साथी
जिंदगी घटती जा रही,कौन
किसी का साथी,
कोई भूख सेे मर रहा,कोई बैठके जाये हाथी।
धन की चाहत में, अपने करे अपनों का खून,
बुरा वक्त जब आ पड़े, घर में न मिलेगा चून।
बुरे वक्त में काम आये, सच्चा मान लो दोस्त,
स्वार्थी देते साथ जब तक मिलेगा धन-पोस्त।
कौन किसी को चाहे,नहीं चाहे निज बेटा बेटी,
नेता उनको चाहेगा जो भर देता वोट की पेटी।।
***डा. होशियार सिंह यादव,कनीना,महेंद्रगढ़
विश्व रिकार्डधारक, हरियाणा**********
मतलब
मतलब का संसार है,
बिन मतलब मिले दूर।
मतलब की चाहत में,
खाए आटे संग में बूर।।
मतलब हो तो दोस्त हैं,
बिन मतलब मिले दूर।
निकला मतलब देखिये,
कितना मिलता है गरुर।।
**होशियार सिंह,कनीना
महेंद्रगढ़,हरियाणा

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