ताऊ बोला ताई से ***************************************
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हंसना
अति कठिन जग में हंसना
है कठिन दिल में बसना
चलते चलते इन राहों में
कुछ का काम बचा डसना,
बहुत सरल दुख को देना
पर कठिन पर दर्द को लेना
जब चाहे दुख दर्द दे सकते
संत, कबीर का यही कहना,
जहां देखो रोते जन मिलते
होठ फूलों से नहीं खिलते
खूब दरार दिलों में डालते
खुशी हो दिल गर मिलते,
आओ खुलकर आज हंसे
पता नहीं कल क्या हो जाए
आज हंसी से दिन बीतेगा
कल का दिन शुभ आएगा।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
परिणाम
राजू को आज प्रसन्नता थी कि उनका परिणाम बेहतर आया। सैकड़ों बार किसी नौकरी के लिए आवेदन किया था किंतु हर बार असफलता हाथ लगी थी किंतु इस बार उन्हें सफलता मिली। मारे खुशी के पूला नहीं समा रहा था। यद्यपि आर्थिक हालात बेहतर नहीं थे फिर भी इसी खुशी को लेकर उन्होंने अपनी पहली तनख्वाह गरीब बच्चों को देने का निर्णय लिया। उसके माता पिता ने कहा कि गरीबों को खाना खिलाने से मन प्रसन्न रहता है। गरीब खाना खाकर उन्हें आशीर्वाद देंगे। राजू की हर तरफ तारीफ हो रही थी। यह दूसरों के लिए प्रेरणा थी।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
ताऊ ताई संवाद
ताई बोली ताऊ से....
बहुत दिन बीत गए है
हंसना तक भूल गए हैं
अपनों के दुख दर्द सहे
कितने फांसी झूल गए।
ताऊ बोला ताई से......
सचमुच हंसना भूले हैं
कैसे जग में हंस पाएंगे
परायों से कैसी उम्मीद
अपने ही दर्द दे जाएंगे,
हंसी दिवस आ गया है
ये लो खुलकर हंस ले
दुश्मनों से बचकर रहना
ना जाने नाग से डस ले।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
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हंसना
अति कठिन जग में हंसना
है कठिन दिल में बसना
चलते चलते इन राहों में
कुछ का काम बचा डसना,
बहुत सरल दुख को देना
पर कठिन पर दर्द को लेना
जब चाहे दुख दर्द दे सकते
संत, कबीर का यही कहना,
जहां देखो रोते जन मिलते
होठ फूलों से नहीं खिलते
खूब दरार दिलों में डालते
खुशी हो दिल गर मिलते,
आओ खुलकर आज हंसे
पता नहीं कल क्या हो जाए
आज हंसी से दिन बीतेगा
कल का दिन शुभ आएगा।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
परिणाम
राजू को आज प्रसन्नता थी कि उनका परिणाम बेहतर आया। सैकड़ों बार किसी नौकरी के लिए आवेदन किया था किंतु हर बार असफलता हाथ लगी थी किंतु इस बार उन्हें सफलता मिली। मारे खुशी के पूला नहीं समा रहा था। यद्यपि आर्थिक हालात बेहतर नहीं थे फिर भी इसी खुशी को लेकर उन्होंने अपनी पहली तनख्वाह गरीब बच्चों को देने का निर्णय लिया। उसके माता पिता ने कहा कि गरीबों को खाना खिलाने से मन प्रसन्न रहता है। गरीब खाना खाकर उन्हें आशीर्वाद देंगे। राजू की हर तरफ तारीफ हो रही थी। यह दूसरों के लिए प्रेरणा थी।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
ताऊ ताई संवाद
ताई बोली ताऊ से....
बहुत दिन बीत गए है
हंसना तक भूल गए हैं
अपनों के दुख दर्द सहे
कितने फांसी झूल गए।
ताऊ बोला ताई से......
सचमुच हंसना भूले हैं
कैसे जग में हंस पाएंगे
परायों से कैसी उम्मीद
अपने ही दर्द दे जाएंगे,
हंसी दिवस आ गया है
ये लो खुलकर हंस ले
दुश्मनों से बचकर रहना
ना जाने नाग से डस ले।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
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