भगवान भला करे
अभी ट्रेन चलने ही वाली थी कि डब्बे में एक महिला सवार हुई और सीट पर बैठते ही उनकी नजर सिगरेट पी रहे जन पर पड़ी। महिला ने उक्त व्यक्ति को सिगरेट बंद करने की प्रार्थना की। व्यक्ति मान गया किंतु अभी पास में बैठे एक अन्य व्यक्ति ने बीड़ी सुलगा ली। महिला ने उससे प्रार्थना की किंतु व्यक्ति ने गुस्से में कहा-तुम कहीं और बैठ जाओ। बीड़ी पर पैसे लगे हैं वो तो प्रयोग करूंगा। महिला ने पास के डब्बे में बैठना चाहा किंतु वहां भी एक व्यक्ति सिगरेट पी रहा था। महिला ने उनकी सिगरेट बंद करवाई तो दूसरे ने सुलगा ली। परेशान महिला डब्बे से नीचे उतरते हुए कहने लगी-खूब पीओ, भगवान तुम लोगों का भला करें।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
अभी ट्रेन चलने ही वाली थी कि डब्बे में एक महिला सवार हुई और सीट पर बैठते ही उनकी नजर सिगरेट पी रहे जन पर पड़ी। महिला ने उक्त व्यक्ति को सिगरेट बंद करने की प्रार्थना की। व्यक्ति मान गया किंतु अभी पास में बैठे एक अन्य व्यक्ति ने बीड़ी सुलगा ली। महिला ने उससे प्रार्थना की किंतु व्यक्ति ने गुस्से में कहा-तुम कहीं और बैठ जाओ। बीड़ी पर पैसे लगे हैं वो तो प्रयोग करूंगा। महिला ने पास के डब्बे में बैठना चाहा किंतु वहां भी एक व्यक्ति सिगरेट पी रहा था। महिला ने उनकी सिगरेट बंद करवाई तो दूसरे ने सुलगा ली। परेशान महिला डब्बे से नीचे उतरते हुए कहने लगी-खूब पीओ, भगवान तुम लोगों का भला करें।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
No comments:
Post a Comment