मां
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मां जगत में प्यारी होती
उसकी हो निराली शान
कोई भी पैदा होता जब
मां बना दे उसको महान,
जान लुटा दे पल भर में
नहीं डरे किसी काल से
हर हाल में प्रसन्न रहती
न झुके जग की चाल से,
प्रभु से बढ़कर नाम होता
मां ऐसी है ममता की मूर्त
बेशक बाप दगा दे जाए
माता नहीं निकलती धूर्त,
बार बार नमन देवी को
एक बार तू दर्शन दे दे मां
यही आखिरी विनती हैं
माता करना इनकार तू ना,
जहां भी रहो सुख से रहो
कभी हम भी पास आएंगे
धरती के उपकार तेरे मां
जीवन में कभी न भूलाएंगे।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
ताऊ ताई संवाद
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ताई बोली ताऊ से.....
समाज में वो बहुत बोलते
जिनको नहीं कोई जानता
उल्टे,सीधे, नीच,पापी को
पूरा जग ही अच्छा मानता।
ताऊ बोला ताई से........
घर में चूहे कलाबाजी करे
वो ही साहूकार कहलाते हैं
जिनकी घर में कोई कद्र ना
वो समाज में धाक जमाते हैं,
डरपोक,कायर जगत में जन
कहलाते हैं सदा शेर जवान
जिनको समाज ठुकरा देता
उनकी होती है निराली शान।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
विचारधारा
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राम अपने साथी श्याम से चलभाष पर वार्ता कर रहे थे और सहसा वे बात करते करते लड़की एवं लड़कों की चर्चा पर आ पहुंचे। राम ने श्याम से कहा-बच्चियों को चाहे समाज कितना ही क्यों ने दबाना चाहे फिर भी वो अपना नाम कमा जाती है। बच्चियां इसलिए तो महान हैं। तभी श्याम ने राम से कहा-चाहे लड़की को खाना न दे, चाहे म_ा पीने को दे तो भी वो हट्टी कट्टी बन जाती है किंतु इससे उलट लड़कों को चाहे दिनभर बेहतर खाना दे किंतु वे फिर भी कमजोर रहते हैं। श्याम के विचार सुनकर राम ने कहा-तुम्हारी विचारधा
रा सत्य है किंतु लड़कियों के विषय में ऐसा बोलना शोभा नहीं देता।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**



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