Thursday, October 23, 2025

              भैया दूज



अटूट प्रेम भाई और बहना,
कहते आये बुजुर्ग और संत।
नहीं प्रेम गर दोनों में समझो,
समाज बंधनों का हुआ अंत।।
यम यमी जैसा प्रेम कहलाए,
भैया दूज का यह पर्व बताए।
सदियों से चली आई ये प्रथा,
पर्व की खुशी दिल में बसाये।।
***डा. होशियार सिंह यादव
विश्व रिकार्डधारक,कनीना,हरि.

       मोबाइल क्रांति
कूड़ा बीनने वाला देख रहा मोबाइल,
गाय,भैंस चराने वाला देख रहा भाव।
टायलेट में बैठा करे दोस्तों को प्रणाम,
ठगी करने वाला चकता रहता है दाव।।
गीत गाने वाली मोबाइल में ढूंढे गीत,
कितने बहके मोबाइल पर छोड़ते घर।
जंगल,पहाड़ कहीं भी बस खुश इंसान,
पुलिस को फोन करें नहीं रहा अब डर।।
***डा. होशियार सिंह यादव,कनीना
जिला-महेंद्रगढ़,हरियाणा**********



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