Wednesday, January 15, 2020


खुल गए स्कूल    कविता 
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ताऊ ताई संवाद
ताई बोली ताऊ से.....
कहां गए देशभक्त अब
देश रक्षा में देते थे जान
देश  जिनसे महान बना
पूरे जगत में ऊंची शान।
ताऊ बोला ताई से......
देशद्रोही  बढ़ते जा रहे
कर दे देश को बदनाम
अपना घर भरे  धन से
नहीं उन्हें है और काम,
फिर देश में आएगा वो
बनाएगा देश को महान
ईश्वर स्वरूप शान होती
बैर भाव  मिटाना काम।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**

         भूख
औरत बार बार चिल्ला रही थी कि उनके ये आभूषण नकली हैं किंतु डाकू उनके पैरों से चांदी जैसे चमकते गहने निकालने के लिए उसके पैरों पर जोर लगाकर निकालने का प्रयास कर रहे थे। कानों से खून पड़ रहे थे क्योंकि उसके कानों से बाला खिंचकर उखाड़ लिए थे। कोई बुजुर्ग महिला को छुड़ाने वाला नजर नहीं आ रहा था। बेचारी हाय तौबा करती रही और उसके पैरों से गहने निकाल ले गए। पैसों की भूख ने बुजुर्ग महिला का बदहाल कर दिया। आने जाने वाले महिला को देखकर आगे बढ़ रहे थे किंतु कोई उसे सहारा देने वाला नजर नहीं आ रहा था। सभी बस एक ही बात कह रहे थे कि पैसों की भूख ने बुरा हाल कर दिया।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**


      खुल गए स्कूल
20 दिन अवकाश बीते
अब खुल गए हैं स्कूल
मन करके  शिक्षा पाना
ना करना कोई भी भूल,
शिक्षा पाना अधिकार है
शिक्षा फूल समान गहना
हमेशा शिक्षा पाते रहना
गुरुजनों का यही कहना,
माता पिता को नमन करे
गुरुजनों  का आदर भाव
ऐसा कोई काम कर जाए
नाम हो जाए देश व गांव,
लो मिलकर  चले स्कूल
स्कूल हमको  पुकार रहा
देश में नाम कमाएंगे हम
शिक्षा की बहे बयार वहां।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**

       जल
आओ बादल नभ पर
बरसने दो  अब पानी
फसल खड़ी पुकारती
नहीं होगी कोई हानि,
किसान  पुकार रहे है
कहां खो  गए बादल
तुम अगर  नहीं बरसे
नहीं चलेगा खेत हल,
नदियां पुकार  रही है
प्यास हमारी  बूझाओ
अति इंतजार करवाया
जमकर जल बरसाओ,
फसल अगर  पैदा हो




खुशहाल होंगे किसान
अन्न अधिक पैदा होगा
बढ़ जाएगी देश शान।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**

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