ताऊ ताई संवाद
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ताई बोली ताऊ से.....
नृत्य चला मन हुआ विभोर
गणतंत्र की ऐसी धूम मची
संविधान हमारा सुदृढ़ बना
कैसी सुंदर प्रस्तावना रची।
ताऊ बोला ताई से........
वीरों की कुर्बानी रंग लाई
तभी देश में आजादी आई
नेताजी, आजाद हिंद फौज
ऐसी एक खलबली मचाई,
कभी गोली तो कभी फांसी
कई देशभक्तों ने लहु बहाई
कुर्बानी पर कुर्बानी देकर के
भारत देश में आजादी आई।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
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ताई बोली ताऊ से.....
नृत्य चला मन हुआ विभोर
गणतंत्र की ऐसी धूम मची
संविधान हमारा सुदृढ़ बना
कैसी सुंदर प्रस्तावना रची।
ताऊ बोला ताई से........
वीरों की कुर्बानी रंग लाई
तभी देश में आजादी आई
नेताजी, आजाद हिंद फौज
ऐसी एक खलबली मचाई,
कभी गोली तो कभी फांसी
कई देशभक्तों ने लहु बहाई
कुर्बानी पर कुर्बानी देकर के
भारत देश में आजादी आई।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**




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