Friday, October 10, 2025

             करवा चौथ



सुपति की कामना ले, करती युवती व्रत,
अब तो पुरुष व्रत करें समझो क्या अर्थ।
खांडसारी के करवे खाये,ऐसा है विधान,
रात 8:13 पर चांद दिखे, बढ़ जाए शान।।
करवा चौथ कहानी सुने,स्त्री लगती प्यारी,
चांद को अध्र्य देकर, प्रसन्न मिलती नारी।
सज धजकर व्रत खोलती,पीती खूब पानी,
कितने कष्ट सहे औरत, सुनो जरा कहानी।।
***डा. होशियार सिंह यादव,कनीना
महेंद्रगढ़,हरियाणा*************

   आराधना
अर्घ दिया जब चांद को, हुई आराधना पूरी,
सम्मुख चांद को देखकर, इच्छा रही अधूरी।
अगले जन्म तुम पति बनो,पत्नी बनूं तुम्हारी,
दुनियां याद रखेगी, ऐसी जोड़ी बने हमारी।।
त्याग तपस्या देखकर, पति को आया याद,
हाथ जोड़कर की याचना, और की फरियाद।
हे दाता, इन्हें बनाना मेरी पत्नी,ये है अरदास,
ऐसी पत्नी कहा मिलेगी,जो आती मुझे रास।।
***होशियार सिंह यादव कनीना
महेंद्रगढ़,हरियाणा**********


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