बदलाव
डीजे के सामने जहां हरियाणवीं गाना 'पानी ने चालीÓ गाना बज रहा था और महिलाएं घूंघट हटाकर वो नृत्य कर रही थी कि देखने से ही बनता था। उधर से गुजरने वाला प्रत्येक राहगीर नृत्य को देखकर खोया खोया सा नजर आ रहा था। नृत्य देखने वालों में बाबा रामचंद्र भी एक था जिसकी उम्र 90 वर्ष से अधिक थी। नृत्य को देखकर रामचंद्र के मुख से निकला-वाह! बदलाव आ गया। कभी महिलाएं घूंघट के चक्कर में बड़ों के सामने बोलती तक नहीं थी किंतु अब तो वो नृत्य करती हैं कि बड़ी से बड़ी हीरोइन भी गच्चा खा जाए। सचमुच देश बदल रहा है। बुजुर्ग खुशी खुशी आगे बढ़ गया।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
डीजे के सामने जहां हरियाणवीं गाना 'पानी ने चालीÓ गाना बज रहा था और महिलाएं घूंघट हटाकर वो नृत्य कर रही थी कि देखने से ही बनता था। उधर से गुजरने वाला प्रत्येक राहगीर नृत्य को देखकर खोया खोया सा नजर आ रहा था। नृत्य देखने वालों में बाबा रामचंद्र भी एक था जिसकी उम्र 90 वर्ष से अधिक थी। नृत्य को देखकर रामचंद्र के मुख से निकला-वाह! बदलाव आ गया। कभी महिलाएं घूंघट के चक्कर में बड़ों के सामने बोलती तक नहीं थी किंतु अब तो वो नृत्य करती हैं कि बड़ी से बड़ी हीरोइन भी गच्चा खा जाए। सचमुच देश बदल रहा है। बुजुर्ग खुशी खुशी आगे बढ़ गया।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
No comments:
Post a Comment