सरसों
फूल गई है सरसों पीली,
ठंडी पवन दिल दे चीर।
तितली,भंवरे मंडरा रहे,
मिटा रहे तन मन पीर।।
कृषक प्रसन्न नजर आते,
होली के दिन नहीं दूर।
मेले फाग खेलने आतुर,
मादकता से आये नूर।।
**होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा
गोंद के लड्डू
आ गये दिन सेहत के,
बना लो गोंद के लड्डू।
ड्राई फ्रूट डालो जमकर,
खाये रामू,श्यामू,डड्डू।।
दूध के संग खाना इन्हें,
सर्दी के ये होते उपहार।
सेहत बने जवानी आए,
सेहत जीवन का आधार।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा

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