Saturday, January 25, 2020

फुर्र 
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तीन बच्चों का बाप ठेले पर बर्गर आदि क्या बेचने शुरू किए बेहतर कमाई कर डाली और उसने तो अपनी जमीन भी बेच भारी राशि जोड़ ली। अधिक धन की आवक कभी कभी आफत बन ही जाती है। ऐसे में उसने तो अपने घर के पास किराए पर रहने वाली प्रदेशी महिला से क्या चक्कर छेड़ा कि पांच बच्चों की मां पर ही दिल आ गया। रातोंरात दोनों फुर्र हो गए। जो कोई घटना को सुनता कहता-डूब गए। दोनों परिवारों के तीन से पांच बच्चों का क्या दोष था जो उन्हें छोड़ भाग गए। डूबना ही था तो ये बच्चे क्यों डूबो दिए।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**



    पिता
कठिन जीवन पिता का
जो कंधों  पर ढोता भार
कभी बच्चों की देखरेख
कभी डांटता कभी प्यार,
बच्चों की हर खुशी को
दिनरात करता  वो काम
कभी नहीं खुद की सोचे
नहीं चाहिए उसको नाम,
दुख देखके सूखता कांटा
अलविदा कभी करे टाटा
दिल पर  रख लेता भाटा
ङ्क्षचता बढ़े जब नहीं आटा,
बहुत कठिन उसकी डगर
पसीनों से  रहता तर बतर
हर कठिनाई में वो हंसता
बोलता रहता वो हर हर।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**



मतदाता दिवस
18 वर्ष का जो हो जाए
डाल सकता अपना वोट
अच्छे का करके  चुनाव
बुरे नेता को मार  दे टोंट,
चाहे किसी  धर्म का हो
चाहे कोई उसका  लिंग
वोट अधिकार मिलता है
रंक हो चाहे हो वो किंग,
भारत देश  का  लोकतंत्र
देता उसे  सारे  अधिकार
चाहे उसकी  उम्र 2 वर्ष
चाहे उम्र  उसकी  हजार,
वोट डालने जाना चाहिए
वोट से  चुनों सशक्त नेता
वो नेता मंत्री बन जाए तो
कष्ट वोटर के  मिटा देता।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**


ताऊ ताई संवाद
ताई बोली ताऊ से............
वोटर दिवस आज मनाएंगे
और मनाए गणतंत्र दिवस
छोड़ो बुराई  एक दूजे की
व्यर्थ बातों  में क्या है रस।
ताऊ बोला ताई से..........
80 साल का  आज हुआ
सौ साल  पूरे कर जाऊंगा
वोट डालकर नेता चुनकर
धरा से रुखसत हो जाऊंगा,
करनी सदा साथ चलती है





बढिय़ा काम  कर जाऊंगा
ला गया तो लाख पुकारना
मैं लौटके कभी न आऊंगा।
**होाियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**

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