Tuesday, October 21, 2025

 
 
                 अन्नकुट पर्व
गोवर्धन पर्वत उठाया, गोकुल सारा नीचे आया,
इंद्र के कोप से बचाया, श्रीकृष्ण की यही माया।
गायों की सेवा की, गोपालक जग में कहलाया,
धूप में तपते जो प्राणी, उनको देता वो ही छाया।।
विष्णु के दस अवतार, श्रीकृष्ण रूप प्रमुख माना,
धर्म की कर स्थापना,कान्हा रूप में सबने जाना।
गौमाता की सेवा करने,लिया कृष्ण रूप अवतार,
नजर उठाकर देख लो, पूरी सृष्टि का वो आधार।
***डा. होशियार सिंह यादव, कनीना,महेंद्रगढ़
       विश्व रिकार्डधारक, हरियाणा*******


           दीपावली
जल उठे हैं दीप, घर और आंगना,
खुशियों की बारात,चेहरों पर आज।
मीठा खा रहे ,नमकीन की है आश,
दिल में उमंग,उभर रहे हैं कई राज।।
पटाखे, फुलझड़ी, कहीं चले राकेट,
रंग बिरंगी लडिय़ों की, देखो बहार,
रसगुल्ले,गुलाबजामुन,खा लो चमचम।
शहीदों को कर याद,बुजुर्ग आशीर्वाद,



खुशियों में डूब जाओ,भुला दो गम।।
***होशियार सिंह यादव,कनीना
जिला-महेंद्रगढ़,हरियाणा******

       

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