरी करना सीखे तो वो चोर कहाएंगे,
पापों से दिल भरा, वो नरक में जाएंगे।।
हेराफेरी सीखी जिसने वो पाप कमाएंगे,
देने की आदत जिसमें वो धर्म बचाएंगे।
कितना भी जोड़ो धन, सब छोड़ जाएंगे,
परहित में जो जीते,वो इतिहास बनाएंगे।।
***डा. होशियार सिंह यादव,कनीना
जिला-महेंद्रगढ़,हरियाणा*********

       हथियार
सिर नीचा करके मत जीना,
हिम्मत वो घातक हथियार।
जो मेहनत से आगे बढ़ता,
जगवाले देते जमकर प्यार।।
भागीरथ आए थे जगत में,
किया भागीरथी इक प्रयास।
गंगा धरती पर लेकर आया,
तब तक ना आया उन्हें रास।।
डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़, हरियाणा


Saturday, December 27, 2025

  दूध मलाई



दूध मलाई पी प्यारे, सर्दी कर रही मार,
हाथ पैर गर ना चले, जीवन में हो हार।
देशी गाय का मक्खन,बाजरे की हो रोटी,
न मिले जिसको, उसकी किस्मत खोटी।।
गोद के लड्डू खाओ,तन हो हट्टा कट्टा,
दूध अधिक पीओ, कभी पी लेना मट्ठा।
ताकत जिसके तन, वो जीते हैं जिंदगानी,
मरियल रोगी भोगी,ये जीना जन शैतानी।।
**डा. होशियार सिंह यादव,कनीना***
महेंद्रगढ़, हरियाणा, विश्वरिकार्डधारी***   





ताऊ ताई संवाद
***
ताई बोली ताऊ से,
रमलू को क्या बनाओगे?
ताऊ ने दिया जवाब,
चरवाहा इसे बनाएंगे? सुन प्यारी,
ताई बोली-बीएड,एमड पास है,
चरवाहा बनाएंगे? तेरी मति मारी।
ताऊ ने कहा-तुम्हें पता है प्यारी
शिक्षक आवारा पशुओं को भगाएंगे,
आदेश किया सरकार ने जारी,
अपना रमलू शिक्षक बनने की
अभी से कर रहा है तैयारी।
शिक्षक बन पशुओं को भगाएगा,
तभी सरकार को चैन आएगा।।
**डा. होशियार सिंह यादव,
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा


 

Thursday, December 25, 2025


      सरसों
फूल गई है सरसों पीली,
ठंडी पवन दिल दे चीर।
तितली,भंवरे मंडरा रहे,
मिटा रहे तन मन पीर।।
कृषक प्रसन्न नजर आते,
होली के दिन नहीं दूर।
मेले फाग खेलने आतुर,
मादकता से आये नूर।।
**होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा



     गोंद के लड्डू
आ गये दिन सेहत के,
बना लो गोंद के लड्डू।
ड्राई फ्रूट डालो जमकर,
खाये रामू,श्यामू,डड्डू।।
दूध के संग खाना इन्हें,
सर्दी के ये होते उपहार।
सेहत बने जवानी आए,
सेहत जीवन का आधार।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा



Tuesday, December 23, 2025

 

         जयनारायण
गायों की सेवा की, जीवन रांझा पाली का,
बांसुरी जब बजाते,ध्यान भंग हो हाली का।
लाठी,पटा के वार से, दुष्ट डर से कांपते थे,
ललाट चमकता ऐसा,ताकत लोग भांपते थे।।
36 वर्ष हो गये बिछुड़े,याद बहुत सताती है,
कनीना शहर में गली,उनका नाम जताती है।
वार्ड-1 में अब,जैनिया की दुकान कहाती है,
ऐसे-ऐसे लोग हुए,कान्हा की माटी बताती है।।
**डा. होशियार सिंह यादव,कनीना*****
विश्व रिकार्डधारक,महेंद्रगढ़,हरियाणा*****

    जयनारायण
जाने वाले कहां जाते हैं,
कोई बता नहीं पाया है।
एक दिन जाना होता है,
जग लगा हुआ तांता है।।
दर्द जीवनभर का देते हैं,
सिर्फ यादें बच जाती है।
वो ऐसी करनी कर गये,
दुनिया सदा ही गाती हैं।।
*होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा








Sunday, December 21, 2025

              औरत



औरत देती आई है जग को पैगाम,
परिवार का कर सकती ऊंचा नाम।
परिश्रम कर सकती है सुबह शाम,
इच्छा हो तो घर को बना दे धाम।।
ठान ले अगर कर दे दिन की रात,
चाहे तो वो कर दे घर बुरे हालात।
चाहे तो धन को आलिंगन कर ले,
वरना चाहे दौलत को मार दे लात।।
***डा. होशियार सिंह यादव***
विश्व रिकार्डधारक, कनीना*****

    धिक्कार
टांग अड़ाते कामों में,
मजे लूटते एक हजार।
ऐसे जीते जी मर जाते,
उनका जीना धिक्कार।।
बनते काम में मददगार,
तब बढ़ता है प्रेम प्यार।
गिरते को थामना सीखो,
यहीं जीने का आधार।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा**


Saturday, December 20, 2025

     ठंड
ठंड पड़े अब जोर से,



ले लो अपनी रजाई।
गर्म समोसे चाय संग,
खा लेना बहना भाई।।
सर्दी जुकाम लगे तो,
तुलसी चाय बनाओ।
अदरक,लोंग डाल के,
जमके भोग लगाओ।।
**डा. होशियार सिंह
कनीना,महेंद्रगढ़,हरि.

             औरत
औरत देती आई है जग को पैगाम,
परिवार का कर सकती ऊंचा नाम।
परिश्रम कर सकती है सुबह शाम,
इच्छा हो तो घर को बना दे धाम।।
ठान ले अगर कर दे दिन की रात,
चाहे तो वो कर दे घर बुरे हालात।
चाहे तो धन को आलिंगन कर ले,
वरना चाहे दौलत को मार दे लात।।
***डा. होशियार सिंह यादव***
विश्व रिकार्डधारक, कनीना*****

Thursday, December 18, 2025



             सचाई
सच बोलने वालों के दुश्मन बने हजार,
झूठ बोलने वालों से दुनिया करती प्यार।
सच के आगे झूठ का नहीं होता आधार,
झूठ बोलने वाले का जीवन बनता बेकार।।
झूठ बोलना उचित कहलाता है जगत में,
जब फांसी के फंदे से, जिंदगी बच जाए।
झूठ बोलने वाला जन बे-मौत मर जाये,
मरने के बाद ऐसा जन, नरक फल पाये।।
***डा. होशियार सिंह यादव,कनीना
जिला-महेंद्रगढ़, हरियाणा*********

           भुलाना
सारी दुनिया में फैला है,
चकित कर रहा है रोग।
लाख भला कर ले चाहे,
पल में भुला देते हैं लोग।।
जिंदा रहना सफल हुआ,
जो जी में आये कर गया।
कोई नहीं फिर याद करे,
जो इस जग में मर गया।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा


Tuesday, December 16, 2025

 
चारण भाट
चारण भाट मिलते थे कभी,
करते फिरते राजा गुणगान।
चंद चांदी के सिक्कों खातिर,
खो देते थे अपनी पहचान।।
आज वक्त मिलते ऐसे लोग,
जिनको लगा चापलूसी रोग।
मेहनत से कमाना नहीं जाने,
तलुवे चाट लगाते रोटी भोग।।
***डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़, हरियाणा***
          ऊंट
रेगिस्तान का जहाज कहलाए,
कम पानी पी चलता ही जाये।
रेत में नहीं धंसते इसके ये पैर,
हर पौधे को खाए सबसे है बैर।।
सवारी का है यह साधन पुराना,
हल चलाने का आता रहा काम।



लुप्त होने की कगार पर हैं आज,
करता था कभी दिलों पर राज।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना, महेंद्रगढ़, हरियाणा

Sunday, December 14, 2025

 



   नहीं सुधरेंगे
राक्षस जन नहीं सुधरते,
लाख लगा लो तुम जोर।
जब कोई आंख दिखाये,
वो जमकर मचाते शोर।।
नहीं सुधरे वो न सुधरेंगे,
करते समाज भट्ठा गोल।
मुख से प्रभु का नाम नहीं,
बोलते मिलेंगे कड़वे बोल।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़, हरियाणा


          कांटे
कांटों पर जो राह बनाते,
वो जग में नाम कमाते हैं।
फूलों की सेज सोने वाले,
एक दिन सोये रह जाते हैं।।
कितने आये कितने गये हैं,
फिर किस पर अरमान करे।
सच्चे इंसान वहीं कहलाते,
जो पाप कर्मों से नित डरे।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा


Wednesday, December 10, 2025

 
मिसाल कायम की
करोड़ों का दहेज ठुकराया,



जगदेव ने वो कर दिखाया।
बेटे की शादी बनी है चर्चा,
दुल्हन को ही दहेज बताया।।
ककराला गांव बनी मिसाल,
राजकुमार-मनीषा की शादी।
दहेज की राशि लौटा डाली,
खुश हुई सभा,दादा व दादी।।
दान दहेज तो नहीं लिया पर,
गौमाताओं को दिया है दान।
बढ़ी है इज्जत बढ़ी है शान,
वाह! वाह! जगदेव महान।।
मिसाल दी है समाज आज,
करोड़ों दिलों में करेंगे राज।
ऐसा ही हो अगर हर इंसान,
बेटियां बचें, बने देश महान।।
**डा. होशियार सिंह यादव
विश्व रिकार्ड धारक,कनीना*

      भेली और हवेली
लुप्तप्राय हुई भेली-हवेली,
कम रह गये चेला-चेली।
नहीं मिलेंगे धेला व धेली,
कम मिलती है नार नवेली।।
गांवों की शान थी हवेली,
पर्व उत्सव में चलती भेली।
मिलती है नेता नीयत मैली,
देखने को मिलती रेला रैली।।
***डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा***

Monday, December 08, 2025

 
     बेर
गरीबों के कहते सेब,
रंग बिरंगे मिले फल।
खाओ बेर सुबह शाम,



खनिज कमी का हल।।
दांतों की होती कसरत,
मिलते जंगल- बाजार।
सेब की जगह खाते जो,
सेहत अच्छी को तैयार।।
**होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़, हरियाणा
       पालक
सेब से बेहतर होता पालक,
डाक्टर इस तथ्य को मानते।
जमकर खाओ रोग भगाओ,
बुजुर्ग इस रहस्य को जानते।।
सस्ता भरे खनिज विटामिन,
फिर क्यों इससे नाक चढ़ाते।
रायता,भाजी,पकौड़े बना लो,
आओ इसको तन से लगाते।।
***डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा***





Saturday, December 06, 2025

         
  चूहा
गणेश जी का वाहन माना,



रोडेंट प्राणी यह कहलाता।
बिल्ली मौसी दिखाई दे तो,
झट से बिल में छुप जाता।।
कुतर देता अन्न और बर्तन,
प्लेग का रोग यह फैलाता।
कई छेद कर बिल होता है,
सांप से बच निकल जाता।।
*डा. होशियार सिंह यादव
कनीना, महेंद्रगढ़, हरियाणा

    गीदड़
डरपोक जानवर माना जाए,
छुपकर अपना काम करता।
कुत्ते से मिलता जुलता यह,
निज चालाकी से पेट भरता।
गीदड़ पर कई मुहावरे बने,
लोग जुबान कभी ये सजते।
हूटू हूटू करता मिले जानवर,
गीदड़ कहावत से मूर्ख सजते।।
*डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा**

Thursday, December 04, 2025

          

  कबूतर
सबसे पुराना डाकिया,
जी रहा है बदहालात।
कुएं, खंडहर कम बचे,
कहां बिताए बेचारा रात।।
पालते थे राजा महाराजा,
करता था सैन्य जासूसी।
मारके खा रहे लोग इन्हें,
कबूतर छाई अब मायूसी।।
***डा. होशियार सिंह
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा

           शेर
जंगल का राजा कहलाता,
शिकार मारकर रोज खाता।
राष्ट्रीय प्रतीक बना देश का,
छुप छुपके यह दाव लगाता।।
दहाड़ लगाता कांप उठे वन,
थर-थर कांपे जीवों का तन।
नाना प्रकार के जीव मिलते,
पर शेरों से सजता उपवन।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़, हरियाणा




Tuesday, December 02, 2025

            तीतर
जंगल में मिलने वाला,



गोरे रंग का तीतर होता।
कर रहे हैं शिकार लोग,
अपने दर्द को यह रोता।।
कीटों को खाने वाला है,
किसान का रखवाला है।
करों सुरक्षा इनकी प्यारे,
उस दाता ने इसे पाला है।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा**

           नीलगाय
कृषक दुश्मन, दुर्घटना कारक,
यह नीली गाय कहलाती है।
दुर्घटना में बहुत वाहन टूटते,
पर नीलगाय तो बच जाती है।।
एक जगह रात को ये बैठती,
फसल को पल में करे बर्बाद।
सर्दी गर्मी दर्द देती कृषक को,
वन में घूमती फिरती आजाद।।
**डा. होशियार सिंह यादव,
कनीना, महेंद्रगढ़, हरियाणा

Monday, December 01, 2025


            तीतर
जंगल में मिलने वाला,
गोरे रंग का तीतर होता।
कर रहे हैं शिकार लोग,
अपने दर्द को यह रोता।।
कीटों को खाने वाला है,
किसान का रखवाला है।
करों सुरक्षा इनकी प्यारे,
उस दाता ने इसे पाला है।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा**

  बंदर
उत्पाती जग में बंदर कहलाता,
फल,अंडे,मांस,रोटी खा जाता।
पेड़ पौधों का कहते है दुश्मन,
खिर-खिर करके लोग डराता।।
पानी की टंकियों में हग जाता,
घटिया जानवर यह कहलाता।
लाखों रुपये का करें नुकसान,
निज बच्चे को पीठ पे सजाता।।
***डा. होशियार सिंह यादव
कनीना, महेंद्रगढ़,  हरियाणा