इच्छा रह गई अधूरी
17 नवंबर 2010 की घटना,
पत्नी की हालात हुआ सुधार।
बोली घर की अपनाएंगे राह,
21 नवंबर शादी सालगिराह।।
घर पर मनाएंगे अब खुशियां,
बीते गये दिन अब दुख दर्द।
प्राण त्याग दिये उसी रात को,
बारिश हवा के झोंके चले सर्द।।
इच्छा रही वो अधर और दफन,
चली गई सुमन छोड़कर हमको।
ऐसे दुखो को कोई कैसे सह ले,
सालगिरह से मौत 4 दिन पहले।।
***डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा***
होशियार के गुण
सीधा सादा जीवन जिनका,
साइकिल की करता सवारी।
कष्टों से वो नहीं जी चुराता,
ईमानदारी लगती सदा प्यारी।।
चौड़ी छाती चले सीना तान,
सादा जीवन बस ये पहचान।
जहां भी जाए यूं नाम कमाए,
चाहे लोग उनसे रहे अज्ञान।।
मेहनत कर कर नाम कमाया,
विश्व रिकार्ड बुक नाम पाया।
स्टेट अवार्डी शिक्षक है वो,
दुश्मन को भी गले लगाया।।
**डा. होशियार सिंह यादव
विश्व रिकार्डधारक, कनीना**
सच-झूठ
सच को झूठ बताने वाले,
जग में मिलते कई हजार।
झूठ को सच मानने वाले,
नेता करते हैं चमचे तैयार।।
इंसान को इंसान मानते है,
सच्चे जन की हो पहचान।
इंसान को इज्जत नहीं करें,
धरा पर हैवान उसको मान।।
वक्त बदलता रहता जन का,
बुरे वक्त में देखे जाते लोग।
चंद लोग साथ खड़े मिलते,
कहलाता है जन का संयोग।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा***


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