Monday, December 01, 2025


            तीतर
जंगल में मिलने वाला,
गोरे रंग का तीतर होता।
कर रहे हैं शिकार लोग,
अपने दर्द को यह रोता।।
कीटों को खाने वाला है,
किसान का रखवाला है।
करों सुरक्षा इनकी प्यारे,
उस दाता ने इसे पाला है।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा**

  बंदर
उत्पाती जग में बंदर कहलाता,
फल,अंडे,मांस,रोटी खा जाता।
पेड़ पौधों का कहते है दुश्मन,
खिर-खिर करके लोग डराता।।
पानी की टंकियों में हग जाता,
घटिया जानवर यह कहलाता।
लाखों रुपये का करें नुकसान,
निज बच्चे को पीठ पे सजाता।।
***डा. होशियार सिंह यादव
कनीना, महेंद्रगढ़,  हरियाणा


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