अद्भुत अनुभूति-दो
कनीना से खाटूश्याम धाम तक नेमी सिंह शिक्षक के ग्रुप के संग जाने का मौका मिला। यूं तो मैं कई वर्षों से खाटू श्याम धाम जा रहा हूं किंतु इस बार श्याम कुंड में जाकर आचमन करने, श्याम वाटिका देखने का मौका मिला वहीं अपना निशान दस मार्च को खाटू श्याम को अर्पित किया उस वक्त अद्भुत अनुभूति का अहसास हुआ। बाबा के दर्शन करने में करीब पांच घंटे लगे। वो क्षण सदा सदा याद रहेगा। सौभाग्यवश खाटू श्याम के दर्शन इतनी करीब से करने का मौका मिला वह भी करीब दो मिनट तक। मैं गदगद हो गया। इस वर्ष सबसे बेहतर अहसास हुआ। आशा के साथ कि बाबा की कृपा यूं ही बनी रहे। उस क्षण के कुछ छायाचित्र संलग्र हैं।
-होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
कनीना से खाटूश्याम धाम तक नेमी सिंह शिक्षक के ग्रुप के संग जाने का मौका मिला। यूं तो मैं कई वर्षों से खाटू श्याम धाम जा रहा हूं किंतु इस बार श्याम कुंड में जाकर आचमन करने, श्याम वाटिका देखने का मौका मिला वहीं अपना निशान दस मार्च को खाटू श्याम को अर्पित किया उस वक्त अद्भुत अनुभूति का अहसास हुआ। बाबा के दर्शन करने में करीब पांच घंटे लगे। वो क्षण सदा सदा याद रहेगा। सौभाग्यवश खाटू श्याम के दर्शन इतनी करीब से करने का मौका मिला वह भी करीब दो मिनट तक। मैं गदगद हो गया। इस वर्ष सबसे बेहतर अहसास हुआ। आशा के साथ कि बाबा की कृपा यूं ही बनी रहे। उस क्षण के कुछ छायाचित्र संलग्र हैं।
-होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
अद्भुत अनुभूति-एक
चार मार्च को महाशिवरात्रि के दिन जहां कनीना से बाघेश्वरी धाम (बाघोत) तक सुमेर सिंह चेयरमैन कनीना 40 कांवड़ लाने वाले के संग पदयात्रा कर भारी भीड़ में स्वयंभू शिवलिंग का जलाभिषेक करने का मौका मिला उस वक्त अद्भुत अनुभूति का अहसास हुआ था। वो क्षण सदा सदा याद रहेगा।
-होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
चार मार्च को महाशिवरात्रि के दिन जहां कनीना से बाघेश्वरी धाम (बाघोत) तक सुमेर सिंह चेयरमैन कनीना 40 कांवड़ लाने वाले के संग पदयात्रा कर भारी भीड़ में स्वयंभू शिवलिंग का जलाभिषेक करने का मौका मिला उस वक्त अद्भुत अनुभूति का अहसास हुआ था। वो क्षण सदा सदा याद रहेगा।
-होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**



























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