कुत्ता
रखवाली करें घर, परिवार,
परिजन से वो करता प्यार।
एक टुकड़ा रोटी का मिले,
फिर संघर्ष को मिले तैयार।।
अब तो कुत्ते हो गये महंगे,
चलता है कुत्तों का व्यापार।
इंसान से कद्र अधिक मिले,
घातक होती है इसकी लार।।
*डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा
बैल
होती थी कद्र कभी बैल की,
आज नहीं कोई उन्हें पूछता।
ट्रैक्टर से करे किसान जुताई,
रास्ता कोई नहीं अब सूझता।।
दो बैलों की जोड़ी देखते तो,
प्रसन्नता मन चेहरे पर आती।
कृषक सिर गर्व से ऊंचा हो,
अन्न के भंडार माटी उपजाती।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा**

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