Tuesday, December 23, 2025

 

         जयनारायण
गायों की सेवा की, जीवन रांझा पाली का,
बांसुरी जब बजाते,ध्यान भंग हो हाली का।
लाठी,पटा के वार से, दुष्ट डर से कांपते थे,
ललाट चमकता ऐसा,ताकत लोग भांपते थे।।
36 वर्ष हो गये बिछुड़े,याद बहुत सताती है,
कनीना शहर में गली,उनका नाम जताती है।
वार्ड-1 में अब,जैनिया की दुकान कहाती है,
ऐसे-ऐसे लोग हुए,कान्हा की माटी बताती है।।
**डा. होशियार सिंह यादव,कनीना*****
विश्व रिकार्डधारक,महेंद्रगढ़,हरियाणा*****

    जयनारायण
जाने वाले कहां जाते हैं,
कोई बता नहीं पाया है।
एक दिन जाना होता है,
जग लगा हुआ तांता है।।
दर्द जीवनभर का देते हैं,
सिर्फ यादें बच जाती है।
वो ऐसी करनी कर गये,
दुनिया सदा ही गाती हैं।।
*होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा








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