Tuesday, October 14, 2025

 नाम कमाओ
ऐसे कर्म करो जग में, हो मात पिता का नाम,
परहित,धर्म कर्म करो, जीवन बन जाये धाम।
पाप कर्म करने वालों, कभी नहीं यूं इतराना,
याद रहे एक न एक दिन,आती अंतिम शाम।।
किस्मत में मिले जिंदगी, कर लो सुंदर काम,
नीच और बुरे कर्म से, होता है जन बदनाम।
आज नहीं तो कल को, जाना है हर इंसान,
ऐसे कर्म कर लेना जग, बन जाये पहचान।।
***डा. होशियार सिंह यादच, कनीना
विश्व रिकार्र्डधारक, महेंद्रगढ़,हरियाणा


               फ्राड
आनलाइन अब बढ़ गये, कितने ही फ्राड,
पकड़कर ऐसे लोगों को,धरती में दो गाड़।
सामान के नाम पर भेजते हैं रोड़ा व पत्थर,
खोलकर अपना पैकेट आते कितने चक्कर।।
आया है मोबाइल युग,फ्राड़ बढ़ते ही जाये,
लोग बात करते हुए भी, कितने ही कतराये।
रोकर,हंसकर बात करे,कर देते हैं फिर दगा,
ठगों के लिए पराये हैं,कोई नहीं जगत सगा।।
*डा. होशियार सिंह यादव,विश्व रिकार्उधारक
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा***********

          अब तो आ गोपाल
पैर काट चांदी ले गये,वो जघन्य अपराध किया,
ये यहीं देश मेरा है,जहां शिव ने कालकूट पिया।
धन की खातिर जान लेते, पल में हत्या करते हैं,
घोर अपराधों से दुष्ट, लेशमात्र भी नहीं डरते हैं।।
अपने ही अपनों का यूं तों, खून करते देखे जाते,
लाखों पाप करते मिलते, वो जग में नाम कमाते।
अब तो आ गोपाला, मन मंदिर दर्द उठा है आज,
राक्षसों को मार दे दाता, हर जन को होगा नाज।।
***डा. होशियार सिंह यादव,कनीना,महेंद्रगढ़
विश्व रिकार्डधारक, शिक्षा के क्षेत्र में,हरियाणा*


No comments: