Monday, November 10, 2025

 

       कब जाना हो
पता नहीं कब जाना हो,
पूरे कर लो अपने काम।
धर्म, कर्म, परहित में जी,
वरना मिलेगा नरक धाम।।
बैरभाव लेकर जाता जब,
थू-थू करते देखे हैं लोग।
पर कुछ में गंदी आदतें हैं,
जो जगत का बुरा है रोग।।
***डा. होशियार सिंह
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा*


       कितने चले जाएंगे
कितने आये कितने चले जाएंगे,
किसी के रोके नहीं रुक पाएंगे।
आये हैं वो जाएंगे,फर्ज निभाएंगे,
कुछ खुशी तो कुछ गम दे जाएंगे।।
दिल दुखा ले, फिर नहीं आना है,
कैसा घमंड यहां,तुम्हें भी जाना


है।
धन की गठड़ी बांध सिर रख लेना,
सब कुछ छोड़ के यहां से जाना है।।
**डा. होशियार सिंह यादव,कनीना
विश्व रिकार्डधारक,महेंद्रगढ़,हरियाणा


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