Saturday, January 25, 2020

मारे 
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मरे नहीं, उन्हें मारे
आगे बढ़े नहीं हारे
फांसी पर चढ़ गए
वीर देशभक्त हमारे,
खून से सींच धरती
दुश्मन मार  गिराए
निज  कुर्बानी देकर
शत्रु भी खूब हराए,
संगीनों से  लड़कर
सींची  भारत माता
जब तक धरा रहेगी
गूंजेंगी उनकी गाथा,
नमन  शहीद  वीरों
तुम दे  गए कुर्बानी
चले गए आजादी दे
बंद कर दी मनमानी।
**होाियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**




दुश्मन को मारूंगा

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मां से कह रहा बेटा
मां मैं मारूंगा दुश्मन
पिता शहीद हो गया
लडऩे को करता मन,
बेशक छोटा सा तन
हौसले रखता बुलंद
हिम्मत नहीं हारूंगा
जब शत्रु करेंगे द्वंद्व,
सौगंध  मां मुझे तेरी
आंसू  पोंछ दूंगा तेरे
पीछे कभी न हटूंगा
चाहे गोली लगे मेरे,
आएगी  मेरी  लाश
उस पर होगा तिरंगा
नमन करेंगे जगवाले
नहीं होगा कोई दंगा।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
 





दर्द बया

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एक एक गोली खाई थी
खून से लथपथ था सीना
याद आती उन वीरों की
जिनका बहा खून पसीना,
आह उफ कह नहीं पाए
दुश्मन की सीना पर वार
मरते दम तक रक्षा करके
मानी नहीं  कभी भी हार,
मां बहनों की याद संजोए
पिता का लेकर आशीर्वाद
धरती मां का  तिलक कर
आजादी की छेड़ी जिहाद,
मर मरकर हो गए  अमर
बिलखने  लगे बच्चे नारी
आजादी प्यारी देकर गए
याद रखेंगे प्रतिज्ञा तुम्हारी।
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होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**

 


आजादी 

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लाडले ने अपनी मां को अंतिम पत्र लिखा था कि मां मेरी एक ही चाहत है कि भारत को आजादी मिले। जब तक आजादी नहीं मिलेगी तब तक वो अपने घर को नहीं लौटकर आएंगे। डाक से पत्र आया और उधर बेटे की लाश घर पर आई। मां ने बेटे के पास बिलखते हुए पूछा-बेटा, वो आजादी कहां है? मैं तो उस आजादी की राह तक रही थी मुझे क्या मालूम था कि आजादी की बजाया तुम्हारी लाश आएगी। मां के आंसू पोंछने से भी नहीं समाप्त हो रहे थे।
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होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**

ताऊ ताई संवाद 

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ताई बोली ताऊ से.......
मुश्किल से मिली थी आजादी
फिर लिखा  गया था संविधान
दूध दही की  नदियां बहती है
इसलिए कहलाए भारत महान।
ताऊ बोला ताई से................
लाठी, गोली, भाला, जेल सब
जीवन भर झेल झेल चले गए
जब यह  आजादी  मिली तब
चेहरे सभी नजर आए नए नए,
आजादी पश्चात  बना संविधान
सजाई थी हर  पन्ने पर तस्वीर
254  होल्डरों से  लिखा इसको
कितनी ही 








झेली  थी उन्हें पीर।
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होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
 

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