Monday, December 29, 2025

    हेराफेरी



मेहनत करने वाले मेहनत कर जाएंगे,
मुफ्त में खाने वाले तो मुफ्त में खाएंगे।
चोरी करना सीखे तो वो चोर कहाएंगे,
पापों से दिल भरा, वो नरक में जाएंगे।।
हेराफेरी सीखी जिसने वो पाप कमाएंगे,
देने की आदत जिसमें वो धर्म बचाएंगे।
कितना भी जोड़ो धन, सब छोड़ जाएंगे,
परहित में जो जीते,वो इतिहास बनाएंगे।।
***डा. होशियार सिंह यादव,कनीना
जिला-महेंद्रगढ़,हरियाणा*********

       हथियार
सिर नीचा करके मत जीना,
हिम्मत वो घातक हथियार।
जो मेहनत से आगे बढ़ता,
जगवाले देते जमकर प्यार।।
भागीरथ आए थे जगत में,
किया भागीरथी इक प्रयास।
गंगा धरती पर लेकर आया,
तब तक ना आया उन्हें रास।।
डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़, हरियाणा


Saturday, December 27, 2025

  दूध मलाई



दूध मलाई पी प्यारे, सर्दी कर रही मार,
हाथ पैर गर ना चले, जीवन में हो हार।
देशी गाय का मक्खन,बाजरे की हो रोटी,
न मिले जिसको, उसकी किस्मत खोटी।।
गोद के लड्डू खाओ,तन हो हट्टा कट्टा,
दूध अधिक पीओ, कभी पी लेना मट्ठा।
ताकत जिसके तन, वो जीते हैं जिंदगानी,
मरियल रोगी भोगी,ये जीना जन शैतानी।।
**डा. होशियार सिंह यादव,कनीना***
महेंद्रगढ़, हरियाणा, विश्वरिकार्डधारी***   





ताऊ ताई संवाद
***
ताई बोली ताऊ से,
रमलू को क्या बनाओगे?
ताऊ ने दिया जवाब,
चरवाहा इसे बनाएंगे? सुन प्यारी,
ताई बोली-बीएड,एमड पास है,
चरवाहा बनाएंगे? तेरी मति मारी।
ताऊ ने कहा-तुम्हें पता है प्यारी
शिक्षक आवारा पशुओं को भगाएंगे,
आदेश किया सरकार ने जारी,
अपना रमलू शिक्षक बनने की
अभी से कर रहा है तैयारी।
शिक्षक बन पशुओं को भगाएगा,
तभी सरकार को चैन आएगा।।
**डा. होशियार सिंह यादव,
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा


 

Thursday, December 25, 2025


      सरसों
फूल गई है सरसों पीली,
ठंडी पवन दिल दे चीर।
तितली,भंवरे मंडरा रहे,
मिटा रहे तन मन पीर।।
कृषक प्रसन्न नजर आते,
होली के दिन नहीं दूर।
मेले फाग खेलने आतुर,
मादकता से आये नूर।।
**होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा



     गोंद के लड्डू
आ गये दिन सेहत के,
बना लो गोंद के लड्डू।
ड्राई फ्रूट डालो जमकर,
खाये रामू,श्यामू,डड्डू।।
दूध के संग खाना इन्हें,
सर्दी के ये होते उपहार।
सेहत बने जवानी आए,
सेहत जीवन का आधार।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा



Tuesday, December 23, 2025

 

         जयनारायण
गायों की सेवा की, जीवन रांझा पाली का,
बांसुरी जब बजाते,ध्यान भंग हो हाली का।
लाठी,पटा के वार से, दुष्ट डर से कांपते थे,
ललाट चमकता ऐसा,ताकत लोग भांपते थे।।
36 वर्ष हो गये बिछुड़े,याद बहुत सताती है,
कनीना शहर में गली,उनका नाम जताती है।
वार्ड-1 में अब,जैनिया की दुकान कहाती है,
ऐसे-ऐसे लोग हुए,कान्हा की माटी बताती है।।
**डा. होशियार सिंह यादव,कनीना*****
विश्व रिकार्डधारक,महेंद्रगढ़,हरियाणा*****

    जयनारायण
जाने वाले कहां जाते हैं,
कोई बता नहीं पाया है।
एक दिन जाना होता है,
जग लगा हुआ तांता है।।
दर्द जीवनभर का देते हैं,
सिर्फ यादें बच जाती है।
वो ऐसी करनी कर गये,
दुनिया सदा ही गाती हैं।।
*होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा








Sunday, December 21, 2025

              औरत



औरत देती आई है जग को पैगाम,
परिवार का कर सकती ऊंचा नाम।
परिश्रम कर सकती है सुबह शाम,
इच्छा हो तो घर को बना दे धाम।।
ठान ले अगर कर दे दिन की रात,
चाहे तो वो कर दे घर बुरे हालात।
चाहे तो धन को आलिंगन कर ले,
वरना चाहे दौलत को मार दे लात।।
***डा. होशियार सिंह यादव***
विश्व रिकार्डधारक, कनीना*****

    धिक्कार
टांग अड़ाते कामों में,
मजे लूटते एक हजार।
ऐसे जीते जी मर जाते,
उनका जीना धिक्कार।।
बनते काम में मददगार,
तब बढ़ता है प्रेम प्यार।
गिरते को थामना सीखो,
यहीं जीने का आधार।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा**


Saturday, December 20, 2025

     ठंड
ठंड पड़े अब जोर से,



ले लो अपनी रजाई।
गर्म समोसे चाय संग,
खा लेना बहना भाई।।
सर्दी जुकाम लगे तो,
तुलसी चाय बनाओ।
अदरक,लोंग डाल के,
जमके भोग लगाओ।।
**डा. होशियार सिंह
कनीना,महेंद्रगढ़,हरि.

             औरत
औरत देती आई है जग को पैगाम,
परिवार का कर सकती ऊंचा नाम।
परिश्रम कर सकती है सुबह शाम,
इच्छा हो तो घर को बना दे धाम।।
ठान ले अगर कर दे दिन की रात,
चाहे तो वो कर दे घर बुरे हालात।
चाहे तो धन को आलिंगन कर ले,
वरना चाहे दौलत को मार दे लात।।
***डा. होशियार सिंह यादव***
विश्व रिकार्डधारक, कनीना*****

Thursday, December 18, 2025



             सचाई
सच बोलने वालों के दुश्मन बने हजार,
झूठ बोलने वालों से दुनिया करती प्यार।
सच के आगे झूठ का नहीं होता आधार,
झूठ बोलने वाले का जीवन बनता बेकार।।
झूठ बोलना उचित कहलाता है जगत में,
जब फांसी के फंदे से, जिंदगी बच जाए।
झूठ बोलने वाला जन बे-मौत मर जाये,
मरने के बाद ऐसा जन, नरक फल पाये।।
***डा. होशियार सिंह यादव,कनीना
जिला-महेंद्रगढ़, हरियाणा*********

           भुलाना
सारी दुनिया में फैला है,
चकित कर रहा है रोग।
लाख भला कर ले चाहे,
पल में भुला देते हैं लोग।।
जिंदा रहना सफल हुआ,
जो जी में आये कर गया।
कोई नहीं फिर याद करे,
जो इस जग में मर गया।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा


Tuesday, December 16, 2025

 
चारण भाट
चारण भाट मिलते थे कभी,
करते फिरते राजा गुणगान।
चंद चांदी के सिक्कों खातिर,
खो देते थे अपनी पहचान।।
आज वक्त मिलते ऐसे लोग,
जिनको लगा चापलूसी रोग।
मेहनत से कमाना नहीं जाने,
तलुवे चाट लगाते रोटी भोग।।
***डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़, हरियाणा***
          ऊंट
रेगिस्तान का जहाज कहलाए,
कम पानी पी चलता ही जाये।
रेत में नहीं धंसते इसके ये पैर,
हर पौधे को खाए सबसे है बैर।।
सवारी का है यह साधन पुराना,
हल चलाने का आता रहा काम।



लुप्त होने की कगार पर हैं आज,
करता था कभी दिलों पर राज।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना, महेंद्रगढ़, हरियाणा

Sunday, December 14, 2025

 



   नहीं सुधरेंगे
राक्षस जन नहीं सुधरते,
लाख लगा लो तुम जोर।
जब कोई आंख दिखाये,
वो जमकर मचाते शोर।।
नहीं सुधरे वो न सुधरेंगे,
करते समाज भट्ठा गोल।
मुख से प्रभु का नाम नहीं,
बोलते मिलेंगे कड़वे बोल।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़, हरियाणा


          कांटे
कांटों पर जो राह बनाते,
वो जग में नाम कमाते हैं।
फूलों की सेज सोने वाले,
एक दिन सोये रह जाते हैं।।
कितने आये कितने गये हैं,
फिर किस पर अरमान करे।
सच्चे इंसान वहीं कहलाते,
जो पाप कर्मों से नित डरे।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा


Wednesday, December 10, 2025

 
मिसाल कायम की
करोड़ों का दहेज ठुकराया,



जगदेव ने वो कर दिखाया।
बेटे की शादी बनी है चर्चा,
दुल्हन को ही दहेज बताया।।
ककराला गांव बनी मिसाल,
राजकुमार-मनीषा की शादी।
दहेज की राशि लौटा डाली,
खुश हुई सभा,दादा व दादी।।
दान दहेज तो नहीं लिया पर,
गौमाताओं को दिया है दान।
बढ़ी है इज्जत बढ़ी है शान,
वाह! वाह! जगदेव महान।।
मिसाल दी है समाज आज,
करोड़ों दिलों में करेंगे राज।
ऐसा ही हो अगर हर इंसान,
बेटियां बचें, बने देश महान।।
**डा. होशियार सिंह यादव
विश्व रिकार्ड धारक,कनीना*

      भेली और हवेली
लुप्तप्राय हुई भेली-हवेली,
कम रह गये चेला-चेली।
नहीं मिलेंगे धेला व धेली,
कम मिलती है नार नवेली।।
गांवों की शान थी हवेली,
पर्व उत्सव में चलती भेली।
मिलती है नेता नीयत मैली,
देखने को मिलती रेला रैली।।
***डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा***

Monday, December 08, 2025

 
     बेर
गरीबों के कहते सेब,
रंग बिरंगे मिले फल।
खाओ बेर सुबह शाम,



खनिज कमी का हल।।
दांतों की होती कसरत,
मिलते जंगल- बाजार।
सेब की जगह खाते जो,
सेहत अच्छी को तैयार।।
**होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़, हरियाणा
       पालक
सेब से बेहतर होता पालक,
डाक्टर इस तथ्य को मानते।
जमकर खाओ रोग भगाओ,
बुजुर्ग इस रहस्य को जानते।।
सस्ता भरे खनिज विटामिन,
फिर क्यों इससे नाक चढ़ाते।
रायता,भाजी,पकौड़े बना लो,
आओ इसको तन से लगाते।।
***डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा***





Saturday, December 06, 2025

         
  चूहा
गणेश जी का वाहन माना,



रोडेंट प्राणी यह कहलाता।
बिल्ली मौसी दिखाई दे तो,
झट से बिल में छुप जाता।।
कुतर देता अन्न और बर्तन,
प्लेग का रोग यह फैलाता।
कई छेद कर बिल होता है,
सांप से बच निकल जाता।।
*डा. होशियार सिंह यादव
कनीना, महेंद्रगढ़, हरियाणा

    गीदड़
डरपोक जानवर माना जाए,
छुपकर अपना काम करता।
कुत्ते से मिलता जुलता यह,
निज चालाकी से पेट भरता।
गीदड़ पर कई मुहावरे बने,
लोग जुबान कभी ये सजते।
हूटू हूटू करता मिले जानवर,
गीदड़ कहावत से मूर्ख सजते।।
*डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा**

Thursday, December 04, 2025

          

  कबूतर
सबसे पुराना डाकिया,
जी रहा है बदहालात।
कुएं, खंडहर कम बचे,
कहां बिताए बेचारा रात।।
पालते थे राजा महाराजा,
करता था सैन्य जासूसी।
मारके खा रहे लोग इन्हें,
कबूतर छाई अब मायूसी।।
***डा. होशियार सिंह
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा

           शेर
जंगल का राजा कहलाता,
शिकार मारकर रोज खाता।
राष्ट्रीय प्रतीक बना देश का,
छुप छुपके यह दाव लगाता।।
दहाड़ लगाता कांप उठे वन,
थर-थर कांपे जीवों का तन।
नाना प्रकार के जीव मिलते,
पर शेरों से सजता उपवन।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़, हरियाणा




Tuesday, December 02, 2025

            तीतर
जंगल में मिलने वाला,



गोरे रंग का तीतर होता।
कर रहे हैं शिकार लोग,
अपने दर्द को यह रोता।।
कीटों को खाने वाला है,
किसान का रखवाला है।
करों सुरक्षा इनकी प्यारे,
उस दाता ने इसे पाला है।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा**

           नीलगाय
कृषक दुश्मन, दुर्घटना कारक,
यह नीली गाय कहलाती है।
दुर्घटना में बहुत वाहन टूटते,
पर नीलगाय तो बच जाती है।।
एक जगह रात को ये बैठती,
फसल को पल में करे बर्बाद।
सर्दी गर्मी दर्द देती कृषक को,
वन में घूमती फिरती आजाद।।
**डा. होशियार सिंह यादव,
कनीना, महेंद्रगढ़, हरियाणा

Monday, December 01, 2025


            तीतर
जंगल में मिलने वाला,
गोरे रंग का तीतर होता।
कर रहे हैं शिकार लोग,
अपने दर्द को यह रोता।।
कीटों को खाने वाला है,
किसान का रखवाला है।
करों सुरक्षा इनकी प्यारे,
उस दाता ने इसे पाला है।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा**

  बंदर
उत्पाती जग में बंदर कहलाता,
फल,अंडे,मांस,रोटी खा जाता।
पेड़ पौधों का कहते है दुश्मन,
खिर-खिर करके लोग डराता।।
पानी की टंकियों में हग जाता,
घटिया जानवर यह कहलाता।
लाखों रुपये का करें नुकसान,
निज बच्चे को पीठ पे सजाता।।
***डा. होशियार सिंह यादव
कनीना, महेंद्रगढ़,  हरियाणा


Saturday, November 29, 2025

 
         कुत्ता



रखवाली करें घर, परिवार,
परिजन से वो करता प्यार।
एक टुकड़ा रोटी का मिले,
फिर संघर्ष को मिले तैयार।।
अब तो कुत्ते हो गये महंगे,
चलता है कुत्तों का व्यापार।
इंसान से कद्र अधिक मिले,
घातक होती है इसकी लार।।
*डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा

  बैल
होती थी कद्र कभी बैल की,
आज नहीं कोई उन्हें पूछता।
ट्रैक्टर से करे किसान जुताई,
रास्ता कोई नहीं अब सूझता।।
दो बैलों की जोड़ी देखते तो,
प्रसन्नता मन चेहरे पर आती।
कृषक सिर गर्व से ऊंचा हो,
अन्न के भंडार माटी उपजाती।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा**

Thursday, November 27, 2025

 



     बिल्ली
म्याऊं म्याऊं करती जाये,
चूहों को पकड़कर खाये।
शेर जैसी नजर यह आये,
शांत बैठकर सभी लुभाये।।
दूध इसका प्रमुख आहार,
करें लोग इससे भी प्यार।
पंजे इसके जीवन आधार,
दुश्मन होते कुत्ते-सियार।।
**होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा

     गधा
मेहनत करे दिन रात वह,
मिलता नहीं जग में नाम।
करता रहता काम बेचारा,
सुबह देखो या फिर शाम।।
कितनी कहावत बनाई हैं,
उनमें भी गधा है बदनाम,
बेचारा वो बोझ का मारा,
जिंदगीभर काम ही काम।।
***होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा

Tuesday, November 25, 2025

 
 मोर



राष्ट्रीय पक्षी देश का,
अद्भुत होती है छटा।
नृत्य करें ये उपवन,
आसमान छाए घटा।।
मोरपंख कृष्ण धारण,
सृपों का करता अंत।
मोरनी चाल प्रसिद्ध,
गुण गाये कवि, संत।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ,हरियाणा
         गाय
गाय पालना भूल गये अब,
कुत्ते पालने का शौक बढा।
गाय का मलमूत्र काम का,
कुत्ते का दबाते खोद गड्ढा।।
अमृतसम वो दूध, घी देती,
भूल गया क्यों इंसान भला।
गाय पालेंगे हर घर घर पर,
ऐसा कोई अभियान चला।।
***डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा**

Sunday, November 23, 2025

 
   
     कामचोर
कभी नाम नहीं कमाते,
कामचोर जगत में सारे।
मेहनत से न जी चुराते,
हर जन को लगते प्यारे।।
काम कोई भी करते हो,
छोटा बड़ा नहीं समझते।
तन्मयता करते रहते जो,
वो ही जीवन में चमकते।।
***डा. होशियार सिंह
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा

   उपकार
भला कोई करता तुम्हारा,
मत भूलों उसका उपकार।
बुरा तुम्हारा करता है कोई,
बस झटपट करों बंटाधार।।
छोटा मिले गर तुम्हें कोई,
देना उसको जमकर प्यार।
दुष्ट अगर कोई मिले कहीं,




उससे ना करो आंखों चार।।
**होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा


Thursday, November 20, 2025

 
    इच्छा रह गई अधूरी




17 नवंबर 2010 की घटना,
पत्नी की हालात हुआ सुधार।
बोली घर की अपनाएंगे राह,
21 नवंबर शादी सालगिराह।।
घर पर मनाएंगे अब खुशियां,
बीते गये दिन अब दुख दर्द।
प्राण त्याग दिये उसी रात को,
बारिश हवा के झोंके चले सर्द।।
इच्छा रही वो अधर और दफन,
चली गई सुमन छोड़कर हमको।
ऐसे दुखो को कोई कैसे सह ले,
सालगिरह से मौत 4 दिन पहले।।
***डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा***

  होशियार के गुण
सीधा सादा जीवन जिनका,
साइकिल की करता सवारी।
कष्टों से वो नहीं जी चुराता,
ईमानदारी लगती सदा प्यारी।।
चौड़ी छाती चले सीना तान,
सादा जीवन बस ये पहचान।
जहां भी जाए यूं नाम कमाए,
चाहे लोग उनसे रहे अज्ञान।।
मेहनत कर कर नाम कमाया,
विश्व रिकार्ड बुक नाम पाया।
स्टेट अवार्डी शिक्षक है वो,
दुश्मन को भी गले लगाया।।
**डा. होशियार सिंह यादव
विश्व रिकार्डधारक, कनीना**

       सच-झूठ
सच को झूठ बताने वाले,
जग में मिलते कई हजार।
झूठ को सच मानने वाले,
नेता करते हैं चमचे तैयार।।
इंसान को इंसान मानते है,
सच्चे जन की हो पहचान।
इंसान को इज्जत नहीं करें,
धरा पर हैवान उसको मान।।
वक्त बदलता रहता जन का,
बुरे वक्त में देखे जाते लोग।
चंद लोग साथ खड़े मिलते,
कहलाता है जन का संयोग।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा***


Tuesday, November 18, 2025

 
             साथ



जितने दिन का साथ लिखा था
बस उतना ही साथ निभाया था।
आठ साल जीवनसंगिनी बनके,
हंस-हंसकर समय बिताया था।।
कभी नहीं अनबन हुई दोनों में,
समय उड़ चला पंख लगाकर।
तीन साल गंभीर रोग चला था,
बीता था समय बस रो-रोकर।।
जयपुर,एम्स,जालंधर ली दवाएं,
नहीं बचा पाए तुम्हारी भी जान।
पानी की तरह बहाये गये पैसे,
फिर भी लोग बैठे बन अज्ञान।।
**डा. होशियार सिंह यादव,
कनीना, महेंद्रगढ़, हरियाणा


     बिछुडऩे का गम
कितने आये कितने ही गये,
यह कथनी बड़ी पुरानी है।
पर एक बात दिल से पूछो,
बिछुडऩे पर कोई हानि है?
प्रिय अपना कोई बिछुडग़ा,
दर्द हिये में उठता है अपार।
जीत गये चाहे जग को वो,
फिर भी निश्चित होती हार।।
कोई जल्दी जग से न रूठे,
बुद्धि और बल बड़ी हानि।
अपना तो अपना होता सदा,
संत महात्माओं ने भी मानी।।
***डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा**


     सुमन
मन से सुमन कहलाती थी,
हर मन को बड़ा हर्षाती थी।
घर में खुशियां छा जाती थी,
जब सामने तुम आ जाती थी।।
मां को भी प्यारी लगती थी,
परिजन दिलों में बसती थी।
सास देखके प्रसन्न होती थी,
बिछुडऩे पर दर्द में रोती थी।।
जाने का दर्द दे गई जग में,
किसको अपनी बात सुनाये।
धोखा अब लगता जाने का,
दे गई लाखों दुख दर्द सजाएं।।
***डा. होशियार सिंह यादव
विश्व रिकार्डधारक,कनीना,हरि.


Sunday, November 16, 2025

      सुमन
मन से सुमन कहलाती थी,
हर मन को बड़ा हर्षाती थी।
घर में खुशियां छा जाती थी,
जब सामने तुम आ जाती थी।।
मां को भी प्यारी लगती थी,
परिजन दिलों में बसती थी।
सास देखके प्रसन्न होती थी,
बिछुडऩे पर दर्द में रोती थी।।
जाने का दर्द दे गई जग में,
किसको अपनी बात सुनाये।
धोखा अब लगता जाने का,
दे गई लाखों दुख दर्द सजाएं।।
***डा. होशियार सिंह यादव
विश्व रिकार्डधारक,कनीना,हरि.


नहीं भूला पाएंगे
यूं छोड़के जगत से जाना,
एक सपना सा लगता है।
15 साल बीत चुके अब,
खालीपन सा खलता है।।
आठ साल शादी को बीते,
मनहूस दिन वो आया था।
17 नवंबर 2019 को हमें,
जमकर तुमने रुलाया था।।
चले गये हमको छोड़कर,



पर हम नहीं तुम्हें भुलाएंगे।
जहां भी रहते हो स्वर्ग में,
एक दिन पास में आएंगे।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,जिला-महेंद्रगढ़,हरि.

Friday, November 14, 2025

 
                   याद
छोड़ गये अपने कभी,



                   आती है उनकी बड़ी याद।
अब वो मिल न सकते,
                  चाहे कर लो लाख फरियाद।।
याद आते वो दिन अब,
                    रहते थे जिनके कभी पास।
हवा चलती हैं सर्द तब,
                     उन्हें याद कर रुकती सांस।।
पर्व,खुशी जब आती हैं,
                     उनकी याद सताती रहती।
एक दिन पास आएंगे,
                   अन्तर आत्मा बस ये कहती।।
डा. होशियार सिंह यादव,  विश्व रिकार्डधारक
कनीना,जिला-महेंद्रगढ़, हरियाणा*******

                 अत्याचार
चार दिन की जिंदगी में,
                      करते लाखों अत्याचार,
खूब सताते दिलों को वे,
                     मौत के आगे होती हार।
कुछ खुद की खुशी हेतु,
                     कर देते जन जीना हराम,
पाप कर्म से भरा है दिल,
                      कैसे निकले जी हे राम।
परहित को चाहने वाले,
                      पा जाते हैं जग में नाम,
दुखों में दुखी मिलते हैं,
                      स्वर्ग मिलता उन्हें धाम।।
***डा. होशियार सिंह यादव,कनीना,हरियाणा



Wednesday, November 12, 2025

 



                   याद
छोड़ गये अपने कभी,
                   आती है उनकी बड़ी याद।
अब वो मिल न सकते,
                  चाहे कर लो लाख फरियाद।।
याद आते वो दिन अब,
                    रहते थे जिनके कभी पास।
हवा चलती हैं सर्द तब,
                     उन्हें याद कर रुकती सांस।।
पर्व,खुशी जब आती हैं,
                     उनकी याद सताती रहती।
एक दिन पास आएंगे,
                   अन्तर आत्मा बस ये कहती।।
डा. होशियार सिंह यादव,  विश्व रिकार्डधारक
कनीना,जिला-महेंद्रगढ़, हरियाणा*******


           गम
चला जाता है कोई अपना
वो याद बहुत ही आता है।
कोई उसे अवगुण याद करें,
कोई गुणों को भूल जाता है।।
चले जाने पर पता लगता है,
गुण और अवगुण थे हजार।
कोई उनको बुरा कहता सुने,
कोई उसको करता है प्यार।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा**

Monday, November 10, 2025

 

       कब जाना हो
पता नहीं कब जाना हो,
पूरे कर लो अपने काम।
धर्म, कर्म, परहित में जी,
वरना मिलेगा नरक धाम।।
बैरभाव लेकर जाता जब,
थू-थू करते देखे हैं लोग।
पर कुछ में गंदी आदतें हैं,
जो जगत का बुरा है रोग।।
***डा. होशियार सिंह
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा*


       कितने चले जाएंगे
कितने आये कितने चले जाएंगे,
किसी के रोके नहीं रुक पाएंगे।
आये हैं वो जाएंगे,फर्ज निभाएंगे,
कुछ खुशी तो कुछ गम दे जाएंगे।।
दिल दुखा ले, फिर नहीं आना है,
कैसा घमंड यहां,तुम्हें भी जाना


है।
धन की गठड़ी बांध सिर रख लेना,
सब कुछ छोड़ के यहां से जाना है।।
**डा. होशियार सिंह यादव,कनीना
विश्व रिकार्डधारक,महेंद्रगढ़,हरियाणा


Saturday, November 08, 2025

  

           सर्दी
सर्दी बढऩे लगी है अब,
तैयार करवा लो रिजाई।
गर्म चाय, गर्म खाना खा,
गोंद के लड्डू खा मलाई।।
गजक, मूंगफली, छुआरा,
स्वेटर से ढक लेना शरीर।
सर्दी,जुकाम लग गया तो,
सहनी पड़ेगी ये लंबी पीर।।
***डा. होशियार सिंह
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा


        हथियार
हिम्मत का हथियार पास में,
बस यूं आगे बढ़ते जाना है।
कृषक, धरा, मजदूर सम्मान,
मिलकर सबने दिलवाना है।
हिम्मत हार गया जो इंसान,
जीने का नहीं ठोर मिलेगा।
निज दम पे जो आगे बढ़ेगा,
बंजर धरा पर फूल खिलेगा।



***डा. होशियार सिंह यादव
कनीना, जिला-महेंद्रगढ़, हरि.

Thursday, November 06, 2025

                             

        चापलूस



चापलूस हो गये हैं लोग,
चढ़ा बड़ा चापलूसी रोग।
झूठी शान में जीते कितने,
पाप कर्म नित रहे हैं भोग।।
सच को कहना लगे बुरा,
मौका मिले घोंप देते छुरा।
सचाई की होती अब हार,
कल्कि करेंगे ये बेड़ा पार।।
**डा. होशियार सिंह यादव
विश्व रिकार्डधारक,कनीना
                 कीमत
झूठ बोल, चाहे धोखा दे ले,
जग कीमत चुकानी पड़ती है।
दिन बेचारा असहाय होता है,
जब रात कालिमा बढ़ती है।।
काले पर नहीं रंग चढ़ पाता,
चाहे कोई भी रंग चढ़ा लेना।
राख बने फिर हवा में उड़ती,
चाहे खूब जन को सता लेना।।
***होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा  
 

Tuesday, November 04, 2025

                      देव दीवाली
देवता भी देखने आते, दे


व दीवाली कहलाती,
कितनी प्राचीन परंपरा, हमको यही बतलाती।
पंचगंगाघाट पर 1915 में की गई ये शुरुआत,
हजारों दीये जलाये गये, दीवाली जैसे हालात।।
शिवभोले ने इस दिन,त्रिपुराराक्षक किया वध,
त्रिपुरारि कहलाये, समझ नहीं पाते लोग चंद।
देवों ने स्वर्गलोक में भी, जलाये थे दीप हजार,
काशी में लाखों दीप जले, गंगा स्नान से प्यार।।
***डा. होशियार सिंह यादव, कनीना***
जिला-महेंद्रगढ़,हरियाणा************* ***

               अंग्रेज आज भी हैं
कहते हैं अंग्रेज चले गये, जो सच्ची लगती बात है,
पर अंग्रेज आज भी हैं, लोगों को बांटने में हाथ है।
किसी की तारीफ करते हैं, किसी को बुरा कहते हैं,
ये कहीं दूर नहीं अपितु अपने समाज में ही रहते हैं।।
क,ख आता नहीं, व्यक्तित्व पर अंगुली उठाते देखे,
आकंठ भ्रष्टाचार में डूबे, दूसरे पर कीचड़ वो फेंके।
आएगा वो दिन भी, समाज इक दिन जाग जाएगा,
बचकर नहीं जाने देगा, बोटी तक नोचकर खाएगा।।
**डा. होशियार सिंह यादव,कनीना, हरियाणा

Sunday, November 02, 2025

 
               पापी
बुरा सुने और बुरा कहे,वो पापी जन कहलाते,
उल्टी सीधी बात करें वो अपना मन बहलाते।
घृणित होते लोग वो जन में पैदा करे भेदभाव,
इन लोगों की मझधार में डूबके रहती है नांव।।
सदा साफ बात जो करते उनके बैरी हो हजार,
नफरत से जन देखते जो देते जन जन को प्यार।
आपस में प्रीत करे जो बोलते हैं जो सुंदर वाणी,
क्षणभर की जिंदगी उड़े राख मिले पानी में पानी।
**डा. होशियार सिंह यादव, कनीना,महेंद्रगढ़

   गूंज उठी शहनाई
देव उठावनी एकादशी आई,
गूंज उठी हैं शहनाइयां आज।
सड़कों पर चलना दूभर हुआ,
दूल्हा-दुल्हन पहन रहे ताज।।
जुलाई 2026 तक हैं शादियां,
भीड़ भड़क्का से बचकर रहना।



समय पर शादी करना अच्छा,
संत और बुजुर्गों का है कहना।।
***डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,जिला-म.गढ़, हरियाणा


Friday, October 31, 2025

                             

 खुशियां बांटों
गम तो चलते चलते मिलता,
खुशियां मिलती है अति दूर।
रोते चेहरों को हंसा देंगे गर,
चेहरे पर खिल उठता है नूर।।
चार दिन जीकर जाना जगत,
फिर भूला देंगे स्वार्थी लोग।
धर्म कर्म की राह पकड़ ले,
वरना गम की दुनिया भोग।।
**होशियार,कनीना,हरियाणा

        आदत
ये आदत बन गई कमी निकालना,
बुरे वक्त अपनों को न पहचानना।
कुछ की तो आदत जहान में यारों,
सच बात को सच कभी न मानना।।
दूसरे की उन्नति पर वे रोते फिरते है
पाप अधर्म से वो कभी ना डरते हैं।
उनके लिए तो अल्प ज्ञान सहारा है,
वीर पुरुष इनके श्राप से न मरते हैं।।
***होशियार सिंह यादव,कनीना
महेंद्रगढ़, हरियाणा-123027


Wednesday, October 29, 2025

  तंज
आगे बढऩे वाले पर तंज कस


ते हजार,
मूर्ख,अधम,निशाचर से करो नहीं प्यार।
आगे बढऩे की खातिर,हरदम रहो तैयार,
टांग खिंचने वालों की होगी जरूर हार।।
उल्टा बोलने वाले भी, उल्टे टंग जाते हैं,
शांतभाव से रहने वाले,सदा नाम पाते हैं।
निज कर्म में लीन रहो,बदल जाएंगे लोग,
बुरे दिन आते रहते जीवन का यह संयोग।।
**होशियार सिंह यादव,कनीना,हरियाणा

             छठ मइया
छठ मइया की पूजा से होती मन्नत पूरी,
अजमाके तो देखिये इच्छा रहे न अधूरी।
तन मन सब साफ हो, रोग दोष हो दूर,
36 घंटों के व्रत से तन पर आता है नूर।।
कर्ण सा दानी करता था, सूर्य षष्ठी पर्व,
ऐसा योद्धा जग में नहीं, सुनकर हो गर्व।
पैराबैंगनी किरणों से बचना जरूरी आज,
व्रत तप जप करना, होगा जन जन नाज।।
***डा. होशियार सिंह यादव,कनीना
विश्व रिकार्डधारक, महेंद्रगढ़,हरियाणा



Monday, October 27, 2025

 
                     शमशान



मां बाप की कद्र नहीं
वो घर शमशान हो जाता है,
ऊंची आवाज औरत की
वो नरक के द्वार ले जाता है।
जहां मांस मदिरा पीते हैं
उस जगह पाप भर जाता है,
नियम कानून भंग करता
वो जन आतंकी बन जाता है।।
डा. होशियार सिंह यादव,कनीना
जिला-महेंद्रगढ़,हरियाणा*****

    छठ पूजा
अपार श्रद्धा दिखाई पड़ती,
छठ पूजा का पर्व निराला।
गोता लगाते अघ्र्य देते जब,
ध्यानमग्र बनके मतवाला।।
नर -नारी व्रत कर रहे अब,
28 अक्टूबर को होगा पूरा।
भक्ति जिसमें भरी अपार है,
सपना कभी रहे ना अधूरा।।
***डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा**

Saturday, October 25, 2025

            
                  बाजरा



वर्षा की मार पड़ी भारी,बाजरा हुआ खराब,
किसान फिरते मारे मारे, किससे कहे जनाब।
मंडी में सस्ता बिकता,कृषक यहां पर पिसता,
सरकारी भाव मिले न,बेचारा जूते ही घिसता।।
आशा सारी धूमिल हुई,मिला नहीं कोई लाभ,
क्या क्या सपने संजोये,धूल में मिले हैं ख्वाब।
हारकर खेत में लगा, सरसों की कर दी तैयारी,
कितनेे ही दर्द जहां दे,खेती फिर भी लगे प्यारी।।
***डा. होशियार सिंह यादव,कनीना*****
विश्व रिकार्डधारक, जिला-महेंद्रगढ़,हरियाणा


              छठ पूजा
सूर्य उपासना का पर्व आया,
कर्ण भी उपासक कहलाया।
राजपाट भी वापस मिला था,
श्रीकृष्ण ने द्रोपदी बतलाया।।
धन धान्य से जन परिपूर्ण हो,
खुशियों की आ जाये बारात।
गम खुशियों में बदल जाएंगे,
छठ पूजा व्रत करो दिन रात।।
***डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा****

Thursday, October 23, 2025

              भैया दूज



अटूट प्रेम भाई और बहना,
कहते आये बुजुर्ग और संत।
नहीं प्रेम गर दोनों में समझो,
समाज बंधनों का हुआ अंत।।
यम यमी जैसा प्रेम कहलाए,
भैया दूज का यह पर्व बताए।
सदियों से चली आई ये प्रथा,
पर्व की खुशी दिल में बसाये।।
***डा. होशियार सिंह यादव
विश्व रिकार्डधारक,कनीना,हरि.

       मोबाइल क्रांति
कूड़ा बीनने वाला देख रहा मोबाइल,
गाय,भैंस चराने वाला देख रहा भाव।
टायलेट में बैठा करे दोस्तों को प्रणाम,
ठगी करने वाला चकता रहता है दाव।।
गीत गाने वाली मोबाइल में ढूंढे गीत,
कितने बहके मोबाइल पर छोड़ते घर।
जंगल,पहाड़ कहीं भी बस खुश इंसान,
पुलिस को फोन करें नहीं रहा अब डर।।
***डा. होशियार सिंह यादव,कनीना
जिला-महेंद्रगढ़,हरियाणा**********



Tuesday, October 21, 2025

 
 
                 अन्नकुट पर्व
गोवर्धन पर्वत उठाया, गोकुल सारा नीचे आया,
इंद्र के कोप से बचाया, श्रीकृष्ण की यही माया।
गायों की सेवा की, गोपालक जग में कहलाया,
धूप में तपते जो प्राणी, उनको देता वो ही छाया।।
विष्णु के दस अवतार, श्रीकृष्ण रूप प्रमुख माना,
धर्म की कर स्थापना,कान्हा रूप में सबने जाना।
गौमाता की सेवा करने,लिया कृष्ण रूप अवतार,
नजर उठाकर देख लो, पूरी सृष्टि का वो आधार।
***डा. होशियार सिंह यादव, कनीना,महेंद्रगढ़
       विश्व रिकार्डधारक, हरियाणा*******


           दीपावली
जल उठे हैं दीप, घर और आंगना,
खुशियों की बारात,चेहरों पर आज।
मीठा खा रहे ,नमकीन की है आश,
दिल में उमंग,उभर रहे हैं कई राज।।
पटाखे, फुलझड़ी, कहीं चले राकेट,
रंग बिरंगी लडिय़ों की, देखो बहार,
रसगुल्ले,गुलाबजामुन,खा लो चमचम।
शहीदों को कर याद,बुजुर्ग आशीर्वाद,



खुशियों में डूब जाओ,भुला दो गम।।
***होशियार सिंह यादव,कनीना
जिला-महेंद्रगढ़,हरियाणा******

       

Saturday, October 18, 2025

 
                  ऐसे लोग



पाड्डी ऊंट चोरी करते थे,अब ईंट पत्थर उठाते हैं,
अवैध कब्जा कर रास्तों पे,ऊंचे मकान बनाते हैं।
मर्दों को घर बुला-बुलाकर,बच्चे पैदा करवाते हैं,
नामर्दों की भांति रह,बस अपनी शान बचाते हैं।।
बिजली पानी चोरी करके, दानी खूब कहाते हैं,
बैनर बोर्ड राह में लगा,नेता संग हाथ मिलाते हैं।
घर में सत्संग भजन करा, गैरों की ईंट चुराते हैं,
अपनी बीवी से दूर रहे, गैरों से आंख लड़ाते हैं।।
***डा. एचएस यादव,विश्व रिकार्डधारक
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा*************

       दीप जलाए
उन निर्धन के घर दीप जलाएं,
रोटी को तरसते जो नन्हें बच्चे।
एक पीस मिठाई खिला देना है,
बच्चे मन के सदा मिलते सच्चे।।
अनाप शनाप रोटी मिले खराब,
मुस्टंडे पीते जहां खड़े हो शराब।
बांट दो गरीबों में भोजन व पानी,
क्यों नशा चढ़ा धन का जनाब।।
***होशियार सिंह यादव,कनीना
महेंद्रगढ़, हरियाणा

Thursday, October 16, 2025

 

             धन तेरस
आखिर आया धन तेरस त्योहार,
लाओ बर्तन भर लो अमृतधार।
धन्वंतरि की याद दिलाता दिन,
पर्व लेकर आया अनहद प्यार।।
हर घर से खरीदते हैं नया बर्तन,
चाहत होती है अमृत हर इंसान।
मेहनत करके जो कुछ मिलता,
समझ लो उसको ही अमृतधार।।
***होशियार सिंह यादव,कनीना
महेंद्रगढ़,हरियाणा********
     विश्वास
कर्म फल में विश्वास कर, कुछ तो दाता से डर,
नाम कमा ले जगत में, फिर तो इस धरा पे मर।
पाप कर्मों का फल बुरा, ऐसा करता वो दुष्ट नर,
सब कुछ छोड़के जाना पड़ता,बस दाता के घर।।
शिक्षा देते कितने ही पर, अमल करें वो इंसान,
किसी के हित को भूल गया, कहते उसे अज्ञान।
जन्मों के चक्कर में पड़कर,बन जाता जन अंजान,
कौन है तू, क्या करना तुझको,अब तो पहचान।।


Tuesday, October 14, 2025

 नाम कमाओ
ऐसे कर्म करो जग में, हो मात पिता का नाम,
परहित,धर्म कर्म करो, जीवन बन जाये धाम।
पाप कर्म करने वालों, कभी नहीं यूं इतराना,
याद रहे एक न एक दिन,आती अंतिम शाम।।
किस्मत में मिले जिंदगी, कर लो सुंदर काम,
नीच और बुरे कर्म से, होता है जन बदनाम।
आज नहीं तो कल को, जाना है हर इंसान,
ऐसे कर्म कर लेना जग, बन जाये पहचान।।
***डा. होशियार सिंह यादच, कनीना
विश्व रिकार्र्डधारक, महेंद्रगढ़,हरियाणा


               फ्राड
आनलाइन अब बढ़ गये, कितने ही फ्राड,
पकड़कर ऐसे लोगों को,धरती में दो गाड़।
सामान के नाम पर भेजते हैं रोड़ा व पत्थर,
खोलकर अपना पैकेट आते कितने चक्कर।।
आया है मोबाइल युग,फ्राड़ बढ़ते ही जाये,
लोग बात करते हुए भी, कितने ही कतराये।
रोकर,हंसकर बात करे,कर देते हैं फिर दगा,
ठगों के लिए पराये हैं,कोई नहीं जगत सगा।।
*डा. होशियार सिंह यादव,विश्व रिकार्उधारक
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा***********

          अब तो आ गोपाल
पैर काट चांदी ले गये,वो जघन्य अपराध किया,
ये यहीं देश मेरा है,जहां शिव ने कालकूट पिया।
धन की खातिर जान लेते, पल में हत्या करते हैं,
घोर अपराधों से दुष्ट, लेशमात्र भी नहीं डरते हैं।।
अपने ही अपनों का यूं तों, खून करते देखे जाते,
लाखों पाप करते मिलते, वो जग में नाम कमाते।
अब तो आ गोपाला, मन मंदिर दर्द उठा है आज,
राक्षसों को मार दे दाता, हर जन को होगा नाज।।
***डा. होशियार सिंह यादव,कनीना,महेंद्रगढ़
विश्व रिकार्डधारक, शिक्षा के क्षेत्र में,हरियाणा*


Sunday, October 12, 2025

                 रंग रोगन
रंग रोगन में लगे हुए हैं, दिवाली


की दस्तक,
साफ सफाई कर लेना,मां को करो नतमस्तक।
दीवाला निकल जाता,फिर भी त्योहार पर गर्व,
आतिशबाजी करते, हिंदुओं का यह महापर्व।।
बाजारों में रौनक बढ़ी है,गंदगी भरी हैं मिठाई,
घर की मिठाई खाना, वरना होगी जन हंसाई।
सोच समझकर खरीददारी कर,वरना पछताना,
लक्ष्मी मां अरदास करूं, मेरे घर में आ जाना।।
**डा. होशियार सिंह यादव,कनीना
जिला-महेंद्रगढ़, हरियाणा


  अब तो आ गोपाल
पैर काट चांदी ले गये,वो जघन्य अपराध किया,
ये यहीं देश मेरा है,जहां शिव ने कालकूट पिया।
धन की खातिर जान लेते, पल में हत्या करते हैं,
घोर अपराधों से दुष्ट, लेशमात्र भी नहीं डरते हैं।।
अपने ही अपनों का यूं तों, खून करते देखे जाते,
लाखों पाप करते मिलते, वो जग में नाम कमाते।
अब तो आ गोपाला, मन मंदिर दर्द उठा है आज,
राक्षसों को मार दे दाता, हर जन को होगा नाज।।
***डा. होशियार सिंह यादव,कनीना,महेंद्रगढ़
विश्व रिकार्डधारक, शिक्षा के क्षेत्र में,हरियाणा*

Friday, October 10, 2025

             करवा चौथ



सुपति की कामना ले, करती युवती व्रत,
अब तो पुरुष व्रत करें समझो क्या अर्थ।
खांडसारी के करवे खाये,ऐसा है विधान,
रात 8:13 पर चांद दिखे, बढ़ जाए शान।।
करवा चौथ कहानी सुने,स्त्री लगती प्यारी,
चांद को अध्र्य देकर, प्रसन्न मिलती नारी।
सज धजकर व्रत खोलती,पीती खूब पानी,
कितने कष्ट सहे औरत, सुनो जरा कहानी।।
***डा. होशियार सिंह यादव,कनीना
महेंद्रगढ़,हरियाणा*************

   आराधना
अर्घ दिया जब चांद को, हुई आराधना पूरी,
सम्मुख चांद को देखकर, इच्छा रही अधूरी।
अगले जन्म तुम पति बनो,पत्नी बनूं तुम्हारी,
दुनियां याद रखेगी, ऐसी जोड़ी बने हमारी।।
त्याग तपस्या देखकर, पति को आया याद,
हाथ जोड़कर की याचना, और की फरियाद।
हे दाता, इन्हें बनाना मेरी पत्नी,ये है अरदास,
ऐसी पत्नी कहा मिलेगी,जो आती मुझे रास।।
***होशियार सिंह यादव कनीना
महेंद्रगढ़,हरियाणा**********


Wednesday, October 08, 2025

 




         शरद पूर्णिमा
16 कलाओं का चंद्रमा,दे रहा आवाज,
शरद पूर्णिमा के चांद में, भरे हुये राज।
दर्शन जरूर कर लो,ऊर्जा तन भर जाए,
सर्दी के मौसम में, स्वास्थ्य सुख पाये।
चांद के प्रकाश में, खीर बनाकर रखो,
सुबह खाली पेट, प्रसाद रूप में चखो।
पा लेना आशीर्वाद,गुरु,बुजुर्ग और संत,
कष्टों में राहत मिले,नहीं हो जल्द अंत।।
***डा. होशियार सिंह यादव,कनीना
विश्व रिकार्डधारक,महेंद्रगढ़,हरियाणा*

              लूट
दीपावली पर्व आ गया, मच गई है लूट,
नकली माल बिक रहा, कहते भारी छूट।
मिठाई घटिया बिकेंगी,प्रशासन बना मौन,
जहर जमकर खाएंगे, रोके जहर को कौन।
आनलाइन ठगी चले, मानवता जाये भाग,
यूं ही चलता देश में, कितने अलापते राग।
भ्रष्ट लोग, भ्रष्ट अधिकारी आंखें लेते फेर,
पैसे पाकर लोग तो, मारकर जन करे ढेर।।
***डा. होशियार सिंह यादव,कनीना
महेंद्रगढ़, हरियाणा-9306300700

Monday, October 06, 2025

 




      सबक
मरते दम तक याद रहे जो,
उन्हें ऐसा पाठ पढ़ा देना।
देशद्रोही जो भारत देश के,
नरक का राह दिखा देना।।
हत्या,बलात्कारी, गुंडों को,
फांसी की सजा सुना देना।
आंख उठाकर देख रहे जो,
उन्हें नानी याद दिला देना।।
***डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा***


                 वर्षा
जीवन का आधार है,कृषक करता प्यार है,
खूब वर्षा फसल बढ़े,बढ़ जाता व्यापार है।
कभी बाढ़ आती है तो सब कुछ बह जाता,
कितने जीवों को शरण,करता यह उद्धार है।।
सूखा पड़ता जब कभी, त्राहि त्राहि करते हैं,
गहरा पानी देखकर, हर जन जीवन डरता है।
गंगा का जल पूजा जाये,अमृत सा कहलाए,
प्रदूषित जल बन जाए,तो मौत का आधार है।।
***डा. होशियार सिंह यादव,कनीना
विश्व रिकार्डधारक, महेंद्रगढ़, हरियाणा****

Saturday, October 04, 2025

                  साथी
जिंदगी घटती जा रही,कौन


किसी का साथी,
कोई भूख सेे मर रहा,कोई बैठके जाये हाथी।
धन की चाहत में, अपने करे अपनों का खून,
बुरा वक्त जब आ पड़े, घर में न मिलेगा चून।
बुरे वक्त में काम आये, सच्चा मान लो दोस्त,
स्वार्थी देते साथ जब तक मिलेगा धन-पोस्त।
कौन किसी को चाहे,नहीं चाहे निज बेटा बेटी,
नेता उनको चाहेगा जो भर देता वोट की पेटी।।
***डा. होशियार सिंह यादव,कनीना,महेंद्रगढ़
  विश्व रिकार्डधारक, हरियाणा**********
     मतलब
मतलब का संसार है,
बिन मतलब मिले दूर।
मतलब की चाहत में,
खाए आटे संग में बूर।।
मतलब हो तो दोस्त हैं,
बिन मतलब मिले दूर।
निकला मतलब देखिये,
कितना मिलता है गरुर।।
**होशियार सिंह,कनीना
महेंद्रगढ़,हरियाणा


Wednesday, October 01, 2025


 

              खुशियां
छीन जाती हैं खुशियां, बस्तों के बोझ तले,
मां बाप छुटकारा पाने को,भेज देते स्कूल।
अबोध जाते वैन में, कैसे हो पाये विकास,
बड़े होने पर समझते, क्या हुई इनकी भूल।।
अनावश्यक पढऩा पड़े, खा लेते कई फांसी,
जितना ज्ञान दिया दाता, उतना आगे बढेगा।
ज्ञान तो प्रकृति की देन, शिक्षा नहीं है दासी,
जिसका मन जिस क्षेत्र में,उसमें आगे बढ़ेगा।।
***होशियार सिंह यादव,कनीना,महेंद्रगढ़
विश्व रिकार्डधारक, हरियाणा********

                रावण
अभिमान में होता अंत,चाहे रावण या हो संत,
दस शीश रावण हो या फिर हो शीश अनन्त।
स्वाभिमान हो हनुमत सा, सफल हो हर बार,
पाप, घृणा छोड़कर, अब आवाज करो बुलंद।।
हिम्मत का हथियार हो, शांत रहो जैसे श्रीराम,
एकाग्र रहना सीखो, लगे की कोई बैठा धाम।
कितने पापी, राक्षस गये,कोई करता नहीं याद,
परहित,देव गुणों से ही जग में पा सकता नाम।।
**डा. होशियार सिंह यादव,कनीना,महेंद्रगढ़
विश्व रिकार्डधारक, हरियाणा******